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Bihar Weather Today: बिहार में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 18 जिलों में बारिश-वज्रपात का अलर्ट; 13-15 अगस्त को बढ़ेगी बारिश की रफ्तार

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Weather News | बिहार में मानसून फिर सक्रिय, 18 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, 13 से 15 अगस्त के बीच भारी बारिश के आसार।

पटना, 9 अगस्त। आलम की खबर:बिहार में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है और अब मौसम विभाग ने अगले कई दिनों के लिए खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 9 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक बिहार में 9 से 12 अगस्त तक अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। वहीं 13 से 15 अगस्त के बीच राज्य में बारिश की गतिविधि और व्यापक होने तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 

आज यानी रविवार को राज्य के कई जिलों में बारिश के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात का खतरा बना हुआ है। खास तौर पर बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल के अलावा उत्तर-पूर्वी और पूर्वी बिहार के कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, खगड़िया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, जमुई और बांका में भी बारिश तथा आकाशीय बिजली की गतिविधियां परेशानी बढ़ा सकती हैं।

मौसम विभाग के ताजा राज्य स्तरीय चेतावनी पेज पर 9 अगस्त को बिहार के लिए भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी दर्ज है। 10, 11 और 12 अगस्त को भी गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी रहने की बात कही गई है। इसके बाद 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश के साथ फिर से आंधी और वज्रपात की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। 15 अगस्त के लिए भी बिहार में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बताई गई है। 

13 से 15 अगस्त के बीच ज्यादा सक्रिय रहेगा मौसम

मौसम के लिहाज से आने वाले दिन बिहार के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। आईएमडी के सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार 9 से 12 अगस्त के दौरान बिहार में छिटपुट से लेकर अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं 13 से 15 अगस्त के बीच राज्य में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। 

इसका असर सामान्य जनजीवन के साथ खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में पहले से मौजूद पानी के बीच लगातार बारिश होने पर जलजमाव की स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

पटना समेत कई इलाकों में बदला मौसम

राजधानी पटना में भी पिछले दिनों बारिश के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिला है। बारिश के बाद उमस से परेशान लोगों को राहत मिली है। कई इलाकों में दिन के समय बादलों की आवाजाही बनी रही और रुक-रुककर बारिश का दौर देखने को मिला।

मानसून की सक्रियता का असर केवल पटना तक सीमित नहीं है। उत्तर बिहार, सीमांचल, कोसी, पूर्वी बिहार और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग समय पर बदल सकता है। कहीं हल्की बारिश हो सकती है तो कहीं तेज बौछारों के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

वज्रपात को लेकर विशेष सावधानी जरूरी

बारिश के साथ सबसे बड़ा खतरा आकाशीय बिजली का है। मौसम विभाग ने बिहार में 9 से 15 अगस्त तक अलग-अलग दिनों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। 9 अगस्त के लिए बिहार में भारी बारिश के साथ थंडरस्टॉर्म, बिजली और तेज हवा की गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे, बिजली के खंभों तथा ऊंची और असुरक्षित जगहों पर जाने से बचना चाहिए। बारिश के दौरान अगर घर से बाहर हों तो सुरक्षित स्थान पर शरण लेना ज्यादा बेहतर है। किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है।

सामान्य से कम बारिश के बीच सक्रिय हुआ मानसून

बिहार में इस मानसून सीजन में बारिश का वितरण सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहा है। कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कई जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। यही वजह है कि आने वाले दिनों की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है।

हालांकि बारिश का फायदा तभी होगा जब उसका वितरण संतुलित रहे। बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी भरने, सड़कों पर जलजमाव और निचले इलाकों में परेशानी बढ़ने का खतरा रहता है। दूसरी ओर लंबे अंतराल के बाद होने वाली सामान्य बारिश धान समेत खरीफ फसलों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

उत्तर और पूर्वी बिहार पर भी नजर

उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों में मानसून की सक्रियता का असर खास तौर पर देखा जा सकता है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और मधेपुरा जैसे जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। भागलपुर, मुंगेर, जमुई और बांका में भी मौसम के तेजी से बदलने की संभावना है।

दक्षिण-पश्चिम बिहार में बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल जैसे जिलों के लिए भी मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा। इन इलाकों में बारिश की कमी के बीच अगर अच्छी बारिश होती है तो किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन तेज आंधी और वज्रपात के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी।

15 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान से यह संकेत मिल रहा है कि बिहार में मौसम अभी पूरी तरह साफ होने वाला नहीं है। 9 से 12 अगस्त तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं, जबकि 13 से 15 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना और मजबूत होती दिखाई दे रही है। आईएमडी के 9 अगस्त के बुलेटिन में 15 अगस्त तक बिहार में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों का पूर्वानुमान दिया गया है। 

इसलिए अगले कुछ दिनों में बिहार के लोगों को मौसम के बदलते रुख पर नजर रखनी होगी। खासकर यात्रा करने वाले लोगों, किसानों, खुले में काम करने वाले मजदूरों और नदी या जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

आलम की खबर की अपील: बारिश के दौरान मौसम विभाग की चेतावनी को नजरअंदाज न करें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और पानी वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें।

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बारिश जरूरी, लेकिन मौसम की मार से बचाव भी जरूरी

बिहार की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन में मानसून की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। धान की खेती से लेकर जलस्रोतों और भूजल तक, बारिश का सीधा असर राज्य के बड़े हिस्से पर पड़ता है। ऐसे में सामान्य से कम बारिश वाले इलाकों के लिए मानसून की सक्रियता निश्चित तौर पर राहत की खबर है। लेकिन बारिश का दूसरा पहलू भी है।

जब बारिश कम होती है तो किसान परेशान होते हैं और जब अचानक बहुत ज्यादा बारिश होती है तो जलजमाव, फसल नुकसान और यातायात की समस्या सामने आने लगती है। इसके साथ बिहार में वज्रपात हर मानसून में एक गंभीर खतरा बना रहता है। इसलिए मौसम की सूचना केवल तापमान या बारिश की खबर नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी भी है।

सरकारी एजेंसियों को निचले इलाकों, जलजमाव वाले क्षेत्रों और कमजोर तटबंधों पर निगरानी बढ़ानी चाहिए। बिजली गिरने की आशंका वाले मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों तक समय पर चेतावनी पहुंचाना भी जरूरी है। दूसरी ओर आम लोगों को भी मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेना होगा।

मानसून को रोका नहीं जा सकता, लेकिन सावधानी से उसके नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आने वाले दिनों में बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, इसलिए राहत की उम्मीद के साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।

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