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Patna News: जस्टिस वी. कामेश्वर राव होंगे पटना हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस, कॉलेजियम ने की सिफारिश

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Alam Ki Khabar | Patna News | Bihar News | सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। जानिए उनके न्यायिक करियर और कानूनी विशेषज्ञता से जुड़ी पूरी जानकारी।

पटना, 10 अगस्त। आलम की खबर: पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर जल्द बदलाव होने वाला है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। 6 अगस्त को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता में हुई कॉलेजियम की बैठक में यह सिफारिश की गई।

कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब नियुक्ति की अगली प्रक्रिया केंद्र सरकार के स्तर पर पूरी होगी। मंजूरी मिलने और औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद जस्टिस वी. कामेश्वर राव पटना हाईकोर्ट की कमान संभालेंगे।

पटना हाईकोर्ट के लिए यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जस्टिस राव को लंबे न्यायिक अनुभव के साथ सेवा, श्रम, प्रशासनिक और संवैधानिक कानून के मामलों की गहरी समझ रखने वाला न्यायाधीश माना जाता है।

1991 में शुरू किया था वकालत का सफर

जस्टिस वी. कामेश्वर राव का जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से भूगोल में बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने कानून की शिक्षा हासिल की और मार्च 1991 में दिल्ली बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया।

वकालत के शुरुआती दौर में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण यानी CAT में विभिन्न मामलों की पैरवी की। उनका कानूनी अनुभव दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। मद्रास हाईकोर्ट और कलकत्ता हाईकोर्ट की पोर्ट ब्लेयर सर्किट बेंच में भी उन्होंने मामलों की पैरवी की।

लगातार बढ़ते अनुभव और कानूनी विशेषज्ञता के चलते जनवरी 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया।

2013 में बने दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश

न्यायिक क्षेत्र में जस्टिस वी. कामेश्वर राव की औपचारिक शुरुआत दिल्ली हाईकोर्ट से हुई। 17 अप्रैल 2013 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 18 मार्च 2015 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश बना दिया गया।

दिल्ली हाईकोर्ट में लंबे समय तक न्यायिक जिम्मेदारी निभाने के बाद उनका तबादला कर्नाटक हाईकोर्ट किया गया। 1 जून 2024 को उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।

कर्नाटक हाईकोर्ट में भी उन्हें महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी मिली। 30 मई 2025 को वे वहां कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बने। इसके कुछ समय बाद 21 जुलाई 2025 को उनकी वापसी दिल्ली हाईकोर्ट में हुई।

सेवा और श्रम कानून में विशेष पकड़

जस्टिस वी. कामेश्वर राव को सेवा कानून और श्रम कानून से जुड़े मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। इसके अलावा प्रशासनिक कानून, संवैधानिक कानून और मध्यस्थता से जुड़े मामलों में भी उनका लंबा अनुभव रहा है।

वकील के तौर पर उन्होंने सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों और विभिन्न स्वायत्त संस्थाओं का अदालत में प्रतिनिधित्व किया। इससे सरकारी सेवा और संस्थागत विवादों से जुड़े मामलों में उनकी विशेषज्ञता विकसित हुई।

पटना हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनका यह अनुभव न्यायिक प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

पटना हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश बनने की तैयारी

कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद जस्टिस वी. कामेश्वर राव पटना हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। उनका प्रस्तावित कार्यकाल करीब एक वर्ष का बताया जा रहा है।

इससे पहले जस्टिस मीनाक्षी मदन राय ने 5 जून 2026 को पटना हाईकोर्ट की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। उनके 11 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस सुधीर सिंह को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी दी गई।

अब जस्टिस वी. कामेश्वर राव के नाम की सिफारिश के बाद पटना हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

बिहार की न्यायिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका

पटना हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश का पद न्यायिक प्रशासन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। अदालत में बड़ी संख्या में संवैधानिक, प्रशासनिक, आपराधिक, सेवा और अन्य महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई होती है। ऐसे में मुख्य न्यायाधीश की भूमिका केवल न्यायिक सुनवाई तक सीमित नहीं रहती, बल्कि अदालत के प्रशासनिक कामकाज और विभिन्न पीठों के कार्यों के समन्वय में भी महत्वपूर्ण होती है।

जस्टिस वी. कामेश्वर राव को दिल्ली और कर्नाटक हाईकोर्ट में काम करने का व्यापक अनुभव है। इसके अलावा कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी निभाने का अनुभव भी उनके न्यायिक करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अब सबकी नजर केंद्र सरकार की मंजूरी और नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया पर है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पटना हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल जाएगा और जस्टिस वी. कामेश्वर राव बिहार की न्यायिक व्यवस्था की नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

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न्यायिक अनुभव से बढ़ेंगी जिम्मेदारियां

जस्टिस वी. कामेश्वर राव का करियर वकालत से शुरू होकर दिल्ली हाईकोर्ट, कर्नाटक हाईकोर्ट और कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के पद तक पहुंचा है। पटना हाईकोर्ट में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने अदालत के प्रशासन और न्यायिक कार्यों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।

पटना हाईकोर्ट में लंबित मामलों का प्रभावी निपटारा, सुनवाई की प्रक्रिया को बेहतर बनाना और न्यायिक प्रशासन को सुचारु रखना मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल रह सकता है।

कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब अंतिम नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही जस्टिस वी. कामेश्वर राव की पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति औपचारिक रूप से पूरी होगी।

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