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Bihar weather News: बिहार में आज बदलेगा मौसम, 12 जिलों में बारिश का अलर्ट; 40 KM की रफ्तार से चल सकती है हवा, वज्रपात का खतरा

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Alam Ki Khabar | Bihar News | बिहार में आज कई जिलों में बारिश और तेज हवा का अलर्ट है। चंपारण समेत उत्तर बिहार के 12 जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना, वज्रपात को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह।

पटना, 16 अगस्त। बिहार में रविवार को मानसून एक बार फिर उत्तर बिहार के कई हिस्सों में सक्रिय नजर आ सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के 12 जिलों में बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर-पश्चिम बिहार के पांच जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा सात जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर तेज हवा चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान में हवा की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे में खुले स्थानों, खेतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के आसपास रहने से बचने की जरूरत है। वज्रपात के दौरान लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पटना केंद्र की वेबसाइट पर जिला-स्तरीय चेतावनी और अबकास्ट सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

चंपारण से सीवान तक भारी बारिश की संभावना

उत्तर-पश्चिम बिहार में रविवार को मौसम का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई देने की संभावना है। पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण के साथ गोपालगंज, सीवान तथा सारण में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और तेज हवा चलने की स्थिति बन सकती है।

मौसम की यह गतिविधि अगले कुछ दिनों तक भी बनी रह सकती है। 17 से 19 अगस्त के बीच उत्तर बिहार के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मानसून के इस चरण में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और वायुमंडलीय परिस्थितियां उत्तर बिहार में बारिश को बढ़ावा दे सकती हैं।

उत्तर बिहार में जहां मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई दे रही हैं, वहीं दक्षिण बिहार में बारिश का प्रभाव फिलहाल उतना व्यापक नहीं रहने का अनुमान है। हालांकि मौसम में बदलाव की स्थिति को देखते हुए दक्षिणी जिलों में भी स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।

पटना में बादल छाए रहने के आसार

राजधानी पटना में रविवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। तापमान में भी बहुत अधिक बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। रविवार को पटना का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

आने वाले दिनों में पटना के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने का अनुमान है। 17 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं 18 और 19 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

शनिवार को मोतिहारी रहा सबसे गर्म

शनिवार को बिहार के कई हिस्सों में तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मोतिहारी में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा और यह राज्य का सबसे गर्म प्रमुख शहर रहा।

इसके बाद कैमूर में 35.4 डिग्री, छपरा और पूर्णिया में 35 डिग्री, पटना में 34.5 डिग्री और भागलपुर में 34.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बारिश और बादल की गतिविधियां बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में कुछ कमी देखने को मिल सकती है।

खराब मौसम में क्या सावधानी बरतें?

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली की स्थिति में पेड़ के नीचे खड़ा होना भी सुरक्षित नहीं माना जाता। बिजली चमकने और गरज की आवाज सुनाई देने पर खुले मैदान, तालाब, नदी या खेत से निकलकर सुरक्षित पक्के स्थान पर जाना बेहतर है।

तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़, होर्डिंग, बिजली के पोल और जर्जर इमारतों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को भी मौसम साफ होने तक विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

बिहार में मानसून के इस दौर में बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, लेकिन तेज हवा और वज्रपात जैसी मौसमी घटनाएं जोखिम भी बढ़ाती हैं। इसलिए बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए मौसम चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है।

मौसम की स्थानीय स्थिति में बदलाव संभव है। इसलिए लोगों को अपने जिले के लिए जारी ताजा मौसम चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए और प्रशासन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।

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मौसम का बदला मिजाज, सावधानी सबसे जरूरी

बिहार में मानसून का सक्रिय होना खेती और जलस्रोतों के लिहाज से राहत की खबर हो सकती है, लेकिन तेज बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात का खतरा आम लोगों की चिंता बढ़ाता है। खासकर उत्तर बिहार के उन जिलों में जहां भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां लोगों को मौसम को सामान्य मानकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

बारिश के समय अक्सर लोग पेड़, बिजली के खंभे या अस्थायी दुकानों के नीचे खड़े हो जाते हैं। यही लापरवाही कई बार जानलेवा साबित हो सकती है। मौसम विभाग की चेतावनी का उद्देश्य केवल बारिश की जानकारी देना नहीं, बल्कि संभावित खतरे से लोगों को समय रहते सचेत करना भी है।

प्रशासन और स्थानीय स्तर पर भी जरूरी है कि जलजमाव वाले इलाकों, कमजोर सड़कों, निचले क्षेत्रों और बिजली व्यवस्था पर नजर रखी जाए। ग्रामीण इलाकों में किसानों को भी गरज-चमक के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए।

मानसून बिहार की अर्थव्यवस्था और खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए बारिश को लेकर राहत और खतरे—दोनों पहलुओं को साथ समझना होगा। मौसम खराब हो तो थोड़ी देर रुक जाना किसी भी जल्दबाजी से बेहतर है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें।

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