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Saran News: 8 साल के प्रेम संबंध का हुआ सुखद अंत, परिवार की सहमति से मंदिर में एक-दूजे के हुए प्रेमी जोड़े

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Saran News | पानापुर में करीब आठ साल से प्रेम संबंध में रहे युवक-युवती की शादी परिवार की सहमति से ठाकुरबाड़ी मंदिर में हुई। पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों की मध्यस्थता के बाद दोनों परिवार विवाह के लिए राजी हुए।

सारण, 16 अगस्त। बिहार के सारण जिले के पानापुर में वर्षों पुराने प्रेम संबंध का आखिरकार सुखद अंत हुआ। करीब आठ-नौ साल से एक-दूसरे के साथ रहने का सपना देख रहे 23 वर्षीय युवती और 26 वर्षीय युवक ने परिवार की सहमति के बाद मंदिर में शादी कर ली। दोनों परिवारों के बीच विवाद की स्थिति बनने के बाद पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों ने पहल करते हुए बातचीत कराई, जिसके बाद परिजनों ने रिश्ते को स्वीकार कर लिया।

शुक्रवार रात पानापुर प्रखंड मुख्यालय स्थित थाना भवन के सामने ठाकुरबाड़ी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए। विवाह के दौरान पुलिसकर्मी और पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने शादी की रस्मों में सहयोग करने के साथ नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।

आठ साल से चल रहा था प्रेम संबंध

बताया जाता है कि बनियापुर प्रखंड के देवलखा भिट्ठी गांव की 23 वर्षीय युवती और पानापुर प्रखंड के मेंथौरा गांव के 26 वर्षीय युवक के बीच करीब आठ-नौ वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार की सहमति नहीं मिलने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा था।

दोनों के बीच लंबे समय से संबंध होने के बावजूद परिवारों की असहमति के कारण स्थिति बनी रही। युवक-युवती अपने फैसले पर कायम रहे और आखिरकार मामला उस समय सार्वजनिक हो गया, जब युवती गुरुवार को अपने प्रेमी के घर मेंथौरा पहुंच गई।

युवती के घर पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद

युवती के प्रेमी के घर पहुंचने की जानकारी जब उसके परिवार के लोगों को मिली तो वे भी शुक्रवार को मेंथौरा गांव पहुंच गए। दोनों पक्ष आमने-सामने आए तो मामला तनावपूर्ण हो गया। परिवारों के बीच विवाद की स्थिति बनने लगी और गांव में टकराव की आशंका पैदा हो गई।

मामला बिगड़ता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से अलग-अलग बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली।

बालिग होने के कारण अपने फैसले पर अड़े रहे दोनों

पुलिस और स्थानीय लोगों के सामने युवक-युवती ने अपना फैसला स्पष्ट कर दिया। दोनों बालिग थे और एक-दूसरे से शादी करने की इच्छा पर कायम रहे। उन्होंने परिवारों के विरोध के बावजूद साथ जीवन बिताने की बात कही।

स्थिति को देखते हुए पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों ने विवाद को बढ़ाने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश शुरू की। दोनों पक्षों के परिजनों को बैठाकर समझाया गया कि मामले को टकराव की स्थिति तक ले जाने के बजाय आपसी सहमति से हल करना बेहतर होगा।

बातचीत के बाद परिवारों ने दी शादी की मंजूरी

पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों की मध्यस्थता का असर दिखाई दिया। कई दौर की बातचीत के बाद दोनों परिवारों के बीच सहमति बन गई। परिजनों ने युवक-युवती के रिश्ते को स्वीकार करते हुए शादी के लिए अपनी मंजूरी दे दी।

परिवार की सहमति मिलते ही तनाव का माहौल खुशी में बदल गया। इसके बाद पानापुर स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर में शादी कराने का फैसला लिया गया।

मंदिर में सात फेरे लेकर बने जीवनसाथी

शुक्रवार रात ठाकुरबाड़ी मंदिर में विवाह की रस्में पूरी की गईं। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच युवक-युवती ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और एक-दूसरे को वरमाला पहनाई।

इस मौके पर पुलिसकर्मी और पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। विवाद को शांत कराने के बाद अब वही लोग विवाह समारोह में परिवार के सदस्यों की तरह नजर आए। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और सुखी वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।

विवाद से विवाह तक पहुंचा मामला

यह पूरा घटनाक्रम इस बात का उदाहरण भी बना कि समय रहते परिवारों के बीच संवाद स्थापित किया जाए तो विवाद को टकराव में बदलने से रोका जा सकता है। शुरुआत में जहां दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से तनाव की स्थिति बन गई थी, वहीं पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों की पहल के बाद मामला शांतिपूर्ण तरीके से विवाह तक पहुंच गया।

स्थानीय स्तर पर भी इस शादी की चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि दोनों युवक-युवती लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रहना चाहते थे और परिवारों की सहमति मिलने के बाद उनके रिश्ते को सामाजिक स्वीकार्यता भी मिल गई।

पुलिस और पंचायत की भूमिका की हो रही चर्चा

इस मामले में पुलिस की भूमिका केवल विवाद को नियंत्रित करने तक सीमित नहीं रही। डायल-112 की टीम के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति को संभाला गया और फिर दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता तैयार हुआ।

पंचायत प्रतिनिधियों ने भी परिवारों को समझाने में भूमिका निभाई। नतीजा यह हुआ कि जिस मामले में टकराव की आशंका बन रही थी, वह आपसी सहमति और खुशी के माहौल में शादी के साथ समाप्त हुआ।

पानापुर की यह शादी अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लंबे समय से चल रहे प्रेम संबंध को परिवार की स्वीकृति मिलने और मंदिर में विवाह होने के बाद युवक-युवती ने अपने रिश्ते को नया नाम दिया है। साथ ही, इस घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि पारिवारिक विवादों में समय रहते संवाद और समझदारी से हस्तक्षेप किया जाए तो तनाव को शांतिपूर्ण समाधान में बदला जा सकता है।

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