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कटिहार में तीसरी सोमवारी पर दर्दनाक हादसा, नदी में डूबे एक ही परिवार के 5 बच्चे; 3 की मौत, 2 को ग्रामीणों ने बचाया

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | कटिहार के फलका में तीसरी सोमवारी पर कमला नदी में स्नान करने गए एक ही परिवार के पांच बच्चे डूब गए। तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो को ग्रामीणों ने बचा लिया।

कटिहार, 17 अगस्त। तीसरी सोमवारी पर पूजा के लिए जल लेने और नदी में स्नान करने पहुंचे एक ही परिवार के पांच बच्चों के साथ हुए हादसे ने कटिहार के फलका प्रखंड में मातम पसरा दिया। मोरसंडा पंचायत क्षेत्र स्थित कमला नदी में स्नान के दौरान पांच बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते सभी डूबने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल नदी में उतरकर बचाव अभियान शुरू किया और दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं तीन बच्चों को पानी से निकालने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बताया जा रहा है कि तीसरी सोमवारी की पूजा को लेकर एक ही परिवार के पांच बच्चे कमला नदी पहुंचे थे। बच्चों का उद्देश्य नदी में स्नान करने के साथ पूजा के लिए जल लेना था। नदी के किनारे सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर में हालात बदल गए। स्नान के दौरान बच्चे नदी के गहरे हिस्से की ओर चले गए और अचानक पानी में फंस गए।

बच्चों को डूबता देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए मदद की गुहार लगाई। आवाज सुनकर आसपास के लोग तेजी से नदी की ओर पहुंचे। कुछ ग्रामीण बिना समय गंवाए नदी में उतर गए और बच्चों को तलाशने लगे।

कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दो बच्चों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। इसके बाद अन्य तीन बच्चों की तलाश शुरू की गई। तीनों को भी पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सामने आते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस परिवार में तीसरी सोमवारी की पूजा को लेकर उत्साह था, वहां कुछ ही समय में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई। घटना के बाद कमला नदी के आसपास बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग इस हादसे को लेकर बेहद दुखी हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, नदी में स्नान के दौरान बच्चों के गहरे पानी में चले जाने से हादसा हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर और बहाव बदल जाता है। ऐसे में बच्चों और श्रद्धालुओं को नदी में उतरते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

तीसरी सोमवारी के अवसर पर धार्मिक आस्था के तहत नदी से जल लेने और स्नान करने पहुंचे बच्चों के साथ हुआ यह हादसा परिवार के लिए कभी नहीं भूलने वाला दुख बन गया। एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।

इस घटना ने नदी घाटों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक पर्व और सोमवार जैसे विशेष अवसरों पर घाटों पर भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से सुरक्षा कर्मियों, गोताखोरों और बचाव दल की व्यवस्था पहले से रहनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद मिल सके।

फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर घटना से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हादसे के बाद परिवार और स्थानीय लोगों के बीच शोक का माहौल बना हुआ है।

तीसरी सोमवारी की पूजा के लिए निकले बच्चों के परिवारों ने शायद ही सोचा होगा कि कुछ देर बाद उनके घर में खुशियों की जगह मातम होगा। कमला नदी का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि बारिश के मौसम में नदी और गहरे जलस्रोतों के आसपास अतिरिक्त सावधानी कितनी जरूरी है।

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नदी घाटों पर सुरक्षा को लेकर गंभीरता जरूरी

धार्मिक पर्वों पर नदी और घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ना सामान्य है। लेकिन बारिश के मौसम में नदी का बहाव और गहराई अचानक बदल सकती है। ऐसे में बच्चों को अकेले नदी में जाने देना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

कमला नदी की इस घटना में तीन बच्चों की जान चली गई और दो बच्चों को ग्रामीणों की तत्परता से बचाया जा सका। यह घटना बताती है कि घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ लोगों को भी सतर्क रहना होगा।

प्रशासन को ऐसे स्थानों पर खतरे वाले हिस्सों की पहचान कर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और जरूरत के अनुसार गोताखोरों की व्यवस्था करनी चाहिए। खासकर सावन और सोमवारी जैसे अवसरों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नदी में स्नान करते समय बच्चे गहरे पानी की ओर न जाएं और अभिभावक उन्हें लगातार निगरानी में रखें। थोड़ी सी लापरवाही कई बार पूरे परिवार की खुशियां छीन लेती है।

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