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बिहार में आज बदलेगा मौसम का मिजाज, बारिश-आंधी और वज्रपात का अलर्ट; कांवरियों को मिलेगी राहत

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में आज बारिश, गरज-चमक, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी है। कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट के बीच पटना में भी बारिश के आसार हैं।

पटना, 17 अगस्त। सावन की तीसरी सोमवारी पर बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। सोमवार को कई जिलों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है, जबकि 18 अगस्त को भी बिहार में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

सुबह से ही कई इलाकों में बादलों की आवाजाही के बीच मौसम का मिजाज बदलने लगा है। बारिश होने की स्थिति में पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिल सकती है। वहीं सावन की सोमवारी पर पैदल यात्रा कर रहे कांवरियों के लिए भी बारिश और बादल राहत देने वाले साबित हो सकते हैं। हालांकि तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने के दौरान श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार बिहार में 17 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। 18 अगस्त को भी मौसम सक्रिय रहेगा और कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 19 और 20 अगस्त को भी बारिश तथा गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

इन इलाकों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

आपके उपलब्ध मौसम अपडेट के अनुसार बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल, पटना, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, भागलपुर और बांका में तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट बताया गया है।

वहीं पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, शिवहर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में येलो अलर्ट की जानकारी दी गई है।

तेज हवा के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। खासकर वज्रपात के समय खेतों या खुले स्थानों में खड़े रहने से बचना चाहिए।

कांवरियों के लिए बारिश राहत भी, चुनौती भी

सावन की तीसरी सोमवारी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न शिव मंदिरों की ओर बढ़ रहे हैं। लगातार पैदल यात्रा के बीच बारिश होने से गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे कांवरियों को लंबी दूरी तय करने में कुछ आसानी हो सकती है।

हालांकि तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और हवा की रफ्तार बढ़ने पर यात्रियों के लिए खतरा भी बढ़ सकता है। प्रशासन और कांवरिया सेवा शिविरों को ऐसे मौसम में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित ठहराव की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा।

कांवरियों को सलाह है कि आंधी या वज्रपात के दौरान खुले सड़क किनारे या पेड़ के नीचे रुकने के बजाय सुरक्षित और पक्के स्थान का सहारा लें। मौसम में अचानक बदलाव होने पर यात्रा कुछ समय के लिए रोकना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।

किसानों के लिए बारिश बन सकती है संजीवनी

बिहार में इस मॉनसून सीजन में बारिश की कमी भी चिंता का विषय रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश धान की खेती के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से धान की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए बारिश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि धान की फसल को इस समय पानी की जरूरत होती है। हालांकि बहुत अधिक बारिश होने पर निचले इलाकों में जलजमाव और फसल को नुकसान का खतरा भी पैदा हो सकता है। इसलिए खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।

क्यों बदल रहा है बिहार का मौसम?

मौसम में बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी के आसपास बने मौसमी सिस्टम और सक्रिय मानसून गतिविधियों की भूमिका बताई जा रही है। IMD के ताजा बुलेटिन में बिहार और झारखंड में 17 से 19 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून से जुड़े सिस्टम के प्रभाव के कारण पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बिहार में इसका असर अलग-अलग इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के रूप में दिखाई दे सकता है।

पटना में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी पटना में सोमवार को बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने की संभावना है। उमस के बीच बारिश होने से तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।

पटना में रहने वाले लोगों को खासकर दोपहर और शाम के समय मौसम पर नजर रखने की जरूरत होगी। तेज हवा या बिजली चमकने की स्थिति में खुले स्थानों से दूरी बनाना सुरक्षित रहेगा।

मौसम खराब होने पर क्या करें?

वज्रपात के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब और नदी के किनारे जाने से बचें। पेड़ के नीचे खड़े होना भी सुरक्षित नहीं माना जाता। बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मर और धातु के ढांचों से दूरी बनाए रखें।

बारिश के दौरान सड़क पर निकलने वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। तेज हवा में पेड़ या होर्डिंग गिरने का खतरा रहता है। कांवरियों और अन्य यात्रियों को प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय निर्देशों का पालन करना चाहिए।

बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। IMD ने 17 अगस्त के लिए बिहार में भारी बारिश तथा गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी है और 18 अगस्त के लिए बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

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बारिश राहत दे, लेकिन सावधानी जरूरी

बारिश का इंतजार कर रहे बिहार के लोगों के लिए अगले कुछ दिन राहत लेकर आ सकते हैं। गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिलेगी, वहीं खेतों में धान की फसल को भी पानी मिलने की उम्मीद है।

लेकिन बारिश के साथ आंधी और वज्रपात का खतरा नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खासकर धार्मिक यात्रा के दौरान खुले में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रहती है। प्रशासन को कांवरिया मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के साथ मौसम खराब होने पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की तैयारी रखनी चाहिए।

किसानों के लिए भी बारिश उपयोगी है, लेकिन खेतों में जलभराव की स्थिति बनने पर फसल को नुकसान हो सकता है। इसलिए जरूरत के अनुसार जलनिकासी की व्यवस्था करना जरूरी है।

मौसम का यह दौर बिहार के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है। लोगों को बारिश का आनंद लेने के साथ मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना होगा।

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