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Rosra News:रोसड़ा में दो अल्ट्रासाउंड सेंटर सील, अवैध लिंग जांच की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | रोसड़ा में अवैध रूप से भ्रूण के लिंग की जांच किए जाने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने दो अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील किया।

रोसड़ा, 17 अगस्त। रोसड़ा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया। विभागीय स्तर पर मिली सूचना के अनुसार, इन सेंटरों पर कथित रूप से अवैध तरीके से भ्रूण के लिंग की जांच किए जाने की जानकारी अधिकारियों तक पहुंची थी। सूचना मिलने के बाद मामले की जानकारी समस्तीपुर के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को दी गई। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रोसड़ा पहुंचकर जांच और कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान Global Ultrasound और Seva Ultrasound को सील किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों केंद्रों पर पहुंचकर आवश्यक जांच-पड़ताल की। विभागीय जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान GCLR-V की मौजूदगी भी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश के अनुसार दोनों अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सील कर दिया गया।

चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि संबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर अवैध रूप से भ्रूण के लिंग की जांच की जा रही है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी समस्तीपुर के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को दी गई। उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गई।

टीम ने रोसड़ा में अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्था और संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली गई। विभागीय कार्रवाई के तहत दोनों केंद्रों को सील कर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद रोसड़ा क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक साथ दो केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई होने से अन्य निजी जांच केंद्रों में भी हड़कंप की स्थिति है। विभाग की ओर से स्पष्ट संकेत दिया गया है कि चिकित्सा जांच से जुड़ी सेवाओं में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है।

अवैध लिंग जांच की सूचना बनी कार्रवाई का आधार

चिकित्सा पदाधिकारी के अनुसार, इस कार्रवाई की शुरुआत उस सूचना के बाद हुई जिसमें अल्ट्रासाउंड के माध्यम से भ्रूण के लिंग की जांच किए जाने की बात सामने आई थी। भ्रूण के लिंग की जांच से जुड़ी गतिविधियां कानूनन गंभीर विषय हैं और स्वास्थ्य विभाग ऐसे मामलों की निगरानी करता है।

इसी सूचना के आधार पर जिला स्तर के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। जिलाधिकारी और सिविल सर्जन के निर्देश के बाद चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में टीम ने मौके पर जाकर जांच की। जांच के बाद दोनों सेंटरों को सील करने की कार्रवाई की गई।

हालांकि, विभागीय जांच की विस्तृत रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। इसलिए फिलहाल केंद्रों के खिलाफ लगे आरोपों को विभाग को मिली सूचना और जांच के आधार पर हुई कार्रवाई के रूप में ही देखा जा रहा है।

जांच के दौरान डीसीएलआर की मौजूदगी

स्वास्थ्य विभाग की टीम जब दोनों केंद्रों पर जांच के लिए पहुंची तो जांच के दौरान डीसीएलआर की मौजूदगी भी दर्ज की गई। विभागीय स्तर पर सामने आए इस तथ्य को भी कार्रवाई की प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।

जांच टीम ने मौके पर उपलब्ध व्यवस्थाओं और संबंधित गतिविधियों का जायजा लिया। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर दोनों अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सील कर दिया गया। कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की आगे की प्रक्रिया पूरी किए जाने की संभावना है।

प्रशासन ने दिखाई सख्ती

रोसड़ा में हुई यह कार्रवाई जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था की गंभीरता को दिखाती है। अल्ट्रासाउंड केंद्रों का संचालन सीधे मरीजों की चिकित्सा जरूरतों से जुड़ा होता है। ऐसे में इनके संचालन में निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन जरूरी है।

खासकर गर्भवती महिलाओं से संबंधित अल्ट्रासाउंड जांच में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि को रोकना स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी वजह से विभाग को मिली सूचना के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का निर्देश दिया।

दो केंद्रों पर एक साथ हुई कार्रवाई से यह भी संकेत मिला है कि प्रशासन निजी जांच केंद्रों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में अन्य केंद्रों की भी जांच किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

मरीजों की सुविधा भी अहम

रोसड़ा और आसपास के इलाके के मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था से जुड़ी जांच के अलावा कई अन्य बीमारियों की पहचान और उपचार में भी अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है। ऐसे में दो केंद्रों के सील होने के बाद मरीजों को वैकल्पिक जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ेगा।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य यदि चिकित्सा व्यवस्था को नियमों के अनुरूप संचालित कराना है तो इसके साथ यह भी जरूरी है कि मरीजों को वैध और सुरक्षित जांच की सुविधा उपलब्ध होती रहे। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भी जांच की पर्याप्त व्यवस्था हो, ताकि कार्रवाई के कारण आम मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल Global Ultrasound और Seva Ultrasound को सील कर दिया गया है। विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई क्या होगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। यदि जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद रोसड़ा में अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। प्रशासन की ओर से नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आगे भी जांच जारी रहने की संभावना है।

कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण

स्थान: रोसड़ा, समस्तीपुर

कार्रवाई: दो अल्ट्रासाउंड सेंटर सील

सेंटर: Global Ultrasound और Seva Ultrasound

आधार: अवैध रूप से भ्रूण के लिंग की जांच किए जाने की विभागीय सूचना

निर्देश: समस्तीपुर जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन

कार्रवाई का नेतृत्व: चिकित्सा पदाधिकारी

जांच के दौरान: डीसीएलआर की मौजूदगी बताई गई

कानून के उल्लंघन पर कार्रवाई जरूरी, लेकिन जांच में पारदर्शिता भी हो

अल्ट्रासाउंड जैसी चिकित्सा जांच सुविधा का इस्तेमाल मरीजों के उपचार और बीमारी की पहचान के लिए होता है। ऐसे में यदि किसी केंद्र पर गैरकानूनी गतिविधि की सूचना मिलती है तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच और कार्रवाई किया जाना जरूरी है। रोसड़ा में दो केंद्रों को सील करने की कार्रवाई इसी दिशा में एक सख्त कदम माना जा सकता है।

विशेष रूप से भ्रूण के लिंग की जांच से जुड़ी गतिविधियां बेहद गंभीर विषय हैं। समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव को रोकने और कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी आवश्यक है।

लेकिन कार्रवाई के साथ पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी है। विभाग को जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और आगे की कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करनी चाहिए। इससे आम लोगों को वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी और किसी भी तरह की अफवाह को जगह नहीं मिलेगी।

वहीं, कार्रवाई के कारण आम मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक अल्ट्रासाउंड सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। नियमों का पालन कराने के साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना ही ऐसी कार्रवाई का अंतिम उद्देश्य होना चाहिए।

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