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Bihar Student Protest: TRE-4 के विज्ञापन समेत कई मांगों को लेकर पटना में छात्रों का महाधरना, आमरण अनशन का ऐलान

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | TRE-4 भर्ती, BSSC परीक्षा, लाइब्रेरियन बहाली समेत कई मांगों को लेकर पटना में छात्रों का महाधरना और आमरण अनशन शुरू।

पटना, 18 अगस्त। आलम की खबर: बिहार में लंबित भर्ती प्रक्रियाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन अब राजधानी पटना में तेज होने जा रहा है। बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में मंगलवार से गर्दनीबाग धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन महाधरना शुरू करने का ऐलान किया गया है। आंदोलनकारियों की ओर से मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आमरण अनशन को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

छात्र नेताओं का कहना है कि कई भर्ती प्रक्रियाएं लंबे समय से लंबित हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तारीख स्पष्ट नहीं होने से अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आंदोलन में TRE-4 शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने, BSSC की परीक्षाओं की तारीख घोषित करने, लाइब्रेरियन बहाली शुरू करने तथा BET, दारोगा, सिपाही समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।

TRE-4 के विज्ञापन को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी

छात्र आंदोलन में TRE-4 शिक्षक भर्ती का मुद्दा प्रमुख है। छात्र नेताओं का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों को लंबे समय से आश्वासन मिल रहा है, लेकिन विज्ञापन जारी नहीं होने से तैयारी कर रहे उम्मीदवारों की परेशानी बढ़ती जा रही है।

दिलीप कुमार का कहना है कि TRE-4 की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। छात्रों की मांग है कि TRE-4 के लिए परीक्षा प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाए और अभ्यर्थियों को पहले से पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

छात्र नेता ने यह भी मांग रखी है कि TRE-4 में एक ही परीक्षा आयोजित की जाए। यदि सरकार दो चरणों वाली परीक्षा व्यवस्था लागू करना चाहती है तो इसकी शुरुआत TRE-5 से की जाए और उसके लिए पहले से पाठ्यक्रम तथा परीक्षा की पूरी रूपरेखा सार्वजनिक की जाए।

BSSC परीक्षा की तारीख घोषित करने की मांग

आंदोलनकारियों ने BSSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तारीख जल्द घोषित करने की मांग भी उठाई है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा की तारीख स्पष्ट नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की रणनीति बनाने में परेशानी होती है।

लंबित परीक्षाओं के कैलेंडर को स्पष्ट करने और भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग आंदोलन का अहम हिस्सा है। छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं को बार-बार परीक्षा और भर्ती की तारीखों का इंतजार करना पड़ता है।

लाइब्रेरियन और अन्य भर्तियां भी आंदोलन के एजेंडे में

छात्र संगठनों ने लाइब्रेरियन बहाली समेत कई अन्य लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को भी आंदोलन में शामिल किया है। BET, दारोगा, सिपाही और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों की समस्याओं को लेकर भी सरकार से स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की जा रही है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ समयबद्धता भी जरूरी है। उनका तर्क है कि विज्ञापन निकलने से लेकर परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति तक पूरी प्रक्रिया का स्पष्ट कैलेंडर बनाया जाना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग

छात्र नेता दिलीप कुमार ने शिक्षक भर्ती से जुड़े मुद्दों को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि TRE-4 का विज्ञापन जल्द जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

आंदोलन के आयोजकों ने अभ्यर्थियों से मंगलवार सुबह 10:30 बजे गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचने की अपील की है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति बनाई गई है।

सरकार का दावा- छात्रों के हित में हो रहा काम

दूसरी ओर, छात्र आंदोलन को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा है कि राज्य सरकार छात्रों और अभ्यर्थियों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि TRE-4 से जुड़ी जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

सरावगी के अनुसार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए पोर्टल समेत कई व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने झारखंड में हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए वहां उठाए जा रहे सवालों की जांच की जरूरत भी बताई।

सरकार और छात्रों के बीच दावों के इस अंतर के बीच अब सभी की नजर गर्दनीबाग में शुरू होने वाले आंदोलन पर है। छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और आंदोलन कितने समय तक चलता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

भर्ती कैलेंडर को लेकर बढ़ता दबाव

बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए समय पर विज्ञापन, परीक्षा तिथि और परिणाम की घोषणा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी का सीधा असर अभ्यर्थियों की उम्र, तैयारी और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।

गर्दनीबाग में शुरू होने वाला आंदोलन इसी व्यापक असंतोष को आवाज देने की कोशिश है। अब सरकार के स्तर पर लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर कोई ठोस समयसीमा सामने आती है या छात्र आंदोलन और तेज होता है, इस पर सबकी निगाह रहेगी।

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बिहार में शिक्षक भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी ताजा खबरें Alam Ki Khabar पर पढ़ें।

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