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Samastipur News: युवाओं को टीबी मुक्त भारत अभियान से जोड़ने की पहल, MY Bharat ने शुरू किया विशेष जागरूकता कार्यक्रम

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | समस्तीपुर में MY Bharat द्वारा युवा नेतृत्व में टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रथम चरण के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, युवाओं को टीबी की पहचान, जांच, उपचार और बचाव की जानकारी दी जा रही है।

समस्तीपुर, 18 अगस्त। जिले में टीबी के खिलाफ जागरूकता की मुहिम को युवाओं से जोड़ने की पहल शुरू की गई है। युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के MY Bharat के तत्वावधान में MY Bharat समस्तीपुर द्वारा युवा नेतृत्व में टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रथम चरण के तहत जिले में कई स्तरों पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य केवल युवाओं को टीबी की जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें अपने-अपने समुदाय में जागरूकता फैलाने के लिए तैयार करना है।

अभियान के तहत 18 अगस्त से 22 अगस्त 2026 तक जिला टीबी केंद्र, सदर अस्पताल, समस्तीपुर में Experiential Learning Programme चलाया जा रहा है। इस दौरान युवाओं को टीबी से संबंधित विषयों की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में बीमारी की पहचान, प्रमुख लक्षण, जांच की प्रक्रिया, उपचार, बचाव तथा टीबी उन्मूलन में समुदाय की भूमिका जैसे विषयों पर जानकारी दी जा रही है।

कार्यक्रम की खास बात यह है कि युवाओं को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। उन्हें आगे जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि टीबी से संबंधित सही जानकारी गांव और स्थानीय समुदायों तक पहुंच सके।

पांच प्रखंडों में भी चलेगा Know TB Session

अभियान के प्रथम चरण में जिले के विभूतिपुर, कल्याणपुर, सिंघिया, रोसड़ा और दलसिंहसराय प्रखंडों को भी जोड़ा गया है। इन प्रखंडों में संबंधित PHC और CHC स्तर पर एक दिवसीय Know TB Session (KTS) आयोजित किए जा रहे हैं।

इन सत्रों में युवाओं को बताया जा रहा है कि टीबी के संभावित लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार बीमारी को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने और बीमारी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों तथा सामाजिक कलंक को दूर करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में शुरुआती पहचान, जांच, उपचार पूरा करने और समुदाय की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जाता है। केंद्र सरकार के टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में भी युवाओं और MY Bharat स्वयंसेवकों को जागरूकता एवं सामुदायिक भागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया है। 

प्रशिक्षण के बाद जागरूकता के दूत बनेंगे युवा

MY Bharat समस्तीपुर की इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष युवाओं को टीबी जागरूकता के दूत के रूप में तैयार करना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा आगे अपने-अपने प्रखंडों और समुदायों में जागरूकता गतिविधियों का संचालन करेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी को लेकर कई बार जानकारी के अभाव में लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसी स्थिति में प्रशिक्षित युवा लोगों को बीमारी के संभावित लक्षणों के प्रति सतर्क करने, समय पर जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

इसके साथ ही युवाओं की भूमिका टीबी मरीजों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण बदलने में भी महत्वपूर्ण हो सकती है। बीमारी को लेकर डर, संकोच और सामाजिक दूरी की भावना मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। जागरूक युवा समुदाय में यह संदेश पहुंचा सकते हैं कि टीबी से जुड़ी जानकारी छिपाने के बजाय समय पर जांच और उपचार की दिशा में कदम उठाना जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग और MY Bharat के समन्वय पर जोर

अभियान का संचालन सुश्री विजेता मजूमदार, जिला युवा अधिकारी, MY Bharat समस्तीपुर तथा डॉ. विशाल, जिला टीबी अधिकारी, समस्तीपुर के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में किया जा रहा है।

MY Bharat और जिला टीबी विभाग के बीच समन्वय से युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के साथ-साथ उसे समुदाय तक पहुंचाने की प्रक्रिया से भी जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा और उनकी सामाजिक पहुंच का उपयोग टीबी उन्मूलन के अभियान में करना है।

MY Bharat के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में भी टीबी जागरूकता के लिए युवाओं को जोड़े जाने का उदाहरण सामने आया है। जून 2026 में केंद्र सरकार ने बताया था कि 1.9 लाख से अधिक MY Bharat स्वयंसेवक टीबी उन्मूलन से जुड़े राष्ट्रव्यापी प्रयास में शामिल हुए थे। 

Press Information Bureau

जागरूकता से लेकर सामाजिक बदलाव तक की कोशिश

समस्तीपुर में शुरू किया गया यह अभियान केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से युवाओं को समुदाय के साथ संवाद करने और स्वास्थ्य जागरूकता को घर-घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी दी जा रही है।

विशेषज्ञों और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लगातार इस बात पर जोर दिया जाता रहा है कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में केवल स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर्याप्त नहीं है। समुदाय की भागीदारी, समय पर जांच, उपचार और बीमारी से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करना भी जरूरी है।

यही वजह है कि युवा वर्ग को इस अभियान से जोड़ना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों, पंचायतों और ग्रामीण समुदायों तक युवाओं की पहुंच का उपयोग जागरूकता के लिए किया जा सकता है।

MY Bharat समस्तीपुर की ओर से चलाए जा रहे प्रथम चरण के कार्यक्रम के बाद प्रशिक्षित युवाओं से अपने क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। इससे टीबी के लक्षणों, जांच और उपचार को लेकर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

जिले में चल रही इस पहल का व्यापक संदेश यही है कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल मरीज और डॉक्टर के बीच की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरा समाज इसमें भूमिका निभा सकता है। युवा इस सामाजिक बदलाव के महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।

अभियान के माध्यम से “टीबी हारेगा, भारत जीतेगा” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और समस्तीपुर को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

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2. टीबी उन्मूलन अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर, जागरूकता से जांच तक पहुंचाने की तैयारी

युवाओं को सिर्फ दर्शक नहीं, बदलाव का वाहक बनाना जरूरी

टीबी के खिलाफ किसी भी अभियान की सफलता केवल सरकारी कार्यक्रमों की संख्या से तय नहीं होगी। असली सफलता तब मानी जाएगी, जब बीमारी के लक्षणों को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़े, जांच कराने में झिझक कम हो और मरीजों को सामाजिक सहयोग मिले। इस लिहाज से युवाओं को अभियान से जोड़ना एक प्रभावी रणनीति हो सकती है।

समस्तीपुर में MY Bharat और जिला टीबी विभाग की पहल का सकारात्मक पहलू यह है कि युवाओं को सीधे समुदाय से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। प्रशिक्षित युवा यदि अपने गांव, मोहल्ले और आसपास के लोगों तक सरल भाषा में सही जानकारी पहुंचाते हैं, तो इसका असर सरकारी जागरूकता संदेशों से आगे तक जा सकता है।

टीबी को लेकर सामाजिक कलंक भी एक बड़ी चुनौती है। कई लोग बीमारी की जानकारी छिपाते हैं या जांच कराने में देर करते हैं। ऐसे माहौल में युवा यदि संवेदनशीलता के साथ लोगों को समझाएं कि समय पर जांच और उपचार जरूरी है, तो सोच में बदलाव आ सकता है।

इस अभियान को केवल पांच प्रखंडों तक सीमित रखने के बजाय आगे जिले के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार विस्तार देने की जरूरत होगी। स्कूल-कॉलेज, पंचायत, युवा संगठन और सामुदायिक संस्थाओं को जोड़कर इसे व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है।

टीबी मुक्त समाज का लक्ष्य तभी मजबूत होगा, जब स्वास्थ्य विभाग की कोशिशों के साथ समाज की भागीदारी भी बढ़े। समस्तीपुर में युवाओं को इस जिम्मेदारी से जोड़ना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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