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Motihari News: सुगौली अंबेडकर छात्रावास में खराब भोजन को लेकर हंगामा, एसडीओ ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | मोतिहारी के सुगौली अंबेडकर छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने हंगामा किया। कुछ छात्रों के बीमार होने की सूचना के बाद एसडीओ ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मोतिहारी, 18 अगस्त। पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली स्थित अंबेडकर छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों का आक्रोश सामने आया है। खराब भोजन मिलने का आरोप लगाते हुए छात्र छात्रावास परिसर में जुट गए और जमकर हंगामा किया। छात्रों का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता लगातार चिंता का विषय बनी हुई है, जिसके कारण उन्होंने एक दिन से खाना नहीं खाया है।

मामले को लेकर छात्रों के बीच नाराजगी उस समय और बढ़ गई, जब कुछ छात्रों के दूषित भोजन खाने के बाद बीमार पड़ने की बात सामने आई। छात्रों और उनके परिजनों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

हंगामे की सूचना प्रशासन तक पहुंचने के बाद सदर एसडीओ अरुण कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रावास का निरीक्षण किया और छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। एसडीओ ने भोजन की व्यवस्था से संबंधित जानकारी भी ली और मौके पर मौजूद व्यवस्था की जांच की।

जांच के दौरान कई तरह की गड़बड़ियां मिलने की बात एसडीओ ने कही। इसके बाद उन्होंने मामले में कार्रवाई की दिशा में तत्काल कदम उठाने की बात कही। बताया गया कि छात्रावास में कार्यरत पीटी शिक्षक का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा छात्रावास प्रबंधन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है।

एसडीओ अरुण कुमार पांडेय ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना जरूरी है। भोजन की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जांच में जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।

छात्रों का कहना है कि छात्रावास में भोजन की व्यवस्था को लेकर वे पहले भी अपनी परेशानी बताते रहे हैं। उनका आरोप है कि भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी नाराजगी के कारण छात्रों ने भोजन का बहिष्कार करते हुए विरोध जताया।

मामले में छात्र के परिजन नंदलाल राम ने भी भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि उनका नाती छात्रावास में रहकर पढ़ाई करता है। खराब भोजन मिलने की शिकायत के बाद उसने एक दिन से खाना नहीं खाया है। परिजन के मुताबिक, कुछ बच्चों ने दूषित भोजन खाया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनका इलाज कराया जा रहा है।

छात्रावास में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते हैं, ऐसे में भोजन की गुणवत्ता का मामला सीधे छात्रों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। प्रशासनिक अधिकारी के निरीक्षण के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में किन-किन बिंदुओं पर गड़बड़ी सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ किस स्तर की कार्रवाई की जाती है।

एसडीओ के आश्वासन के बाद छात्रों से मामले को लेकर संयम बरतने और जांच में सहयोग करने की अपेक्षा की गई है। प्रशासन की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि छात्रावास की भोजन व्यवस्था और प्रबंधन से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी।

छात्रों की शिकायत के बाद प्रशासन के स्तर पर तत्काल जांच शुरू होना इस मामले को गंभीरता से लिए जाने का संकेत है। अब छात्रों और उनके परिजनों की नजर जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली विभागीय कार्रवाई पर है।

छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना संबंधित व्यवस्था की जिम्मेदारी है। इसलिए इस पूरे मामले में जांच के दौरान भोजन की गुणवत्ता, भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, सामग्री की स्थिति और छात्रों की शिकायतों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल जरूरी होगी।

फिलहाल प्रशासन ने कार्रवाई का भरोसा दिया है। यदि जांच में भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही या प्रबंधन स्तर पर अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

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छात्रों के भोजन में लापरवाही का सवाल गंभीर

छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं होता, बल्कि वहां रहने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों की जिम्मेदारी व्यवस्था पर होती है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों का विरोध सामने आना सामान्य शिकायत मानकर टालने का विषय नहीं है।

यदि किसी छात्र को भोजन से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है तो यह मामला और गंभीर हो जाता है। प्रशासन ने जिस तरह तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की है, उससे उम्मीद है कि वास्तविक स्थिति सामने आएगी। जांच में यदि लापरवाही प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

साथ ही, केवल कार्रवाई तक मामला सीमित नहीं रहना चाहिए। छात्रावास में भोजन की नियमित गुणवत्ता जांच, भोजन तैयार करने की स्वच्छ व्यवस्था और छात्रों की शिकायत सुनने की प्रभावी प्रणाली भी जरूरी है। इससे भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा होने की संभावना कम होगी।

छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना किसी भी सरकारी छात्रावास की बुनियादी जिम्मेदारी है। प्रशासन की जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होनी चाहिए।

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