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Singhiya News:वारी और बंगरहाट्टा पंचायत में सहयोग शिविर, 244 आवेदन मिले; 71 का मौके पर निष्पादन

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News |sindhiya News।वारी और बंगरहाट्टा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में 244 आवेदन मिले। अधिकारियों ने 71 मामलों का मौके पर निष्पादन किया और 173 लंबित मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश दिया।

समस्तीपुर, 18 अगस्त। आम लोगों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से समस्तीपुर प्रखंड की वारी और बंगरहाट्टा पंचायत में विशेष सहयोग शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जहां ग्रामीणों से सीधे उनकी समस्याएं सुनी गईं और आवेदन प्राप्त किए गए।

दोनों पंचायतों को मिलाकर शिविर में कुल 244 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 71 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जबकि शेष 173 आवेदन लंबित रहे। अधिकारियों ने लंबित मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए निर्धारित समय-सीमा में उनका निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

शिविर में प्रखंड और अनुमंडल स्तर के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद किया। लोगों ने राजस्व, राशन-आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आरटीपीएस सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर लोगों को राहत दी।

बंगरहाट्टा पंचायत में 90 आवेदन

बंगरहाट्टा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े 90 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 31 मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया, जबकि 59 आवेदन आगे की कार्रवाई के लिए लंबित रहे।

बंगरहाट्टा में सबसे अधिक आवेदन राजस्व विभाग से जुड़े रहे। राजस्व विभाग के 45 आवेदन, आपूर्ति विभाग के 14, शिक्षा विभाग के 4, स्वास्थ्य विभाग के 24 और कृषि विभाग के 3 आवेदन प्राप्त हुए।

इनमें राजस्व विभाग के 7, आपूर्ति विभाग के 21 और स्वास्थ्य विभाग के 3 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों के अधिकारियों के पास भेजा गया।

वारी पंचायत में 154 आवेदन

वारी पंचायत में ग्रामीणों की ओर से विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 154 आवेदन दिए गए। अधिकारियों ने इनमें से 40 मामलों का तत्काल निष्पादन किया, जबकि 114 मामले आगे की कार्रवाई के लिए लंबित रखे गए।

वारी पंचायत में राजस्व विभाग से सबसे अधिक 99 आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा आपूर्ति विभाग से 10, शिक्षा विभाग से 14, स्वास्थ्य विभाग से 16 तथा आरटीपीएस और अन्य विभागों से 15 आवेदन प्राप्त हुए।

मौके पर राजस्व विभाग से जुड़े 8, आपूर्ति विभाग के 13, शिक्षा विभाग के 3, स्वास्थ्य विभाग के 15 और कृषि विभाग से संबंधित 1 मामले का निष्पादन किया गया।

इस तरह वारी पंचायत में प्राप्त आवेदनों में बड़ी संख्या राजस्व और स्वास्थ्य से संबंधित रही। ग्रामीणों की ओर से जमीन, प्रमाण-पत्र, राशन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सरकारी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखी गईं।

लंबित मामलों पर अधिकारियों ने दिखाई सख्ती

शिविर में मौजूद एसडीओ संदीप कुमार और बीडीओ विवेक रंजन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।

अधिकारियों ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर लोगों की शिकायतों को सुनना और संबंधित विभाग के माध्यम से उसका समाधान कराना आवश्यक है।

उन्होंने कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों के निष्पादन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी मामलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रशासन की ओर से यह भी प्रयास किया जा रहा है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार प्रखंड या जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। पंचायत स्तर पर अधिकारियों की मौजूदगी में शिकायतों को सुनने और उनका समाधान करने से लोगों को काफी सुविधा मिलती है।

ग्रामीणों ने की शिविर की सराहना

सहयोग शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। स्थानीय लोगों ने पंचायत स्तर पर इस तरह के आयोजन को उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।

ग्रामीणों का कहना था कि जब अधिकारी सीधे पंचायत स्तर पर पहुंचकर आवेदन लेते हैं तो लोगों को अपनी समस्या बताने के लिए दूर सरकारी कार्यालयों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। मौके पर कई मामलों का समाधान होने से लोगों को तत्काल राहत भी मिलती है।

हालांकि, अब 173 लंबित आवेदनों के निष्पादन पर ग्रामीणों की नजर रहेगी। प्रशासन ने इन मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश दिया है। यदि तय समय-सीमा के भीतर लंबित मामलों का समाधान होता है, तो शिविर का उद्देश्य और अधिक प्रभावी तरीके से पूरा हो सकेगा।

सहयोग शिविर के माध्यम से एक ओर जहां ग्रामीणों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का मंच मिला, वहीं अधिकारियों को भी पंचायत स्तर पर वास्तविक स्थिति समझने का अवसर मिला। अब लंबित मामलों पर विभागीय कार्रवाई की गति यह तय करेगी कि लोगों को इन शिविरों से कितनी स्थायी राहत मिलती है।

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पंचायत स्तर पर समाधान से कम होगी ग्रामीणों की परेशानी

सरकारी कार्यालयों तक बार-बार पहुंचना ग्रामीणों के लिए समय और पैसे दोनों की चुनौती होती है। ऐसे में पंचायत स्तर पर अधिकारियों की मौजूदगी में सहयोग शिविर आयोजित करना एक उपयोगी पहल हो सकती है। खासकर राजस्व, राशन, स्वास्थ्य और प्रमाण-पत्र जैसे रोजमर्रा से जुड़े मामलों में लोगों को स्थानीय स्तर पर समाधान मिलने से काफी राहत मिलती है।

वारी और बंगरहाट्टा पंचायत में 244 आवेदन प्राप्त होना बताता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बड़ी संख्या में लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 71 मामलों का मौके पर समाधान सकारात्मक पहल है, लेकिन वास्तविक सफलता 173 लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन से तय होगी।

प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिविर में प्राप्त आवेदन केवल रिकॉर्ड का हिस्सा बनकर न रह जाएं। प्रत्येक आवेदन की विभागवार निगरानी हो और आवेदक को उसके मामले की स्थिति की जानकारी भी मिलती रहे।

यदि इस तरह के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं और उनके परिणामों की समीक्षा भी हो, तो ग्रामीणों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने और स्थानीय समस्याओं को जल्दी हल करने में मदद मिल सकती है।

रिपोर्ट/जी एम सिंह 

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