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Bihar News: EOU Raid में शिक्षा सेवा अधिकारी के ठिकानों से करोड़ों की संपत्ति का खुलासा, नकदी और जेवर बरामद

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Begusarai News | बिहार EOU ने शिक्षा सेवा अधिकारी अजय कुमार सिंह के पटना और बेगूसराय स्थित तीन ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी के अनुसार 3.43 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिला है।

पटना/बेगूसराय, 20 अगस्त। बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बिहार शिक्षा सेवा के अधिकारी अजय कुमार सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी के प्रारंभिक सत्यापन में अधिकारी के पास उनकी ज्ञात आय के मुकाबले 3,43,78,300 रुपये की आय से अधिक संपत्ति होने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। EOU के मुताबिक यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 90.04 प्रतिशत अधिक है।

इस आधार पर आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 19/26 दर्ज किया गया। इसके बाद विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त कर EOU की अलग-अलग टीमों ने पटना और बेगूसराय में अधिकारी से जुड़े तीन ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

EOU की कार्रवाई 20 अगस्त की देर शाम तक जारी रही। तलाशी के दौरान नकदी, आभूषण, बैंक खातों, जमीन-मकान और निवेश से जुड़े कई दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। एजेंसी अब बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का विस्तृत सत्यापन कर रही है।

तीन जगहों पर एक साथ पहुंची EOU की टीम

आर्थिक अपराध इकाई ने अजय कुमार सिंह से जुड़े तीन स्थानों को तलाशी के लिए चिन्हित किया था। इनमें पटना के खाजपुरा स्थित चंद्रतारा भवन, बीबी कॉलेज, आकाशवाणी रोड का परिसर शामिल है।

दूसरा स्थान बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड, मिठापुर, पटना स्थित उनका कार्यालय कक्ष बताया गया है। तीसरा ठिकाना बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के परोरा गांव स्थित पैतृक मकान था।

अलग-अलग टीमों ने इन स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की।

बेगूसराय के घर से 15.50 लाख रुपये नकद

EOU के अनुसार, बेगूसराय स्थित पैतृक मकान की तलाशी के दौरान 15.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके साथ ही करीब 9.50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण की सूची तैयार की गई है।

जांच के दौरान अधिकारी के पिता के नाम की 11 डीड भी मिली हैं। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक की एक पासबुक और आभूषण खरीद से संबंधित छह रसीदें बरामद होने की बात कही गई है। इन रसीदों में करीब 5.50 लाख रुपये के आभूषण खरीद का विवरण दर्ज होने की जानकारी EOU ने दी है।

पैतृक मकान पर दो JCB, दो ट्रैक्टर, एक बोलेरो और एक बड़े DG सेट समेत कई वाहन भी मिले। इन वाहनों के स्वामित्व और संबंधित कागजातों की जांच अभी जारी है।

पटना वाले ठिकाने से भी नकदी और जेवर

पटना के खाजपुरा स्थित चंद्रतारा भवन में तलाशी के दौरान EOU को 10.38 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा करीब 41.82 लाख रुपये मूल्य के आभूषण की इन्वेंट्री तैयार की गई।

तलाशी में नोएडा के सेक्टर-142 में 1,442 वर्गफीट के फ्लैट की बुकिंग से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। EOU के अनुसार, इस संपत्ति के लिए अब तक 60 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

इसके अतिरिक्त पटना के अलंकार ज्वेलर्स से करीब 10 लाख रुपये के आभूषण खरीद से संबंधित इनवॉयस भी जांच टीम के हाथ लगे हैं।

आठ बैंक खातों में करीब 18.50 लाख

जांच के दौरान अलग-अलग बैंकों के आठ खातों से संबंधित पासबुक और ATM कार्ड भी बरामद किए गए। EOU के अनुसार इन खातों में करीब 18.50 लाख रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है।

इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम और अन्य बीमा कंपनियों की पांच पॉलिसियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। म्यूचुअल फंड में निवेश से संबंधित कागजात भी जांच के दायरे में आए हैं।

एक महिंद्रा स्कॉर्पियो और स्कूटी समेत अन्य वाहनों से संबंधित दस्तावेजों और स्वामित्व की भी जांच की जा रही है।

G+2 मकान की कराई जाएगी वैल्यूएशन

EOU की नजर पटना स्थित अजय कुमार सिंह के G+2 मकान पर भी है। एजेंसी के अनुसार मकान में महंगी साज-सज्जा कराई गई है।

अब भवन की वैल्यूएशन कराए जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य निर्माण और संपत्ति का वास्तविक मूल्य निर्धारित करना है। वैल्यूएशन रिपोर्ट आने के बाद आय और संपत्ति के बीच के अंतर की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

2005 में शिक्षा सेवा में आए थे

जांच एजेंसी के मुताबिक अजय कुमार सिंह ने वर्ष 2005 में बिहार शिक्षा सेवा के तहत अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी के पद पर योगदान दिया था।

EOU का कहना है कि अभी तक की तलाशी में सामने आई संपत्तियां अधिकारी की ज्ञात आय के स्रोत की तुलना में काफी अधिक प्रतीत होती हैं। हालांकि बरामद संपत्ति और दस्तावेजों का अंतिम मूल्यांकन एवं सत्यापन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

एजेंसी ने यह भी संकेत दिया है कि जांच आगे बढ़ने पर आय से अधिक संपत्ति की अनुमानित राशि में बदलाव या बढ़ोतरी हो सकती है।

शिक्षा विभाग को भी दी जा रही जानकारी

लोक सेवक के खिलाफ दर्ज मामले और उनके विभागीय दायित्वों से संबंधित जानकारी बिहार शिक्षा विभाग को भी उपलब्ध कराई जा रही है।

फिलहाल EOU की जांच जारी है। बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों, आभूषण, वाहनों, जमीन-मकान और अन्य निवेश का मिलान अधिकारी की ज्ञात आय से किया जाएगा। इसी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

मामले में सबसे अहम बातें

EOU ने पटना और बेगूसराय में तीन ठिकानों पर तलाशी ली।

एजेंसी के अनुसार 3.43 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिला।

बेगूसराय से 15.50 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी।

पटना से 10.38 लाख रुपये नकद बरामद होने का दावा।

दोनों ठिकानों से लाखों रुपये के आभूषण की सूची तैयार।

आठ बैंक खातों में करीब 18.50 लाख रुपये की जानकारी।

नोएडा में फ्लैट की बुकिंग से जुड़े दस्तावेज मिले।

G+2 मकान की वैल्यूएशन कराई जाएगी।

EOU ने आगे भी जांच जारी रहने की बात कही है।

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संपत्ति और आय के अंतर की जांच पर टिकी नजर

सरकारी अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच में केवल बरामद नकदी या आभूषण ही निर्णायक नहीं होते। जांच एजेंसी को अधिकारी की वैध आय, सेवा अवधि के दौरान प्राप्त वेतन, पारिवारिक आय, निवेश, संपत्ति खरीद और खर्च का पूरा हिसाब मिलाना होता है।

अजय कुमार सिंह के मामले में EOU ने शुरुआती सत्यापन के आधार पर 3.43 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने की बात कही है। अब तलाशी में मिले दस्तावेज इस जांच को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

विशेष रूप से बैंक खातों, संपत्ति खरीद, फ्लैट की बुकिंग, आभूषण और वाहनों से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान किया जाना महत्वपूर्ण होगा। यदि दस्तावेजों से संपत्ति के स्रोत की पुष्टि नहीं होती है तो जांच आगे और विस्तृत हो सकती है।

हालांकि यह मामला अभी जांच के चरण में है। इसलिए सामने आई संपत्तियों को अंतिम रूप से अवैध संपत्ति मानना उचित नहीं होगा। EOU की जांच, वैल्यूएशन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

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