:
Breaking News

Bihar weather news:बिहार के 19 जिलों में बारिश-वज्रपात का अलर्ट, 22 से 25 अगस्त तक बिगड़ा रहेगा मौसम

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में मानसून सक्रिय है। 19 जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट है। 22 से 25 अगस्त तक कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

बिहार, 21 अगस्त। आलम की खबर:बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता दिखाई दे रहा है। राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जबकि कुछ इलाकों में उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। इसी बीच मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और मध्य बिहार के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों के दौरान मौसम खराब रह सकता है।

जिन जिलों के लिए मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है, उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं। इनमें उत्तर बिहार के कई जिले ऐसे हैं जहां बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान में खास तौर पर सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार को लेकर अधिक सतर्कता की जरूरत बताई गई है। इन इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। ऐसे में खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से लोगों को बचने की सलाह दी गई है।

22 अगस्त से बढ़ सकती है बारिश की गतिविधि

मौसम का असर आने वाले दिनों में और व्यापक हो सकता है। उपलब्ध पूर्वानुमानों के मुताबिक 22 अगस्त के आसपास उत्तर बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। अररिया और आसपास के इलाकों के पूर्वानुमान में 22 अगस्त को बारिश की संभावना बढ़ी हुई दिखाई गई है, जबकि 23 और 24 अगस्त को भी कई क्षेत्रों में बारिश जारी रहने के संकेत हैं।

पूर्वी चंपारण के लिए भी 21 से 25 अगस्त के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है। वहां 23 और 24 अगस्त को बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत ज्यादा रहने का अनुमान सामने आया है। हालांकि मौसम का स्थानीय पूर्वानुमान समय के साथ बदल सकता है, इसलिए लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

उत्तर बिहार पर खास नजर

उत्तर बिहार के जिलों में मानसून की सक्रियता का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। नेपाल से सटे जिलों से लेकर सीमांचल तक बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

ऐसे मौसम में निचले इलाकों में पानी जमा होने, ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने और खेतों में जलजमाव जैसी स्थिति भी बन सकती है। खासकर तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

23 अगस्त के बाद भी राहत के आसार कम

मौसम की सक्रियता केवल एक दिन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। 23 अगस्त के आसपास भी बिहार के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने के संकेत हैं। अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी तो कुछ स्थानों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

पूर्वी चंपारण के क्षेत्रीय पूर्वानुमान में 23 अगस्त को भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है। इसके बाद 24 अगस्त को भी बारिश की गतिविधि बनी रहने का अनुमान है।

अररिया क्षेत्र के पूर्वानुमान में भी 22 अगस्त के बाद बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे साफ है कि उत्तर बिहार में अगले कुछ दिनों तक बादल और बारिश का प्रभाव बना रह सकता है।

पटना समेत कई जिलों में उमस भी परेशान कर रही

बारिश के बावजूद राजधानी पटना सहित बिहार के कई हिस्सों में उमस वाली गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। कई जगह दिन में धूप निकलने के बाद अचानक बादल घिर रहे हैं और कुछ देर बाद बारिश शुरू हो जा रही है। इस तरह के मौसम से तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं हो पा रही है और हवा में नमी अधिक बनी हुई है।

मानसून की बारिश से एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलती है, वहीं लगातार बढ़ी हुई नमी के कारण उमस की समस्या भी बनी रहती है। मौसम साफ होने के बाद धूप निकलते ही उमस और बढ़ जाती है।

मौसम बदलने की वजह क्या है?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बिहार में बारिश की गतिविधि बढ़ने के पीछे मानसूनी सिस्टम और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसमी सिस्टम अहम भूमिका निभा रहे हैं। बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत के आसपास बनने वाली मौसमी परिस्थितियां मानसून की सक्रियता को प्रभावित करती हैं। हालिया मौसम पूर्वानुमानों में बिहार के लिए 21 से 23 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना भी जताई गई है।

मौसम विभाग लगातार मौसमी सिस्टम पर नजर बनाए हुए है। इसलिए जिलेवार अलर्ट में बदलाव भी हो सकता है। लोगों को सलाह है कि किसी भी जरूरी यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देख लें।

बिजली गिरने के दौरान क्या करें?

बारिश और आंधी के दौरान बिजली गिरने का खतरा सबसे अधिक खुले स्थानों में रहता है। खेत, मैदान, तालाब या नदी के किनारे मौजूद लोगों को मौसम खराब होते ही सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए।

बिजली चमकने के दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित विकल्प है। किसान और ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले लोग विशेष रूप से मौसम साफ होने का इंतजार करें।

अगले कुछ दिनों का संकेत

कुल मिलाकर बिहार में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। उत्तर बिहार और सीमांचल के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 22 से 25 अगस्त के बीच अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ने के संकेत हैं।

ऐसे में लोगों को बारिश के साथ-साथ वज्रपात को लेकर भी सावधान रहना होगा। खासकर मौसम खराब होने पर खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। किसानों के लिए भी मौसम की जानकारी महत्वपूर्ण है, ताकि खेतों में जरूरी काम मौसम को ध्यान में रखकर किए जा सकें।

यह भी पढ़ें

बिहार में मानसून की सक्रियता से कई जिलों में बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

बिहार में फिर बदला मौसम का मिजाज, बारिश और वज्रपात को लेकर लोगों को किया गया सतर्क

मौसम की चेतावनी को हल्के में न लें

बिहार में मानसून की बारिश लोगों के लिए राहत भी लेकर आती है और कई बार चुनौती भी खड़ी करती है। बारिश से तापमान में कमी आती है, खेतों को पानी मिलता है और उमस से राहत मिलती है, लेकिन तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की स्थिति में सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है।

खासकर उत्तर बिहार के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग खेती और दूसरे कामों के लिए खुले क्षेत्रों में रहते हैं। मौसम अचानक बदलने पर बिजली गिरने का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए मौसम विभाग का अलर्ट केवल सूचना नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए चेतावनी है।

प्रशासन और आम लोगों दोनों को चाहिए कि मौसम की स्थिति पर नजर रखें। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर भी वज्रपात से बचाव की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जानी चाहिए। स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है।

बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलजमाव और सड़कों पर फिसलन भी परेशानी बढ़ा सकती है। वाहन चालकों को तेज गति से बचना चाहिए और जलजमाव वाले रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ने के संकेत हैं। ऐसे में मौसम का आनंद लेने के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना ही समझदारी होगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *