:
Breaking News

Samastipur News: किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाने पर डीएम ने दिया जोर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | समस्तीपुर में डीएम रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में ATMA शासी परिषद की बैठक हुई। किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और कृषि योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।

समस्तीपुर, 21 अगस्त। आलम की खबर: समस्तीपुर में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने और कृषि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। इसी क्रम में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में आत्मा शासी परिषद (ATMA Governing Board) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास के साथ किसानों के प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी, फसल विविधीकरण और कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने जिले में कृषि क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और किसानों के हित में संचालित विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की। जिलाधिकारी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की जानकारी केवल विभागीय स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे सीधे किसानों तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

उन्होंने कहा कि खेती के बदलते तौर-तरीकों के साथ किसानों को भी नई तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी मिलना जरूरी है। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ किसानों की आय में सुधार की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

आधुनिक खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण

बैठक में किसानों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को प्रमुखता दी गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आत्मा के माध्यम से चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और किसान हित से जुड़ी गतिविधियों का अधिक से अधिक किसानों तक विस्तार किया जाए।

किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों के साथ आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग, वैज्ञानिक तरीके से खेती, जैविक और प्राकृतिक कृषि के फायदे तथा बागवानी से जुड़ी तकनीकों की जानकारी देने पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने चाहिए। किसानों को ऐसी व्यावहारिक जानकारी दी जाए, जिसका इस्तेमाल वे अपने खेतों में कर सकें और उससे उन्हें वास्तविक आर्थिक लाभ मिल सके।

फसल विविधीकरण पर भी चर्चा

बैठक में फसल विविधीकरण को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। कृषि क्षेत्र में एक ही तरह की फसल पर निर्भरता कम करने और किसानों को लाभकारी वैकल्पिक गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

इसके साथ ही कृषि से जुड़े अन्य क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर भी विचार किया गया। बागवानी, प्राकृतिक खेती और कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी के रास्ते तैयार करने पर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया गया।

प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि जिले में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इसे किसानों के लिए रोजगार और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाया जाए।

किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

ATMA शासी परिषद की बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादकता में सुधार को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कृषि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक पहुंचना चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से कहा कि किसानों को योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका लाभ उठा सकें।

पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने का निर्देश

जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा माना जाएगा, जब उसका सकारात्मक असर खेत और किसान तक दिखाई दे। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और जमीनी स्तर की समस्याओं की जानकारी लेने की जरूरत है।

किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि किसानों से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनका समाधान निर्धारित समय के भीतर किया जाए।

कृषि वैज्ञानिकों की विशेषज्ञता किसानों तक पहुंचे

बैठक में कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। बदलते मौसम, नई तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई व्यवस्था, आधुनिक कृषि यंत्र और खेती की नई पद्धतियों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

प्रशासन का मानना है कि वैज्ञानिक जानकारी और आधुनिक तकनीक का सही इस्तेमाल किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही जैविक और प्राकृतिक कृषि जैसे विकल्पों के प्रति भी किसानों को जागरूक करने की जरूरत है।

कृषि से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर

बैठक में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कृषि आधारित गतिविधियों के विस्तार के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में आय के अतिरिक्त साधन विकसित करने पर विचार किया।

बागवानी, कृषि प्रसंस्करण और अन्य संबद्ध गतिविधियां किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का जरिया बन सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने से ग्रामीण युवाओं को भी कृषि आधारित स्वरोजगार से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

अधिकारियों और शासी परिषद के सदस्यों ने लिया हिस्सा

ATMA शासी परिषद की इस बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कृषि पदाधिकारी, आत्मा के परियोजना निदेशक सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा शासी परिषद के सदस्यों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक में कृषि क्षेत्र की योजनाओं की समीक्षा के साथ भविष्य में किसानों के हित में किए जाने वाले कार्यों की दिशा पर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कृषि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों तक तकनीकी सहायता पहुंचाना प्राथमिकता में शामिल है।

समस्तीपुर जैसे कृषि प्रधान जिले में खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ATMA की गतिविधियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब बैठक में दिए गए निर्देशों को धरातल पर किस तरह लागू किया जाता है, इस पर किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर रहेगी।

यह भी पढ़ें

समस्तीपुर में किसानों के लिए कृषि योजनाओं और आधुनिक तकनीक से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ें।

Alam Ki Khabar पर बिहार और समस्तीपुर की ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें।

विशेष टिप्पणी

खेत तक पहुंचे तकनीक, तभी बदलेगी खेती की तस्वीर

समस्तीपुर में ATMA शासी परिषद की बैठक में किसानों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी से जोड़ने पर दिया गया जोर महत्वपूर्ण है। कृषि प्रधान जिले में केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका लाभ वास्तविक किसान तक पहुंचना सबसे जरूरी है।

आज खेती के सामने मौसम में बदलाव, बढ़ती लागत और बाजार से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। ऐसे में किसानों को नई तकनीक, बेहतर कृषि यंत्र, फसल विविधीकरण, बागवानी और प्राकृतिक खेती की जानकारी उपलब्ध कराना समय की जरूरत है।

सरकारी योजनाओं की सफलता का वास्तविक पैमाना यही होना चाहिए कि किसान को उसका लाभ खेत में दिखाई दे। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में किसानों की वास्तविक जरूरतों को शामिल किया जाए और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह को गांवों तक पहुंचाया जाए तो इसका सीधा फायदा उत्पादन और आय दोनों पर पड़ सकता है।

प्रशासन की ओर से पारदर्शिता और समयबद्धता पर दिया गया जोर भी महत्वपूर्ण है। अब जरूरत इस बात की है कि बैठक में लिए गए निर्णय कागजों तक सीमित न रहें और उनका असर गांवों के खेतों में दिखाई दे।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *