:
Breaking News

Bihar Weather: बिहार में फिर बदला मौसम, 11 जिलों में तेज बारिश-वज्रपात का खतरा; 27 अगस्त तक अलर्ट

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में 25 से 27 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी दी है।

डेस्क, पटना, 25 अगस्त। बिहार में मानसून ने एक बार फिर करवट ली है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। कहीं बादल घने हो रहे हैं तो कहीं तेज बारिश के कारण सड़कों और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ रहा है। राजधानी पटना में रात के समय बारिश हुई, जबकि खगड़िया में भी तेज बारिश दर्ज की गई। आने वाले दिनों में भी राज्य में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के 25 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक बिहार में 25 से 27 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। विभाग ने इन दिनों के लिए भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति को लेकर चेतावनी जारी की है। 

11 जिलों के लिए विशेष सावधानी

मंगलवार यानी 25 अगस्त को लखीसराय, मधुबनी, भागलपुर, किशनगंज, पूर्णिया, बेगूसराय, वैशाली, जहानाबाद, सिवान, दरभंगा और बक्सर में मौसम खराब रहने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।

हालांकि मौसम की गतिविधियां सिर्फ इन जिलों तक सीमित नहीं हैं। बिहार के दूसरे हिस्सों में भी स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज वाले बादल विकसित हो सकते हैं। इसलिए किसी एक जिले में मौसम शांत रहने का मतलब यह नहीं है कि आसपास के इलाकों में भी मौसम सामान्य रहेगा।

पटना समेत कई हिस्सों में बदल सकता है मौसम

राजधानी पटना में पिछले कुछ समय से उमस और गर्मी के बीच बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। रात में हुई बारिश ने तापमान में कुछ राहत दी, लेकिन बारिश के बाद उमस फिर परेशान कर सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर बिहार के कई हिस्सों में भी बादल और बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। गोपालगंज और चंपारण क्षेत्र में भी स्थानीय स्तर पर बारिश तेज होने की संभावना है। इसके अलावा सीमांचल और पूर्वी बिहार के कुछ इलाकों में भी बादल सक्रिय रह सकते हैं।

बारिश के साथ बिजली सबसे बड़ा खतरा

इस मौसम में सबसे ज्यादा सतर्कता आकाशीय बिजली को लेकर जरूरी है। बारिश के दौरान जब गरजने वाले बादल तेजी से विकसित होते हैं, तब खुले स्थानों पर मौजूद लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है।

किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बिजली चमकने या तेज गर्जना सुनाई देने पर खुले खेत, मैदान, तालाब और जलाशय के आसपास रुकने से बचना चाहिए। पेड़ के नीचे खड़े होना भी सुरक्षित विकल्प नहीं है।

बारिश और वज्रपात के दौरान बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मर तथा खुले बिजली तारों से भी दूरी बनाए रखना जरूरी है।

27 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

IMD के ताजा बुलेटिन में बिहार के लिए 25 से 27 अगस्त तक बारिश की संभावना बताई गई है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी दी गई है। 

इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों में बिहार में मौसम एक जैसा नहीं रहेगा। कुछ इलाकों में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर भी बन सकता है।

28 और 29 अगस्त को भी बिहार के लिए गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी रहने की बात IMD के चेतावनी पेज पर दर्ज है। 

शहरों में जलजमाव तो गांवों में खेती पर असर

तेज बारिश का असर शहरी और ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग दिखाई दे सकता है। शहरों में कम समय में अधिक बारिश होने पर निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। सड़क पर पानी जमा होने से यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

वहीं ग्रामीण इलाकों में बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, लेकिन लगातार तेज बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने और फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ सकता है।

नदियों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को भी मौसम पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। बारिश के दौरान स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

बारिश और वज्रपात के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना सबसे सुरक्षित विकल्प है। अगर बाहर होना जरूरी हो तो खुले मैदान में जाने से बचें। बाइक या अन्य वाहन चलाते समय भी अचानक तेज बारिश और कम दृश्यता की स्थिति में सुरक्षित जगह पर रुकना बेहतर है।

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए बच्चों को बारिश के दौरान तालाब, पोखर, नदी या खुले मैदान के पास जाने से रोकना चाहिए। बिजली चमकने के समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर आम धारणा से अलग, मुख्य सावधानी यह है कि व्यक्ति खुले स्थान पर न रहे और बिजली के तारों या उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखे।

फिलहाल बिहार में मानसून पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। अगले दो-तीन दिन राज्य के कई हिस्सों में बादल, बारिश और गरज-चमक का सिलसिला देखने को मिल सकता है। ऐसे में राहत देने वाली बारिश के साथ वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा। लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखते हुए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें

बिहार में मौसम ने फिर बदली करवट, कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

गंगा समेत कई नदियों का बढ़ा जलस्तर, बिहार में बाढ़ का खतरा बरकरार

बारिश राहत भी, चुनौती भी

मानसून की बारिश बिहार के लिए सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध खेती, जलस्तर और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से है। बारिश से जहां उमस और गर्मी से राहत मिलती है, वहीं तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली, जलजमाव और तेज हवाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

ऐसे समय में सबसे जरूरी बात यह है कि मौसम की चेतावनी को महज सामान्य सूचना मानकर नजरअंदाज न किया जाए। खासकर किसान, मजदूर, वाहन चालक और खुले क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को बादलों की स्थिति बिगड़ते ही सुरक्षित स्थान की ओर चले जाना चाहिए।

बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। इसलिए प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की सतर्कता भी जरूरी है। एक छोटी-सी सावधानी कई बार बड़े हादसे को टाल सकती है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *