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Patna News: दिल्ली रवाना हुआ लालू परिवार, नेपाल की बाढ़ पर तेजस्वी ने बिहार को किया अलर्ट

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | लालू प्रसाद यादव परिवार के साथ दिल्ली रवाना हुए। तेजस्वी यादव ने नेपाल की बाढ़ से बिहार पर संभावित असर और जातीय जनगणना को लेकर केंद्र पर निशाना साधा।

पटना, 27 अगस्त। बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर के बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अपने परिवार के साथ दिल्ली रवाना हो गए। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, सांसद मीसा भारती और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव भी दिल्ली गए। पटना एयरपोर्ट से रवाना होने से पहले तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बातचीत में नेपाल में आई भीषण बाढ़ और बिहार में संभावित असर को लेकर चिंता जताई।

तेजस्वी यादव ने कहा कि नेपाल में जिस तरह की बाढ़ की स्थिति बनी है, उसे देखते हुए बिहार को सतर्क रहने की जरूरत है। उनका कहना है कि नेपाल से निकलने वाली कई नदियों का सीधा संबंध बिहार से है और वहां भारी बारिश या अचानक आई बाढ़ का असर सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ राज्य के नदी तंत्र पर भी पड़ सकता है।

नेपाल में आई आपदा को लेकर भारत सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। गृह मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की है। संभावित रूप से प्रभावित सीमावर्ती इलाकों में स्थानीय प्रशासन, राहत-बचाव दल और एनडीआरएफ को अलर्ट पर रखा गया है।

इसी पृष्ठभूमि में तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार से पहले से तैयारियां मजबूत रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति में आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन को लगातार निगरानी करनी चाहिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि नेपाल की स्थिति को देखते हुए बिहार में सतर्कता कम नहीं की जानी चाहिए।

नेपाल में आई अचानक बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान की खबरें सामने आई हैं। नदियों में जलस्तर बढ़ने और कई इलाकों में तबाही के बाद भारत की ओर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। केंद्र सरकार ने बताया है कि नेपाल में आई बाढ़ का संभावित प्रभाव गंडक नदी के डाउनस्ट्रीम इलाकों में पड़ सकता है।

तेजस्वी यादव ने इसी मुद्दे को बिहार की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि राज्य को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। उनका कहना है कि केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम लोगों को भी मौसम और नदियों की स्थिति को लेकर सावधान रहने की जरूरत है।

जातीय जनगणना पर भी केंद्र को घेरा

पटना एयरपोर्ट पर तेजस्वी यादव ने नेपाल की बाढ़ के साथ-साथ जातीय जनगणना के मुद्दे पर भी अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राजद लंबे समय से देश में जातीय जनगणना कराने की मांग करती रही है।

तेजस्वी का कहना है कि समाज के अलग-अलग वर्गों की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए जातीय आंकड़े जरूरी हैं। उनके मुताबिक इन आंकड़ों के आधार पर ही विकास योजनाओं, सरकारी प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय से जुड़ी नीतियों को ज्यादा प्रभावी तरीके से तैयार किया जा सकता है।

उन्होंने बिहार में कराए गए जातीय सर्वे और आरक्षण के मुद्दे को भी चर्चा में रखा। तेजस्वी यादव का कहना है कि बिहार में जातीय आंकड़ों के आधार पर आरक्षण का दायरा बढ़ाया गया था। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि बढ़े हुए आरक्षण को संवैधानिक सुरक्षा देने की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।

नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

तेजस्वी यादव पहले भी बढ़े हुए आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग करते रहे हैं। उनका तर्क है कि ऐसा होने से आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को कानूनी चुनौती से अतिरिक्त सुरक्षा मिल सकती है।

उनका कहना है कि बिहार में जातीय सर्वे के बाद सामने आए आंकड़े सामाजिक संरचना को समझने में महत्वपूर्ण हैं। यदि इसी तरह देशव्यापी स्तर पर जातीय जनगणना होती है तो विभिन्न समुदायों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की व्यापक तस्वीर सामने आ सकती है।

तेजस्वी यादव ने यह भी संकेत दिया कि जातीय जनगणना का मुद्दा राजद की राजनीति में आगे भी महत्वपूर्ण बना रहेगा। पार्टी इसे सामाजिक न्याय और हिस्सेदारी के सवाल से जोड़कर देखती है।

दिल्ली दौरे के बीच दो बड़े राजनीतिक मुद्दे

लालू प्रसाद यादव का परिवार ऐसे समय दिल्ली रवाना हुआ है जब बिहार में नेपाल की बाढ़ को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता बढ़ाई जा रही है। दूसरी ओर राष्ट्रीय राजनीति में जातीय जनगणना का मुद्दा लगातार चर्चा में है।

एक तरफ तेजस्वी यादव ने नेपाल की आपदा को बिहार के लिए संभावित खतरे से जोड़ते हुए सरकार को अलर्ट रहने की सलाह दी, तो दूसरी तरफ उन्होंने जातीय जनगणना और आरक्षण के सवाल पर केंद्र सरकार के खिलाफ राजद का रुख दोहराया।

नेपाल की स्थिति को लेकर फिलहाल बिहार प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती नदी जलस्तर और सीमावर्ती इलाकों की निगरानी बनी हुई है। केंद्र सरकार ने भी प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों में प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

लालू परिवार के दिल्ली रवाना होने के साथ ही बिहार की सियासत में भी इन दोनों मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में नेपाल की बाढ़ की स्थिति और जातीय जनगणना पर राजनीतिक दलों के रुख पर नजर रहेगी।

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जातीय जनगणना पर बिहार की राजनीति में फिर तेज हुई बयानबाजी

आपदा के समय राजनीति से ऊपर तैयारी जरूरी

नेपाल में आई बाढ़ ने एक बार फिर बिहार के लिए नदी और बाढ़ प्रबंधन की चुनौती को सामने ला दिया है। नेपाल और बिहार की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि पड़ोसी देश में होने वाली भारी बारिश और अचानक आने वाली बाढ़ का असर बिहार की नदियों पर पड़ सकता है। इसलिए राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ जमीन पर तैयारी सबसे महत्वपूर्ण है।

तेजस्वी यादव ने जिस सतर्कता की बात कही है, उसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि सीमावर्ती इलाकों में समय पर सूचना और प्रशासनिक तैयारी लोगों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय, स्थानीय प्रशासन की सक्रियता और राहत एजेंसियों की तैयारी से संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।

वहीं जातीय जनगणना का सवाल बिहार की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। इसके पक्ष में तर्क देने वालों का कहना है कि वास्तविक सामाजिक-आर्थिक आंकड़े नीतियां बनाने में मदद कर सकते हैं। अब राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर क्या फैसला होता है, यह आगे की राजनीति में अहम रहेगा।

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