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Samastipur News: समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान का लाइव प्रसारण, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | समस्तीपुर में समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता और ऋण उपलब्ध कराया गया।

समस्तीपुर, 27 अगस्त। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार एवं आजीविका के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किए गए “समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान” का शुभारंभ कार्यक्रम गुरुवार को समस्तीपुर समाहरणालय में लाइव देखा गया। पटना के बापू सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण समाहरणालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने की। उनके साथ उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, जीविका के डीपीएम विक्रांत कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और जीविका से जुड़ी महिला लाभुक मौजूद रहीं। लाइव प्रसारण के दौरान राज्य सरकार की महिला रोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बड़ी संख्या में महिला लाभुकों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की पहल की गई। कार्यक्रम के दौरान चार लाख महिला लाभुकों के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये की राशि अंतरित की गई। वहीं एक लाख महिला लाभुकों को दूसरी किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी गई।

इसके अलावा जीविका निधि के माध्यम से एक लाख लाभुकों को 10-10 हजार रुपये की दर से ऋण वितरण की पहल भी की गई। सरकार की ओर से दी जा रही यह आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी आजीविका शुरू करने या पहले से चल रहे छोटे रोजगार को आगे बढ़ाने में मददगार हो सकती है।

स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर फोकस

अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें आय के स्थायी साधनों से जोड़ना है। वित्तीय सहायता मिलने के बाद लाभुक महिलाएं अपनी रुचि और स्थानीय जरूरत के अनुसार विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों को आगे बढ़ा सकती हैं।

जीविका से जुड़ी महिलाओं के लिए ऐसी योजनाएं खास महत्व रखती हैं। समूह आधारित गतिविधियों के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण और छोटे व्यवसाय से जुड़कर परिवार की आय में योगदान दे रही हैं। नई वित्तीय सहायता से इन गतिविधियों को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।

समस्तीपुर में लाइव प्रसारण के दौरान मौजूद महिला लाभुकों ने भी सरकार की पहल को उपयोगी बताया। उनका कहना था कि मिलने वाली राशि का इस्तेमाल वे आजीविका और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ाने में करेंगी।

डीएम ने पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाने का दिया निर्देश

जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना परिवार और समाज की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता से उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर तलाशने और अपनी आजीविका को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की महिला सशक्तीकरण और रोजगारपरक योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में पात्रता, प्रक्रिया और लाभ के वितरण को लेकर स्पष्टता बनाए रखने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब जरूरतमंद और पात्र लाभुकों तक इसका लाभ समय पर पहुंचे। इसलिए संबंधित विभागों और कर्मियों को योजना के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने की जरूरत है।

एक लाख महिलाओं को ऋण की पहल

अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में जीविका निधि के माध्यम से एक लाख लाभुकों को 10 हजार रुपये प्रति लाभुक की दर से ऋण उपलब्ध कराने की पहल भी की गई। ऋण की यह सुविधा महिलाओं को छोटे स्तर पर कारोबार या आजीविका गतिविधियां शुरू करने में मदद कर सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूहों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में वित्तीय सहायता और ऋण सुविधा को समूह आधारित गतिविधियों से जोड़ने पर महिलाओं को रोजगार के स्थायी अवसर तैयार करने में मदद मिल सकती है।

महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार को फायदा

महिला आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभाव केवल संबंधित लाभुक तक सीमित नहीं रहता। जब महिला की अपनी आय बढ़ती है तो परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू जरूरतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

इसी सोच के तहत सरकार की ओर से महिलाओं को रोजगार और आजीविका से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान को इसी व्यापक उद्देश्य से जोड़कर देखा जा रहा है।

समस्तीपुर में कार्यक्रम के दौरान मौजूद अधिकारियों ने भी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। जीविका से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को जमीनी स्तर से जोड़ा।

राज्यस्तरीय कार्यक्रम में वित्तीय सहायता के अंतरण के साथ स्थानीय स्तर पर भी महिला लाभुकों को योजनाओं की जानकारी दी गई। इससे उन्हें उपलब्ध सुविधाओं और सहायता के माध्यम से अपनी आजीविका को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, जीविका डीपीएम विक्रांत कुमार सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। जीविका से जुड़ी महिला लाभुकों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर राज्यस्तरीय शुभारंभ को देखा।

समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान के तहत महिलाओं को वित्तीय रूप से सक्षम बनाने की पहल को बिहार में महिला केंद्रित रोजगार और आजीविका गतिविधियों को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सहायता प्राप्त करने वाली महिलाएं इन संसाधनों का इस्तेमाल किस तरह अपने रोजगार और आय के साधन को मजबूत करने में करती हैं और प्रशासन उन्हें आगे भी कितना संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराता है।

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आर्थिक आत्मनिर्भरता से मजबूत होगा परिवार

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने वाली योजनाओं का असर लंबे समय तक दिखाई दे सकता है। यदि वित्तीय सहायता का इस्तेमाल रोजगार शुरू करने, कारोबार बढ़ाने या आजीविका के नए साधन तैयार करने में होता है, तो इससे परिवार की आमदनी में स्थायी बढ़ोतरी की संभावना रहती है।

सरकार की ओर से राशि उपलब्ध कराना पहला कदम है। इसके बाद लाभुक महिलाओं को प्रशिक्षण, बाजार से जोड़ने, बैंकिंग सुविधा और कारोबार के विस्तार में मार्गदर्शन मिले तो इसका प्रभाव और व्यापक हो सकता है।

समस्तीपुर में अधिकारियों ने योजनाओं को पारदर्शी तरीके से पात्र लाभुकों तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। अब जरूरी है कि लाभुकों को राशि मिलने के बाद भी उनके कामकाज की प्रगति और जरूरतों पर ध्यान दिया जाए। आर्थिक सहायता तभी वास्तविक सशक्तीकरण में बदलेगी, जब महिला अपने पैरों पर खड़ी होकर नियमित आय अर्जित करने में सक्षम हो।

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