:
Breaking News

PATNA PROTEST: 70वीं BPSC की न्यायिक जांच और 85% डोमिसाइल की मांग को लेकर भीम आर्मी का अधिकार मार्च आज

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना में भीम आर्मी का अधिकार मार्च आज गांधी मैदान से निकलेगा। 70वीं BPSC परीक्षा की न्यायिक जांच, 85% डोमिसाइल नीति, भर्ती प्रक्रिया और दलित-अति पिछड़ा-अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।

पटना, 29 अगस्त। राजधानी पटना में शनिवार को भीम आर्मी की ओर से अधिकार मार्च प्रस्तावित है। गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से शुरू होने वाले इस मार्च में सरकारी भर्ती, प्रतियोगी परीक्षाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े कई मुद्दे उठाए जाने हैं। प्रदर्शन को देखते हुए पटना प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

आयोजकों की ओर से जारी कार्यक्रम में 70वीं BPSC परीक्षा की न्यायिक जांच की मांग को प्रमुख स्थान दिया गया है। इसके अलावा BPSC चेयरमैन पर कार्रवाई, बिहार की सरकारी नौकरियों में 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को तेज करने की मांग भी मार्च में उठाई जाएगी।

गांधी मैदान से शुरू होगा मार्च

अधिकार मार्च के लिए जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रदर्शन शनिवार सुबह 11 बजे गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से शुरू होगा। आयोजकों ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है।

मार्च के दौरान भीड़ की संख्या और उसके निर्धारित मार्ग पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। राजधानी में पिछले कुछ समय से लगातार हो रहे छात्र और अभ्यर्थी आंदोलनों को देखते हुए पुलिस पहले से सतर्क है।

70वीं BPSC परीक्षा फिर बनी आंदोलन का मुद्दा

भीम आर्मी के प्रस्तावित मार्च में 70वीं BPSC परीक्षा की न्यायिक जांच की मांग प्रमुख है। प्रदर्शनकारी परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

BPSC चेयरमैन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग कार्यक्रम में शामिल की गई है। 70वीं BPSC को लेकर इससे पहले भी पटना में अभ्यर्थियों के आंदोलन और विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। ऐसे में इस मुद्दे को अधिकार मार्च में शामिल किए जाने से प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता का सवाल एक बार फिर राजनीतिक बहस में आ गया है।

सरकारी नौकरियों में 85% डोमिसाइल की मांग

मार्च का दूसरा बड़ा मुद्दा बिहार की सरकारी नौकरियों में 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग है। आयोजकों का तर्क है कि राज्य की सरकारी नौकरियों में बिहार के युवाओं को अधिक अवसर मिलना चाहिए।

इस मांग के जरिए प्रदर्शनकारी भर्ती व्यवस्था में स्थानीय युवाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की बात उठा रहे हैं। बिहार में रोजगार और सरकारी नियुक्तियों को लेकर युवाओं के बीच पहले से ही लगातार चर्चा और आंदोलन होते रहे हैं।

BSSC और दूसरी भर्तियों का मुद्दा भी उठेगा

अधिकार मार्च केवल BPSC तक सीमित नहीं रहेगा। BSSC की आगामी परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रदर्शन के दौरान उठाने की तैयारी है।

आयोजकों की ओर से लंबित भर्तियों को जल्द पूरा करने और परीक्षा प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में देरी का सीधा असर उन युवाओं पर पड़ता है जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं।

सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे भी शामिल

मार्च के एजेंडे में अति पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े सामाजिक मुद्दों को भी जगह दी गई है। आयोजकों की ओर से अत्याचार, शोषण, बलात्कार और हत्या जैसी घटनाओं में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई जाएगी।

इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए ऑनलाइन FIR की व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान और सुलभ होनी चाहिए।

अति पिछड़ा वर्ग के लिए अलग कानून की मांग

भीम आर्मी की ओर से अति पिछड़ा वर्ग के लिए भी अत्याचार निवारण कानून बनाने की मांग उठाई जाएगी। संगठन की मांग है कि जिस तरह SC-ST अत्याचार निवारण कानून के तहत विशेष कानूनी प्रावधान हैं, उसी तर्ज पर अति पिछड़ा वर्ग के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जाए।

यह मांग अधिकार मार्च के सामाजिक न्याय से जुड़े प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

चंद्रशेखर आजाद के पहुंचने की चर्चा

अधिकार मार्च में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद रावण के शामिल होने की चर्चा भी है। उनके आने की स्थिति में प्रदर्शन में भीड़ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि उनके कार्यक्रम में शामिल होने की अंतिम स्थिति की आधिकारिक पुष्टि आयोजकों की ओर से ही मानी जाएगी। इसलिए फिलहाल इसे संभावित उपस्थिति के तौर पर ही देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री आवास और लोकभवन के आसपास सुरक्षा बढ़ी

प्रस्तावित मार्च को लेकर प्रशासन ने राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मुख्यमंत्री आवास और लोकभवन के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

इसके अलावा डाकबंगला चौराहा और आसपास के प्रमुख मार्गों पर भी पुलिस की निगरानी रहेगी। प्रशासन की कोशिश है कि मार्च के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

हाल के प्रदर्शनों को देखते हुए सतर्क प्रशासन

पटना में पिछले दिनों विभिन्न छात्र और अभ्यर्थी संगठनों के प्रदर्शन हुए हैं। कुछ प्रदर्शनों के दौरान बैरिकेडिंग और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी थी। इसी पृष्ठभूमि में प्रशासन इस बार पहले से अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है।

पुलिस की नजर मार्च में शामिल होने वाली भीड़, उसके मार्ग और संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास की गतिविधियों पर रहेगी। जरूरत के अनुसार यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है।

रोजगार से सामाजिक न्याय तक कई मुद्दे

भीम आर्मी के अधिकार मार्च का एजेंडा केवल एक परीक्षा या एक भर्ती तक सीमित नहीं है। इसमें सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं की हिस्सेदारी, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, लंबित भर्तियां और विभिन्न सामाजिक वर्गों की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।

अब यह देखना होगा कि शनिवार को मार्च में कितनी संख्या में लोग पहुंचते हैं और प्रदर्शन किस रूप में आगे बढ़ता है। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ यातायात को सामान्य रखना होगी।

फिलहाल पटना में एक और बड़े प्रदर्शन की तैयारी है। प्रदर्शनकारियों की मांगें सीधे युवाओं, सरकारी भर्ती और सामाजिक न्याय से जुड़ी हैं, जबकि प्रशासन की प्राथमिकता शांतिपूर्ण प्रदर्शन और राजधानी में सामान्य व्यवस्था बनाए रखना है।

यह भी पढ़ें:

• बिहार में करीब 800 शिक्षक जांच के घेरे में, बिना मंजूरी रेगुलर कोर्स करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी

• आरक्षण की समीक्षा पर NDA में बढ़ी तकरार, संतोष सुमन और श्याम रजक के अलग-अलग सुर

सड़क पर उतरती मांगें और सरकार के सामने चुनौती

पटना में लगातार हो रहे छात्र और सामाजिक संगठनों के प्रदर्शन यह संकेत देते हैं कि सरकारी भर्ती, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण बने हुए हैं। अधिकार मार्च में कई अलग-अलग मांगों को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई है।

सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती केवल प्रदर्शन को नियंत्रित करने की नहीं है। इन मांगों को सुनना और जिन मामलों में तथ्यात्मक आधार हो, उन पर स्पष्ट स्थिति सामने रखना भी जरूरी है। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर युवाओं में भरोसा बनाए रखना किसी भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण है।

वहीं प्रदर्शनकारियों की भी जिम्मेदारी है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखें और कानून-व्यवस्था को प्रभावित न होने दें। शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

आज पटना में भीम आर्मी का अधिकार मार्च

भीम आर्मी शनिवार को पटना में अधिकार मार्च निकालने जा रही है। गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से सुबह 11 बजे प्रस्तावित मार्च में 70वीं BPSC की न्यायिक जांच, BPSC चेयरमैन पर कार्रवाई और सरकारी नौकरियों में 85% डोमिसाइल नीति की मांग उठाई जाएगी।

BSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की लंबित प्रक्रियाओं को पूरा करने, दलित-अति पिछड़ा-अल्पसंख्यक वर्ग के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई और SC-ST के लिए ऑनलाइन FIR जैसी मांगें भी मार्च के एजेंडे में हैं।

प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास, लोकभवन और डाकबंगला चौराहे के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *