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SDO और स्कूटी फोन पर उपलब्ध, रोसड़ा शहरी क्षेत्र के JE से संपर्क मुश्किल; उपभोक्ताओं में नाराजगी

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | रोसड़ा में बिजली विभाग के JE के फोन नहीं उठाने को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी है। SDO और स्कूटी से संपर्क होने के बावजूद JE से बात करना मुश्किल होने का आरोप है।

रोसड़ा बिजली विभाग के शहरी क्षेत्र  के जेई के रवैये को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली से जुड़ी समस्या होने पर विभाग के एसडीओ और स्कूटी से फोन पर संपर्क करना आसान है और वे फोन उठाकर लोगों की बात भी सुनते हैं, लेकिन संबंधित जेई से संपर्क करना बेहद मुश्किल है। आरोप है कि जेई फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते।

हालांकि जिस उपभोक्ता के यहां लंबे समय तक बिजली बाधित थी, वहां अब बिजली आपूर्ति बहाल हो गई है, लेकिन इस दौरान जेई से संपर्क नहीं हो पाने का मामला सवाल खड़ा कर रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली की समस्या आने पर सबसे पहले स्थानीय स्तर पर तैनात जेई से ही संपर्क करने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में यदि जेई का फोन ही नहीं उठे तो उपभोक्ता अपनी समस्या किसके सामने रखे?

लोगों के मुताबिक बिजली विभाग के एसडीओ से संपर्क करने पर फोन रिसीव किया जाता है और समस्या बताने का मौका मिलता है। विभाग के स्कूटी से भी संपर्क संभव है। लेकिन जेई को बार-बार फोन करने के बावजूद बातचीत नहीं हो पाना उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

उपभोक्ताओं का सवाल है कि जब विभाग के वरिष्ठ अधिकारी फोन पर उपलब्ध रहकर लोगों की समस्या सुन सकते हैं, तो स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था से जुड़े जेई को भी उपभोक्ताओं के फोन का जवाब देना चाहिए।

बिजली आपूर्ति में खराबी आने पर उपभोक्ता को यह जानकारी चाहिए होती है कि फॉल्ट कहां है, टीम भेजी गई है या नहीं और बिजली कब तक बहाल होगी। इस तरह की जानकारी के लिए जेई से संपर्क महत्वपूर्ण होता है। लेकिन फोन रिसीव नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को इधर-उधर संपर्क करना पड़ता है।

यह मामला केवल एक उपभोक्ता की परेशानी तक सीमित नहीं है। यदि किसी क्षेत्र में बिजली से संबंधित शिकायतों के लिए जिम्मेदार अधिकारी से ही संपर्क नहीं हो पाए तो विभाग की शिकायत निवारण व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जेई अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं की शिकायतों के समय फोन पर उपलब्ध रहें। यदि किसी कारण से फोन उठाना संभव नहीं हो तो कम-से-कम शिकायतों के लिए वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग से वे कोई विशेष सुविधा नहीं मांग रहे हैं। उनकी अपेक्षा सिर्फ इतनी है कि बिजली से जुड़ी समस्या होने पर संबंधित अधिकारी उनकी बात सुनें और उन्हें वास्तविक स्थिति की जानकारी दें।

अब बिजली आपूर्ति बहाल हो चुकी है, लेकिन जेई के फोन नहीं उठाने का सवाल अभी भी बरकरार है। उपभोक्ताओं की मांग है कि विभाग इस पर ध्यान दे, ताकि भविष्य में बिजली की समस्या के दौरान लोगों को अधिकारी से संपर्क करने के लिए परेशान न होना पड़े।

सवाल सीधा है—जब एसडीओ और स्कूटी उपभोक्ताओं का फोन उठा सकते हैं, तो जेई फोन उठाना क्यों मुनासिब नहीं समझते?

फोन नहीं उठाना भी है जवाबदेही का सवाल

बिजली आपूर्ति में तकनीकी खराबी आना कोई असामान्य बात नहीं है। कभी फॉल्ट, कभी ट्रांसफॉर्मर की खराबी और कभी अन्य तकनीकी कारणों से बिजली बाधित हो सकती है। लेकिन समस्या तब गंभीर बन जाती है, जब परेशान उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर संबंधित अधिकारी से संपर्क करना चाहे और फोन ही न उठे।

रोसड़ा शहरी क्षेत्र के जेई को लेकर सामने आई उपभोक्ताओं की शिकायत इसी सवाल को उठाती है। यदि एसडीओ और स्कूटी उपभोक्ताओं की कॉल रिसीव कर उनकी बात सुन सकते हैं, तो स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था से जुड़े जेई से संपर्क करना मुश्किल क्यों होना चाहिए? जेई उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में उनका फोन पर उपलब्ध रहना केवल सुविधा नहीं, बल्कि जनसेवा और जवाबदेही का हिस्सा माना जाना चाहिए।

यह भी सही है कि अधिकारी हर समय फोन पर उपलब्ध नहीं रह सकते। लेकिन लगातार संपर्क नहीं हो पाने की स्थिति में विभाग को वैकल्पिक शिकायत व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उपभोक्ता को कम-से-कम यह जानकारी तो मिलनी ही चाहिए कि उसकी शिकायत किसके पास दर्ज हुई है और समाधान के लिए क्या कार्रवाई की जा रही है।

बिजली विभाग उपभोक्ताओं से समय पर बिल भुगतान की अपेक्षा करता है। बदले में उपभोक्ता भी यही उम्मीद करता है कि परेशानी के समय उसकी आवाज सुनी जाएगी। इसलिए सवाल सिर्फ एक फोन कॉल का नहीं, बल्कि विभागीय जवाबदेही और उपभोक्ता सम्मान का है।

बिजली आ जाने के बाद समस्या भले खत्म हो गई हो, लेकिन फोन नहीं उठाने की शिकायत पर विभाग को गंभीरता से विचार करना चाहिए। एक जिम्मेदार व्यवस्था वही है, जहां बिजली के साथ-साथ जवाब भी समय पर मिले।

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