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Bihar Weather: बिहार के 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 40 KM की रफ्तार से चलेगी हवा; पटना समेत 27 जिलों में येलो अलर्ट

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में 31 अगस्त को 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 27 जिलों में येलो अलर्ट, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।

पटना, 31 अगस्त। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को 11 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 27 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। हवा की गति करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

ऑरेंज अलर्ट की श्रेणी में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल को रखा गया है। इन जिलों में मौसम के अधिक सक्रिय रहने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

वहीं सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, वैशाली, समस्तीपुर, पटना, जहानाबाद, बेगूसराय, खगड़िया, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, गया, नवादा, मुंगेर, जमुई, बांका, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और भागलपुर में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में भी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस मौसम प्रणाली के कारण बिहार की ओर नमी वाली हवाओं का प्रवाह हो रहा है। इसके प्रभाव से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।

बिहार में मौसम का असर हर जिले में एक जैसा नहीं है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो रही है, जबकि कई इलाकों में बारिश के बाद धूप निकलने से उमस बढ़ जा रही है। इसी वजह से लोगों को एक ही दिन में बारिश और गर्मी दोनों का सामना करना पड़ रहा है।

राजधानी पटना में भी सोमवार को मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है। बारिश होने पर तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है, लेकिन बारिश थमने के बाद उमस फिर बढ़ सकती है।

पिछले 24 घंटे के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। पटना, सुपौल, जमुई और रोहतास सहित कई क्षेत्रों में बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलजमाव की स्थिति देखने को मिली। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बारिश के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

सितंबर की शुरुआत में भी बिहार को बारिश से पूरी तरह राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 और 2 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। इसके बाद 3 से 5 सितंबर के बीच कई इलाकों में धूप निकलने और तापमान बढ़ने की संभावना है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश की गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं होंगी।

इस मानसून सीजन में बिहार अब तक बारिश की कमी से भी जूझ रहा है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक राज्य में करीब 768.8 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक लगभग 459.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस तरह बारिश सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम है।

बारिश की कमी का असर खेती पर भी पड़ रहा है। जिन इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां किसान अब भी अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं जिन क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश हो रही है, वहां खेतों में पानी जमा होने और फसलों को नुकसान की स्थिति भी बन सकती है।

रविवार को राज्य के कई जिलों में तापमान भी अधिक रहा। दरभंगा में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कैमूर में 35.8 डिग्री, पटना में 35.6 डिग्री, मुंगेर में 35.4 डिग्री और समस्तीपुर में 35.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग की ओर से वज्रपात को लेकर जारी चेतावनी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। बारिश और आकाशीय बिजली की स्थिति में सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहना बेहतर है।

फिलहाल बिहार में मानसून की गतिविधियां बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में कहीं तेज बारिश तो कहीं बादल और उमस का दौर देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की जरूरत है।

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बिहार में इस समय बारिश का होना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसका सही समय और समान वितरण भी है। राज्य में बारिश की कुल कमी अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।

हालांकि अचानक होने वाली तेज बारिश अपने साथ जलजमाव और फसल नुकसान की परेशानी भी लेकर आती है। जिन क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, वहां जलनिकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है। दूसरी ओर कम बारिश वाले क्षेत्रों में किसान मानसून की अगली गतिविधि पर निर्भर हैं।

वज्रपात को लेकर भी प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर किसानों, मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों को गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।

सितंबर की शुरुआत में बारिश की संभावना बनी रहने से किसानों को कुछ राहत की उम्मीद है, लेकिन मौसम का यह दौर पूरी तरह स्थिर नहीं रहने वाला। बिहार में आने वाले दिनों में बारिश, धूप और उमस का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।

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