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Bihar Crime News: बेतिया में दुकान बंद कर लौट रहे स्वर्ण व्यवसायी को गोली, सीने में लगी गोली; अस्पताल में हंगामा

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पश्चिम चंपारण के बेतिया में दुकान बंद कर घर लौट रहे स्वर्ण व्यवसायी को गोली मार दी गई। सीने में गोली लगने के बाद अस्पताल में हंगामे की स्थिति बनी। पुलिस जांच में जुटी है।

बेतिया, 1 सितंबर। पश्चिम चंपारण के बेतिया में सोमवार देर शाम अपराधियों ने एक स्वर्ण व्यवसायी को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। व्यवसायी अपनी दुकान बंद कर बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अज्ञात हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। गोली सीने में लगने के बाद गंभीर हालत में उन्हें जीएमसीएच बेतिया पहुंचाया गया।

घटना के बाद अस्पताल में घायल के परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इलाज और जांच को लेकर बढ़े आक्रोश के बीच कुछ देर के लिए इमरजेंसी परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। बाद में परिजन घायल को निजी एंबुलेंस से लेकर वहां से चले गए।

दुकान से घर लौटते समय बनाया निशाना

घायल व्यवसायी की पहचान सिरिसिया थाना क्षेत्र के गरभुआ गांव निवासी 45 वर्षीय गोविंद साह के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय सुरेंद्र साह के पुत्र बताए जा रहे हैं।

गोविंद साह की मनुआपुल इलाके में सोने-चांदी की दुकान है। सोमवार की रात करीब नौ बजे उन्होंने दुकान बंद की और बाइक से अपने गांव की ओर निकल गए। रास्ते में पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन्हें रोककर गोली चला दी।

गोली सीधे उनके सीने में लगी। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर पहुंचे। घायल व्यवसायी के बारे में जानकारी मिलते ही परिवार और ग्रामीण भी वहां पहुंचे और उन्हें तत्काल इलाज के लिए बेतिया के जीएमसीएच ले जाया गया।

इमरजेंसी में भर्ती के बाद जांच की तैयारी

रात करीब साढ़े नौ बजे गोविंद साह को जीएमसीएच की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए गोली की स्थिति और संभावित अंदरूनी चोट का आकलन करने के लिए एक्स-रे और सीटी स्कैन कराने की सलाह दी।

इसी दौरान अस्पताल में मौजूद परिजनों और ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ने लगी। इलाज और जांच की प्रक्रिया को लेकर लोगों का आक्रोश बढ़ा और इमरजेंसी के आसपास भीड़ जमा हो गई।

कुछ देर बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और घायल को परिजन निजी एंबुलेंस से लेकर अस्पताल से चले गए। बताया गया कि इस दौरान अस्पताल परिसर में करीब आधे घंटे तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही।

अस्पताल में नुकसान की भी चर्चा

घटना के दौरान अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ किए जाने की बात भी सामने आई है। कुछ तस्वीरों में इमरजेंसी परिसर में एक बेड क्षतिग्रस्त और मेडिकल सामान जमीन पर बिखरा दिखाई देने की जानकारी है।

हालांकि अस्पताल की संपत्ति को किसने और किन परिस्थितियों में नुकसान पहुंचाया, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इसलिए इस पहलू पर भी स्थिति पुलिस और अस्पताल प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

गोलीकांड के पीछे क्या वजह?

गोविंद साह पर हमला किस वजह से किया गया, अभी यह साफ नहीं है। चूंकि वह स्वर्ण व्यवसाय से जुड़े हैं, इसलिए पुलिस घटना के संभावित कारणों समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है।

अपराधियों ने व्यवसायी को पहले से निशाना बनाया था या घटना के पीछे लूट अथवा कोई अन्य वजह थी, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ घटनास्थल से जुड़े सुराग तलाश रही है।

अपराधियों की तलाश में जुटी पुलिस

गोलीबारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान और घटना की वजह पता लगाने के लिए आसपास के इलाकों में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों की पहचान करना और यह पता लगाना है कि वारदात से पहले अपराधियों ने व्यवसायी का पीछा किया था या वे रास्ते में पहले से मौजूद थे।

घटना के बाद स्वर्ण व्यवसायियों और स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस गोलीकांड से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

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स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा फिर सवालों में

दुकान बंद कर घर लौट रहे स्वर्ण व्यवसायी पर गोली चलाने की घटना ने कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्वर्ण कारोबार से जुड़े लोगों के पास दिनभर का कारोबार खत्म होने के बाद नकदी या कीमती सामान होने की संभावना रहती है। ऐसे में दुकान बंद करने के बाद घर लौटने का समय अपराधियों के लिए संवेदनशील मौका बन सकता है।

हालांकि इस मामले में हमला किस उद्देश्य से किया गया, यह अभी जांच का विषय है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की जांच का इंतजार जरूरी है।

घटना के बाद अस्पताल में पैदा हुई स्थिति भी अलग चिंता का विषय है। घायल के परिजनों का आक्रोश समझा जा सकता है, लेकिन अस्पताल में मौजूद दूसरे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि संपत्ति को नुकसान पहुंचने की बात जांच में सही साबित होती है तो इसके लिए जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

इस पूरे मामले में पुलिस को दो स्तरों पर तेजी से काम करना होगा—पहला, गोली चलाने वाले अपराधियों तक पहुंचना और दूसरा, हमले की वास्तविक वजह सामने लाना। साथ ही अस्पताल में हुई कथित अफरातफरी और नुकसान की भी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

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