:
Breaking News

Samastipur Flood: मोहिउद्दीन नगर और मोहनपुर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे डीएम, अधिकारियों को कैंप मोड में रहने का निर्देश

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर और मोहनपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का डीएम रोशन कुशवाहा ने निरीक्षण किया। अधिकारियों को सतत निगरानी और कैंप मोड में राहत कार्य चलाने का निर्देश दिया।

समस्तीपुर, 03 सितंबर। समस्तीपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी और राहत व्यवस्था को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने गुरुवार को मोहिउद्दीन नगर और मोहनपुर प्रखंड के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलस्तर, लोगों के आवागमन, तटबंधों की स्थिति और प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही जरूरी सुविधाओं की जानकारी ली।

जिलाधिकारी के क्षेत्र भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के कारण उत्पन्न परिस्थितियों का मौके पर आकलन करना और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करना रहा। उन्होंने अधिकारियों से स्थानीय स्तर पर बाढ़ की स्थिति, संवेदनशील स्थानों और आम लोगों के सामने आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी ली। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय रखा गया है।

निरीक्षण के दौरान पटोरी के अनुमंडल पदाधिकारी, मोहिउद्दीन नगर और मोहनपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा बाढ़ प्रमंडल के अभियंता मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में केवल कार्यालय स्तर से निगरानी नहीं, बल्कि अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति को समझें और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करें।

डीएम ने अधिकारियों को कैंप मोड में काम करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य प्रभावित इलाकों में प्रशासन की मौजूदगी बनाए रखना और लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान करना है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में छोटी-सी लापरवाही भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर मिलने वाली शिकायतों और जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

तटबंधों की सुरक्षा को लेकर भी जिलाधिकारी ने विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। बाढ़ प्रमंडल के अभियंताओं से कहा गया कि तटबंधों और अन्य संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जाए। जहां भी किसी प्रकार की कमजोरी या खतरे की आशंका नजर आए, वहां समय रहते सुरक्षात्मक और निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि किसी भी संभावित स्थिति से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जरूरतों का नियमित आकलन करने को भी कहा। उन्होंने पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। बाढ़ के दौरान लोगों को दैनिक जरूरतों से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया।

राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी भी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से दी गई है। जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन राजेश सिंह को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों और प्रशासन की तैयारियों पर लगातार नजर रखें। साथ ही प्रत्येक दिन की कार्रवाई और क्षेत्र की स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराने को कहा गया है।

जिला प्रशासन की ओर से यह संदेश दिया गया है कि बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ तकनीकी टीमों को भी सक्रिय रखा गया है। संवेदनशील स्थानों की निगरानी, तटबंधों की सुरक्षा और प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

इस दौरान मोहिउद्दीन नगर के विधायक राजेश सिंह, उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह, पटोरी अनुमंडल पदाधिकारी विकास पांडे समेत संबंधित प्रखंडों के बीडीओ, सीओ, बाढ़ प्रमंडल के अभियंता और अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

प्रशासन की तैयारी का फोकस

बाढ़ जैसी आपदा में सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने की होती है। ऐसे में जिलाधिकारी का कैंप मोड में काम करने का निर्देश स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही को सीधे प्रभावित क्षेत्रों से जोड़ता है। यदि अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहते हैं तो जलस्तर में बदलाव, तटबंध से जुड़े खतरे, आवागमन में परेशानी और राहत की जरूरत जैसी सूचनाओं पर तुरंत निर्णय लिया जा सकता है। आने वाले दिनों में प्रशासन के लिए सबसे अहम चुनौती यही होगी कि निगरानी के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को जरूरी सेवाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं।

यह भी पढ़ें

समस्तीपुर में बाढ़ का बढ़ा खतरा, प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई निगरानी

गंगा समेत नदियों के बढ़ते जलस्तर से बिहार में बाढ़ की चिंता, प्रशासन अलर्ट

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *