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Patna Gaya Train: पुनपुन के बढ़े पानी से पटना-गया रेलखंड प्रभावित, 4 MEMU ट्रेनें रद्द

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पुनपुन नदी में बाढ़ के कारण पटना-गया रेलखंड पर परिचालन प्रभावित हुआ है। जट डुमरी-परसा बाजार के बीच पुल संख्या 21 पर पानी पहुंचने के बाद डाउन लाइन बंद कर दी गई और 4 मेमू ट्रेनें रद्द की गईं।

पटना, 05 सितंबर। बिहार में बाढ़ की स्थिति का असर अब रेल सेवाओं पर भी पड़ने लगा है। पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पटना-गया रेलखंड पर रेलवे को एहतियाती कदम उठाना पड़ा है। जट डुमरी और परसा बाजार के बीच स्थित पुल संख्या 21 के आसपास बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर डाउन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है।

रेलवे के अनुसार, पुल के आसपास पानी का स्तर बढ़ते-बढ़ते गर्डर के निचले हिस्से तक पहुंच गया। इसके बाद रेल पथ और पुल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डाउन लाइन पर परिचालन रोकने का निर्णय लिया गया। हालांकि, फिलहाल इस रेलखंड की अप लाइन पर ट्रेनों का परिचालन जारी रखा गया है।

पुल संख्या 21 के पास बढ़ा पानी

पटना-गया रेलखंड पर किलोमीटर 11/32-38 के बीच स्थित पुल संख्या 21 के आसपास पुनपुन नदी का पानी लगातार बढ़ रहा था। बाढ़ का पानी पुल के गर्डर के निचले हिस्से तक पहुंचने की स्थिति को रेलवे ने गंभीरता से लिया।

स्थिति की निगरानी के बाद जट डुमरी और परसा बाजार के बीच डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। रेलवे का यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और रेल संरचना को किसी संभावित नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है।

चार मेमू ट्रेनें रद्द

बाढ़ की स्थिति का सीधा असर पटना और गया के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ा है। रेलवे ने इस स्थिति के कारण पटना-गया रेलखंड पर चलने वाली चार मेमू ट्रेनों को रद्द किया है।

रद्द की गई ट्रेनों में:

63242 गया-पटना मेमू

63244 गया-पटना मेमू

63245 पटना-गया मेमू

63247 पटना-गया मेमू

इन ट्रेनों के रद्द होने से पटना, जहानाबाद और गया के बीच प्रतिदिन आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं

रेलखंड पर बाढ़ की स्थिति का असर सिर्फ मेमू ट्रेनों तक सीमित नहीं है। पानी बढ़ने और परिचालन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण दूसरी ट्रेनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा है। कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से तीन से चार घंटे तक की देरी से चलने की जानकारी सामने आई है।

ऐसे में पटना-गया रेलखंड से यात्रा करने वाले यात्रियों को स्टेशन रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की जरूरत होगी।

अप लाइन पर फिलहाल परिचालन जारी

रेलवे ने प्रभावित हिस्से की डाउन लाइन पर परिचालन रोक दिया है, लेकिन अप लाइन पर फिलहाल ट्रेनों की आवाजाही जारी है। यानी रेलखंड को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। रेलवे परिस्थितियों के अनुसार ट्रेनों के परिचालन को नियंत्रित कर रहा है।

बाढ़ का पानी कम होने और रेल संरचना की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक डाउन लाइन पर परिचालन बहाल नहीं किया जाएगा। रेलवे की ओर से ट्रैक, पुल और आसपास के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

यात्रियों की सुरक्षा बनी पहली प्राथमिकता

रेलवे अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता इस समय यात्रियों की सुरक्षा के साथ पुल और रेल ट्रैक की मजबूती है। पुल के गर्डर के निचले हिस्से तक पानी पहुंचना ऐसी स्थिति है, जिसमें बिना जांच के ट्रेनों का परिचालन जारी रखना जोखिम भरा हो सकता है।

इसी वजह से रेलवे ने तत्काल परिचालन रोकने का फैसला किया है। पानी घटने के बाद भी तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की पुष्टि किए बिना डाउन लाइन को दोबारा चालू नहीं किया जाएगा।

रेलवे की टीम लगातार कर रही निगरानी

पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल की टीम प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पुल के पास जलस्तर बढ़ने के कारण एहतियातन डाउन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही बंद की गई है।

रेलवे की टीम पानी के स्तर, ट्रैक की स्थिति और पुल की सुरक्षा की निगरानी कर रही है। परिस्थितियों में सुधार होने के बाद ही आगे परिचालन को लेकर फैसला लिया जाएगा।

बाढ़ के बीच रेल यात्रियों के लिए बढ़ी परेशानी

बिहार में कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पहले से बनी हुई है। ऐसे में पटना-गया रेलखंड पर परिचालन प्रभावित होने से रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खासकर नौकरी, पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरी कामों के लिए पटना, जहानाबाद और गया के बीच सफर करने वाले यात्रियों को ट्रेन रद्द होने और देरी का सामना करना पड़ सकता है।

रेलवे की ओर से फिलहाल सुरक्षा को देखते हुए डाउन लाइन को बंद रखा गया है। इसका मतलब साफ है कि पानी कम होने के साथ ही तकनीकी सुरक्षा जांच भी जरूरी होगी। केवल जलस्तर नीचे आने से परिचालन तत्काल शुरू नहीं किया जाएगा।

कब शुरू होगी डाउन लाइन पर ट्रेन सेवा?

डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन कब बहाल होगा, यह पूरी तरह जलस्तर और ट्रैक की सुरक्षा पर निर्भर करेगा। रेलवे की टीम स्थिति का आकलन करती रहेगी। जब पुल और रेल ट्रैक को सुरक्षित घोषित किया जाएगा, उसके बाद ही इस लाइन पर परिचालन शुरू किया जाएगा।

यात्रियों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि वे अपनी यात्रा से पहले संबंधित ट्रेन का अपडेट जरूर जांच लें। बाढ़ की स्थिति तेजी से बदल सकती है और रेलवे भी परिस्थितियों के अनुसार परिचालन में बदलाव कर सकता है।

बाढ़ ने बढ़ाई रेल व्यवस्था की चुनौती

पुनपुन नदी का बढ़ता जलस्तर एक बार फिर यह दिखाता है कि बाढ़ का असर केवल सड़क और गांवों तक सीमित नहीं रहता। जब नदियों का पानी रेल पुलों और ट्रैक के आसपास पहुंचता है, तो रेलवे को भी सुरक्षा के लिहाज से परिचालन रोकना पड़ता है।

पटना-गया रेलखंड पर उठाया गया कदम इसी सावधानी का हिस्सा है। चार मेमू ट्रेनों को रद्द करने और डाउन लाइन को बंद रखने से यात्रियों को तत्काल परेशानी जरूर होगी, लेकिन पुल और ट्रैक की सुरक्षा के लिहाज से यह एहतियाती फैसला महत्वपूर्ण है।

फिलहाल रेलवे की नजर पुनपुन नदी के जलस्तर पर है। पानी घटने, ट्रैक और पुल की तकनीकी जांच पूरी होने तथा सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही डाउन लाइन पर सामान्य परिचालन की उम्मीद की जा सकती है।

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