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Patna Traffic: ड्यूटी से गायब मिलीं दो महिला पुलिसकर्मी निलंबित, मोबाइल चलाने पर दो का वेतन रोका

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना में यातायात ड्यूटी के दौरान लापरवाही पर ट्रैफिक एसपी ने सख्त कार्रवाई की। दो महिला पुलिसकर्मी निलंबित और पांच पुलिसकर्मियों का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया।

पटना, 7 सितंबर। राजधानी में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी में लापरवाही सामने आने के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। यातायात एसपी सागर झा के औचक निरीक्षण के दौरान अलग-अलग ट्रैफिक पोस्ट पर कई पुलिसकर्मी निर्धारित जिम्मेदारी के अनुरूप काम करते नहीं मिले। कार्रवाई करते हुए दो महिला पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य पुलिसकर्मियों का वेतन रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।

सोमवार को हुए निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मामला वीवीआईपी मूवमेंट से जुड़ी ड्यूटी का सामने आया। संवेदनशील सुरक्षा व्यवस्था के बीच महिला सिपाही निशा कुमारी और गृह रक्षक रुचि कुमारी अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल पर मौजूद नहीं मिलीं। वीवीआईपी आवागमन के दौरान पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और सतर्कता को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे समय में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने को विभाग ने गंभीर लापरवाही माना और दोनों के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की।

ट्रैफिक एसपी की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल संबंधित कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पूरे यातायात पुलिस बल को स्पष्ट संदेश देना भी माना जा रहा है कि संवेदनशील ड्यूटी में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मोबाइल में व्यस्त मिलीं दो महिला सिपाही

औचक निरीक्षण के दौरान गांधी मैदान यातायात थाना क्षेत्र के कारगिल ट्रैफिक पोस्ट पर भी ड्यूटी को लेकर लापरवाही सामने आई। यहां तैनात महिला सिपाही प्रियांशु कुमारी और गौरी कुमारी यातायात संचालन पर ध्यान देने के बजाय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती मिलीं।

ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी के दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही, जाम की स्थिति और आम लोगों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखना जरूरी होता है। ऐसे में ऑन-ड्यूटी मोबाइल इस्तेमाल करते पाए जाने को विभाग ने गंभीरता से लिया। दोनों महिला सिपाहियों का वेतन रोक दिया गया है और उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

बाकरगंज पोस्ट पर भी तीन पुलिसकर्मी कार्रवाई के घेरे में

निरीक्षण के दौरान बाकरगंज ट्रैफिक पोस्ट की स्थिति भी अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बनी। यहां एएसआई रविंदर कुमार मंडल, महिला सिपाही गीता कुमारी और सिपाही सूरज कुमार सड़क पर यातायात व्यवस्था संभालने के बजाय पोस्ट के अंदर बैठे मिले।

ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी सड़क पर मौजूद रहकर यातायात को नियंत्रित करना और जरूरत के अनुसार लोगों की सहायता करना है। निरीक्षण के दौरान इन कर्मियों के पोस्ट के अंदर बैठे मिलने पर एसपी ने नाराजगी जताई। तीनों का वेतन रोकते हुए उनसे जवाब मांगा गया है।

इस तरह निरीक्षण में कुल पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। विभाग की ओर से संबंधित कर्मियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। उनके स्पष्टीकरण की समीक्षा के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो कार्रवाई और कठोर हो सकती है।

वीवीआईपी ड्यूटी में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस

यातायात पुलिस के लिए वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। ऐसे समय में ड्यूटी से अनुपस्थित रहना सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से दो महिला पुलिसकर्मियों का निलंबन विभाग की गंभीरता को दर्शाता है।

वहीं, कारगिल और बाकरगंज ट्रैफिक पोस्ट पर सामने आई लापरवाही के बाद वेतन रोकने और स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई भी विभागीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए फील्ड में पुलिसकर्मियों की सक्रिय मौजूदगी जरूरी है। जाम वाले स्थानों पर यातायात नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और आम लोगों को सुगम आवागमन उपलब्ध कराने में ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की भूमिका अहम होती है।

औचक निरीक्षण का मकसद भी यही है कि पुलिसकर्मी अपने निर्धारित स्थान पर मौजूद रहें और जिम्मेदारी के प्रति गंभीरता दिखाएं। अचानक होने वाली जांच से ड्यूटी के दौरान लापरवाही करने वाले कर्मियों की पहचान भी हो रही है।

आगे भी जारी रह सकता है औचक निरीक्षण

ट्रैफिक एसपी सागर झा की कार्रवाई के बाद यातायात पुलिसकर्मियों में सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है। विभाग की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता, अनुपस्थिति या जिम्मेदारी से बचने की कोशिश पर कार्रवाई की जाएगी।

राजधानी की यातायात व्यवस्था पहले से ही लगातार दबाव में रहती है। प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों और वीवीआईपी रूट पर पुलिसकर्मियों की सक्रिय तैनाती जरूरी है। ऐसे में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की लापरवाही का सीधा असर आम लोगों के आवागमन पर पड़ सकता है।

इस कार्रवाई के बाद अब संबंधित पुलिसकर्मियों के स्पष्टीकरण पर विभाग की नजर रहेगी। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने की स्थिति में आगे की विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, औचक निरीक्षण का अभियान आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।

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ड्यूटी में लापरवाही पर सख्ती जरूरी

यातायात पुलिस की जिम्मेदारी केवल चौराहे पर खड़े होकर वाहनों को आगे बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सड़क पर किसी भी समय जाम, दुर्घटना, वीवीआईपी मूवमेंट या अचानक पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों का सतर्क रहना जरूरी है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहना या मोबाइल में व्यस्त रहना गंभीर विषय है।

औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई कार्रवाई यह बताती है कि यातायात विभाग अब फील्ड ड्यूटी में अनुशासन को लेकर समझौता करने के मूड में नहीं है। हालांकि विभागीय कार्रवाई के साथ यह भी जरूरी है कि पुलिसकर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों और संवेदनशील ड्यूटी की स्पष्ट जानकारी दी जाए। नियमित निगरानी और जवाबदेही से ही यातायात व्यवस्था में स्थायी सुधार संभव है।

अगर कार्रवाई केवल कुछ दिनों तक सीमित रहती है तो उसका असर कम हो सकता है। इसके बजाय औचक निरीक्षण लगातार जारी रहे और अच्छा काम करने वाले कर्मियों को भी प्रोत्साहित किया जाए। इससे पुलिस बल में जिम्मेदारी और अनुशासन दोनों मजबूत होंगे। राजधानी की सड़कों पर सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए पुलिस की सक्रियता सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

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