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Bihar News: दरभंगा के स्कूल में शिक्षिका के गंभीर आरोप, प्रधान शिक्षक पर FIR; पुलिस जांच में जुटी

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | Darbhanga News | मोरो के प्राथमिक विद्यालय खपड़पुरा में शिक्षिका ने प्रधान शिक्षक पर छेड़छाड़, मानसिक प्रताड़ना, जातिसूचक टिप्पणी और अश्लील वीडियो दिखाने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

12 सितंबर, Alam Ki Khabar।दरभंगा जिले के मोरो थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खपड़पुरा से शिक्षिका की शिकायत पर गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय में पदस्थापित शिक्षिका ने प्रधान शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अभद्र व्यवहार, छेड़छाड़, मानसिक प्रताड़ना, जातिसूचक टिप्पणी और मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाने जैसे आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के बाद थाने पहुंचा मामला

शिक्षिका रीना कुमारी की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में कहा गया है कि प्रधान शिक्षक कथित तौर पर उनके साथ लंबे समय से आपत्तिजनक और असहज करने वाला व्यवहार कर रहे थे।

शिक्षिका का आरोप है कि प्रधान शिक्षक उनकी गतिविधियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते थे और कई बार ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते थे, जिन्हें उन्होंने अपमानजनक और अशोभनीय बताया है। विरोध करने पर कथित रूप से उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाने का आरोप

शिकायत में शिक्षिका ने एक घटना का भी उल्लेख किया है, जिसमें उनके अनुसार प्रधान शिक्षक ने उनके कंधे पर हाथ रखा और मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो दिखाया। शिक्षिका का दावा है कि इस तरह का कथित व्यवहार वर्ष 2025 से लगातार किसी न किसी रूप में जारी था।

शिकायती आवेदन में मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप

शिक्षिका ने अपने आवेदन में मानसिक तनाव और प्रताड़ना के कारण दो महीने का गर्भ गिरने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने इसके लिए प्रधान शिक्षक को जिम्मेदार बताया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही इस दावे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

शिक्षा विभाग में शिकायत के बाद पुलिस तक पहुंचा मामला

शिक्षिका के मुताबिक उन्होंने पहले विभागीय स्तर पर भी शिकायत की थी। उनका दावा है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और डीपीओ को मौखिक तथा लिखित रूप से मामले की जानकारी दी गई थी। उनके अनुसार विभागीय स्तर पर प्रधान शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उन्हें अपेक्षित कार्रवाई नहीं दिखी। इसके बाद उन्होंने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया।

पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज की प्राथमिकी

मोरो थानाध्यक्ष दिव्य ज्योति के अनुसार, शिक्षिका के आवेदन के आधार पर एससी-एसटी एक्ट के अलावा बीएनएस की धारा 75, 78, 351 और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी आरोपों की सच्चाई

मामला प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच के चरण में है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित व्यक्तियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। आरोपों की पुष्टि होने या नहीं होने की स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।

विद्यालयों में कार्यस्थल के माहौल पर सवाल

इस मामले ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के बीच सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल के सवाल को भी सामने ला दिया है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो मामला केवल व्यक्तिगत विवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभागीय और कानूनी कार्रवाई का आधार भी बन सकता है। वहीं, यदि आरोपों में कोई तथ्यात्मक अंतर सामने आता है तो जांच के आधार पर उसकी स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए।

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दरभंगा में विद्यालय से जुड़े मामलों में पुलिस और शिक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार चर्चा में रही है। ऐसे मामलों में विभागीय जांच के साथ पुलिस जांच की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है, ताकि आरोप और वास्तविक तथ्य अलग-अलग स्पष्ट किए जा सकें।

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