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प्रीता वर्मा को बिहार के प्रभारी DGP की जिम्मेदारी, जानिए 1991 बैच की IPS अधिकारी का पुलिस करियर

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | 1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार के प्रभारी DGP का अतिरिक्त प्रभार मिला है। जानिए उनका पुलिस करियर और पदक रिकॉर्ड।

Alam Ki Khabar, 16 सितंबर 2026: प्रीता वर्मा 1991 बैच की बिहार कैडर की IPS अधिकारी हैं और लंबे समय से राज्य पुलिस की वरिष्ठ जिम्मेदारियों में रही हैं। विनय कुमार की अनुपस्थिति में उन्हें राज्य पुलिस के शीर्ष पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसका मतलब यह है कि उन्हें स्थायी रूप से DGP नियुक्त नहीं किया गया है, बल्कि अवकाश की अवधि के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कौन हैं प्रीता वर्मा

प्रीता वर्मा बिहार कैडर की 1991 बैच की IPS अधिकारी हैं। उनका पुलिस सेवा का करियर तीन दशक से अधिक लंबा है। वरिष्ठता के आधार पर वह बिहार कैडर के DG रैंक के अधिकारियों में शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने UPSC Civil Services के माध्यम से IPS सेवा में प्रवेश किया था।

मौजूदा समय में किस पद पर हैं

प्रभारी DGP का अतिरिक्त प्रभार मिलने से पहले प्रीता वर्मा बिहार में DG, होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अब इस पद को जारी रखते हुए उन्हें बिहार पुलिस के DGP पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

इस व्यवस्था के दौरान पुलिस मुख्यालय से संबंधित DGP स्तर के जरूरी प्रशासनिक और पुलिस दायित्व उनके पास रहेंगे। विनय कुमार के अवकाश से लौटने के बाद यह अतिरिक्त प्रभार समाप्त हो जाएगा।

राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित

प्रीता वर्मा के पुलिस करियर में राष्ट्रपति पुलिस पदक का भी रिकॉर्ड है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की 2023 की आधिकारिक सूची में बिहार से President's Police Medal for Distinguished Service के लिए प्रीता वर्मा का नाम दर्ज है। उस सूची में उनका पद DG (Training), Patna, Bihar दर्ज किया गया था।

गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड के अनुसार 2023 में बिहार से इस श्रेणी में प्रीता वर्मा समेत दो पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल थे।

DG Training की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं

प्रीता वर्मा बिहार पुलिस में प्रशिक्षण से जुड़ी वरिष्ठ जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। 2023 के दौरान वह DG (Training) के पद पर थीं। इसके बाद राज्य सरकार के प्रशासनिक फेरबदल के तहत उनकी जिम्मेदारियां बदलीं और वह होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा की DG बनीं।

अभी क्यों मिली प्रभारी DGP की जिम्मेदारी

बिहार के मौजूदा DGP विनय कुमार 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अवकाश पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में पुलिस मुख्यालय के शीर्ष स्तर पर कामकाज जारी रखने के लिए प्रीता वर्मा को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के मुताबिक गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।

स्थायी DGP नियुक्ति से अलग है यह व्यवस्था

प्रीता वर्मा को प्रभारी DGP बनाया जाना और बिहार का स्थायी DGP नियुक्त किया जाना दो अलग प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं। मौजूदा आदेश केवल विनय कुमार की छुट्टी की अवधि में अतिरिक्त प्रभार से संबंधित है। इसलिए इसे स्थायी DGP नियुक्ति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

फिलहाल 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक बिहार पुलिस की शीर्ष जिम्मेदारी प्रीता वर्मा के पास रहेगी। इसके बाद विनय कुमार के वापस लौटने पर अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

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संपादकीय:

प्रीता वर्मा को प्रभारी डीजीपी की जिम्मेदारी मिलना बिहार पुलिस के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण अस्थायी बदलाव है। 1991 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी होने के कारण उनके पास लंबा प्रशासनिक और पुलिस अनुभव है। हालांकि यह जिम्मेदारी फिलहाल डीजीपी विनय कुमार के अवकाश की अवधि तक ही है। ऐसे में इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पुलिस मुख्यालय के कामकाज में निरंतरता बनाए रखना है। स्थायी डीजीपी को लेकर होने वाले किसी भी फैसले को इस अस्थायी व्यवस्था से अलग देखा जाना चाहिए।

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