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बिहार के 20 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, पटना समेत 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

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पटना, 17 सितंबर 2026 | Alam Ki Khabar: बिहार में मानसून की विदाई से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने राज्य के 20 जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें 13 जिलों के लिए ऑरेंज और 7 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
20 जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार पटना, जहानाबाद, नालंदा, गया, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका और भागलपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है।
वहीं सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में भी मौसम खराब रहने तथा बारिश और आकाशीय बिजली की गतिविधियां होने की संभावना जताई गई है।
पटना में भी बारिश के आसार
राजधानी पटना में दिनभर बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित पक्के भवन में रहने की अपील की गई है।
इससे पहले बुधवार को भी पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई। पिछले 24 घंटे के दौरान खगड़िया में सबसे अधिक 72 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बांका और दरभंगा में 70-70 मिलीमीटर, पूर्णिया में 56 मिलीमीटर और मुजफ्फरपुर में 49.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश के बीच तापमान में बड़ा बदलाव नहीं
बारिश के बावजूद अगले दो से तीन दिनों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। बुधवार को कैमूर 37.3 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा।
शेखपुरा में 36.2 डिग्री, सीवान में 35.4 डिग्री, नालंदा में 35.3 डिग्री, गया में 35 डिग्री और पटना में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
22 सितंबर से मौसम साफ होने का अनुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 19 सितंबर से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने लगेंगी। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है और 22 सितंबर से बिहार में मौसम के पूरी तरह साफ होने का अनुमान है।
हालांकि पूरे मानसून सीजन में बिहार बारिश की कमी से जूझता रहा है। राज्य में अब तक सामान्य रूप से 899.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 577.3 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज हुई है। इस तरह राज्य में सामान्य से करीब 36 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
बाढ़ के बीच मौसम ने बढ़ाई चुनौती
बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के पानी से बड़ी आबादी प्रभावित है। इसी बीच सीवान में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दादा और पोते की मौत की घटना सामने आई, जबकि एक अन्य युवक के घायल होने की जानकारी है।
भोजपुर में नदी में मछली पकड़ने के दौरान मछुआरों के जाल में घड़ियाल फंसने की घटना भी सामने आई। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का केंद्रीय मंत्री ने किया दौरा
बाढ़ की स्थिति के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ राज्य के प्रभावित इलाकों का दौरा किया। हाजीपुर में ट्रैक्टर और हेलिकॉप्टर से बाढ़ तथा फसल क्षति का जायजा लिया गया। इसके बाद मुंगेर में बाढ़ प्रभावित बच्चों से मुलाकात की गई।
मुंगेर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 83 किलोमीटर लंबी मुंगेर-भागलपुर गंगा पथवे परियोजना को एलिवेटेड के बजाय एट-ग्रेड यानी भू-स्तरीय सड़क के रूप में बनाने की घोषणा की। दौरे के अंत में भागलपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी हवाई सर्वेक्षण किया गया।
मौसम बदलने के पीछे क्या है वजह?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उत्तर-पूर्वी अरब सागर में बने चक्रवाती परिसंचरण तथा द्रोणिका रेखा के प्रभाव से बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। मानसून की विदाई से पहले बने इन मौसमी सिस्टम के कारण राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश और वज्रपात की स्थिति देखने को मिल रही है।
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