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Bihar Politics: पीएम मोदी के जन्मदिन पर मुकेश सहनी का तंज, पूछा- बाढ़ में बेघर लोग कहां जलाएंगे दीप

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पीएम मोदी के जन्मदिन पर मुकेश सहनी ने बिहार की बाढ़ और विस्थापन का मुद्दा उठाते हुए दीप जलाने की अपील पर सवाल खड़े किए।

पटना: 17 सितंबर 2026, Alam Ki Khabar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उन्हें शुभकामनाएं देने के साथ बिहार में जारी बाढ़ और उससे प्रभावित परिवारों की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। सहनी ने जन्मदिन के मौके पर दीप जलाने की अपील को बाढ़ से विस्थापित परिवारों की स्थिति से जोड़ते हुए पूछा कि जिन लोगों के घर बाढ़ में डूब गए हैं या जो अपने घरों से बाहर रहने को मजबूर हैं, वे आखिर दीप कहां जलाएंगे।

मुकेश सहनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के राजनीतिक जीवन में व्यक्तिगत राजनीतिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं, लेकिन अब देश के आम लोगों की आर्थिक और सामाजिक उम्मीदों के पूरा होने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। सहनी के बयान का एक प्रमुख हिस्सा बिहार के बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानियों पर केंद्रित रहा।

बाढ़ के बीच दीप जलाने के कार्यक्रम पर सवाल

प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर दीप जलाने से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी को लेकर मुकेश सहनी ने बिहार की बाढ़ की स्थिति का जिक्र करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हैं और कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।

सहनी ने इसी परिस्थिति को सामने रखते हुए सवाल किया कि जिन परिवारों के पास इस समय रहने के लिए स्थायी छत नहीं है, उनके लिए उत्सव से ज्यादा जरूरी राहत और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों की तत्काल जरूरतों को राजनीतिक कार्यक्रमों से ऊपर रखने की मांग की।

सरकार की प्राथमिकताओं पर भी निशाना

वीआईपी प्रमुख ने बिहार सरकार और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि संकट के समय प्रभावित लोगों की समस्याओं को सबसे अधिक महत्व मिलना चाहिए।

अपने राजनीतिक बयान में सहनी ने ‘नीरो बांसुरी बजा रहा था’ वाली कहावत का इस्तेमाल करते हुए सरकार की कार्यशैली पर तंज कसा। यह टिप्पणी उन्होंने बाढ़ और विस्थापन के बीच आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के संदर्भ में की। सहनी का आरोप है कि जब आम लोग संकट में हैं, तब सरकार को सबसे पहले उनकी राहत और सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।

राहत के साथ पुनर्वास पर जोर

मुकेश सहनी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए केवल तत्काल राहत ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली पुनर्वास व्यवस्था की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ में घर गंवाने वाले परिवारों के सामने पानी उतरने के बाद भी बड़ी चुनौती रहेगी।

उनके मुताबिक प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास, भोजन, जरूरी सामग्री और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही जिन परिवारों की आजीविका बाढ़ से प्रभावित हुई है, उनके सामने रोजगार और दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने की चुनौती भी है।

‘अच्छे दिन’ को लेकर भी सवाल

प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामना देते हुए सहनी ने आम नागरिकों की उम्मीदों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लंबे सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक उपलब्धियों के साथ अब आम लोगों की आर्थिक और सामाजिक आकांक्षाओं को पूरा करने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने महंगाई, रोजगार, शिक्षा और आम लोगों की बुनियादी जरूरतों जैसे मुद्दों को राजनीतिक बहस से जोड़ते हुए कहा कि जनता को अपने जीवन में बेहतर परिस्थितियों की उम्मीद रहती है। सहनी ने इसी संदर्भ में सरकार से आम नागरिकों की समस्याओं पर अधिक ध्यान देने की मांग की।

विपक्ष की भूमिका का भी किया जिक्र

मुकेश सहनी ने अपने बयान में लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों के साथ जनता की समस्याओं को उठाना भी विपक्ष का दायित्व है। उनके अनुसार, यदि बड़ी संख्या में लोग बाढ़ और विस्थापन से प्रभावित हैं तो उस मुद्दे को राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा में प्रमुखता मिलनी चाहिए।

बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच राहत और पुनर्वास को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में सहनी ने दीप जलाने के कार्यक्रम को बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति से जोड़ते हुए सरकार से प्राथमिकताएं तय करने की मांग की है।

जन्मदिन की शुभकामना के साथ सरकार से राहत पर ध्यान देने की मांग

मुकेश सहनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि देश के आम नागरिकों की आर्थिक और सामाजिक आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा।

बिहार के संदर्भ में उन्होंने बाढ़ प्रभावित और विस्थापित परिवारों को सुरक्षित आवास, राहत सामग्री और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। उनके बयान का मुख्य केंद्र यही रहा कि बाढ़ की कठिन परिस्थिति में प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों और पुनर्वास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीप जलाने के कार्यक्रमों के बीच सहनी की यह टिप्पणी बिहार की बाढ़ को लेकर चल रही राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है।

बाढ़ पीड़ितों की चिंता के बीच दीप जलाने के कार्यक्रम पर सियासी सवाल

बिहार में बाढ़ और विस्थापन की स्थिति ने राहत, बचाव और पुनर्वास को लेकर सरकार की जिम्मेदारियों को फिर चर्चा में ला दिया है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों के बीच मुकेश सहनी ने इसी मुद्दे को राजनीतिक बहस का केंद्र बनाया है। उनका कहना है कि उत्सव के साथ उन परिवारों की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, जो बाढ़ के कारण अपना घर और सामान्य जीवन गंवा चुके हैं।

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