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Bihar News: बिहार के हर थाने में बनेगा Child Help Desk, बच्चों के लिए अलग और सुरक्षित होगा स्थान

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार पुलिस हर थाने में Child Help Desk/Child Corner स्थापित करेगी, जहां बच्चों और अभिभावकों को सुरक्षित और बाल-मित्र वातावरण मिलेगा।

Bihar News: 17 सितंबर 2026, Alam Ki Khabar: बिहार में बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक संवेदनशील और बाल-मित्र बनाने की दिशा में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। राज्य के प्रत्येक थाने में Child Help Desk/Child Corner स्थापित किया जाएगा। यहां बच्चों और उनके अभिभावकों को शिकायत दर्ज कराने, सहायता लेने और अपनी समस्या बताने के लिए अलग तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि Child Help Desk/Child Corner को थाना परिसर में ऐसी जगह बनाया जाएगा, जहां बच्चों और उनके अभिभावकों की आसानी से पहुंच हो सके। इसे थाने के लॉकअप से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। इससे बच्चों को पुलिस थाने के संवेदनशील हिस्सों से अलग एक ऐसा स्थान मिल सकेगा, जहां वे अपनी बात सहज तरीके से रख सकें।

बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में होगा संचालन

Child Help Desk/Child Corner का संचालन संबंधित थाने के बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी यानी CWPO के नेतृत्व में किया जाएगा। बच्चों से संबंधित शिकायतों और सहायता के मामलों में CWPO की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

केंद्र में CWPO का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा संबंधित जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी यानी DCPO का नाम और मोबाइल नंबर भी वहां लगाया जाएगा। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों को यह जानकारी आसानी से मिल सकेगी कि जरूरत पड़ने पर किस अधिकारी से संपर्क करना है।

संपर्क नंबर हमेशा सक्रिय रखने की व्यवस्था

नई व्यवस्था में अधिकारियों के संपर्क नंबर प्रदर्शित करने के साथ उन्हें सक्रिय रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है। बच्चों या उनके अभिभावकों की ओर से सहायता के लिए संपर्क किए जाने पर मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतों और सहायता संबंधी अनुरोधों का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित तरीके से रखा जाएगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किस मामले में कब शिकायत मिली, क्या कार्रवाई की गई और उसका निष्पादन किस स्थिति में है। समयबद्ध कार्रवाई के साथ उचित अभिलेख संधारण की व्यवस्था भी लागू होगी।

बालिकाओं के मामलों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती

बालिकाओं से जुड़े मामलों को लेकर भी व्यवस्था में विशेष ध्यान रखा गया है। ऐसे मामलों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि बच्चियां अपनी परेशानी और शिकायत को सहज वातावरण में सामने रख सकें।

बच्चों से जुड़े कई मामले संवेदनशील प्रकृति के होते हैं। ऐसे में शिकायत के दौरान बच्चे को डर या असहजता महसूस न हो, इसके लिए बाल-मित्र वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी विशेष रूप से बालिकाओं से जुड़े मामलों में संवाद को आसान बनाने में मदद करेगी।

वरिष्ठ अधिकारी करेंगे व्यवस्था की निगरानी

Child Help Desk/Child Corner के कामकाज की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी दी जाएगी। पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध-सह प्रभारी SJPU और अन्य वरीय जिला पदाधिकारी इसकी कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे।

निगरानी के दौरान यह देखा जाएगा कि थानों में निर्धारित व्यवस्था सही तरीके से संचालित हो रही है या नहीं। बच्चों और अभिभावकों की शिकायतों पर कार्रवाई में अनावश्यक देरी तो नहीं हो रही है और संपर्क के लिए प्रदर्शित मोबाइल नंबर सक्रिय हैं या नहीं, इसकी भी समीक्षा की जा सकेगी।

2 अक्टूबर तक व्यवस्था तैयार करने का लक्ष्य

बिहार पुलिस ने राज्य के प्रत्येक थाने में Child Help Desk/Child Corner स्थापित करने के लिए 2 अक्टूबर 2026 यानी गांधी जयंती तक का लक्ष्य रखा है। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में जिलों के सभी थानों में इस व्यवस्था को तैयार करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

व्यवस्था लागू होने के बाद संबंधित जिलों को इसकी अनुपालन रिपोर्ट 5 अक्टूबर 2026 तक कमजोर वर्ग, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार को उपलब्ध करानी होगी। इस रिपोर्ट के माध्यम से यह जानकारी दी जाएगी कि संबंधित जिले के थानों में निर्धारित व्यवस्था स्थापित की गई है या नहीं।

बच्चों के लिए थाने का माहौल बदलने की कोशिश

Child Help Desk/Child Corner की स्थापना का उद्देश्य बच्चों को थाने में सामान्य पुलिस व्यवस्था से अलग एक ऐसा स्थान उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी बात आसानी से रख सकें। बच्चों के साथ पुलिस की बातचीत और कार्रवाई में संवेदनशीलता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।

अभिभावकों के लिए भी यह व्यवस्था उपयोगी होगी। यदि किसी बच्चे से संबंधित शिकायत या सहायता का मामला सामने आता है तो उन्हें यह पता रहेगा कि थाने में किस स्थान पर संपर्क करना है और संबंधित अधिकारी कौन है। अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होने से संपर्क की प्रक्रिया भी स्पष्ट होगी।

बाल अधिकारों से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय होगी

नई व्यवस्था में शिकायतों का रिकॉर्ड रखने और समयबद्ध कार्रवाई की बात भी महत्वपूर्ण है। इससे बच्चों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की स्थिति को दर्ज किया जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारी उसकी समीक्षा कर सकेंगे।

पुलिस की ओर से नियमित निगरानी की व्यवस्था होने से थानों में बनाए जाने वाले Child Help Desk/Child Corner की कार्यप्रणाली पर भी नजर रखी जा सकेगी। इसका उद्देश्य केवल एक अलग कमरा या स्थान बनाना नहीं, बल्कि बच्चों के मामलों में पुलिस की कार्यशैली को अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाना है।

बिहार के हर थाने में बाल-मित्र व्यवस्था लागू करने की तैयारी

राज्य के प्रत्येक थाने में Child Help Desk/Child Corner स्थापित होने के बाद बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए पुलिस से संपर्क करने का एक स्पष्ट माध्यम उपलब्ध होगा। अलग स्थान, संबंधित अधिकारियों की जानकारी, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती, शिकायतों का रिकॉर्ड और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को एक साथ लागू करने की योजना है।

17 सितंबर 2026, Alam Ki Khabar: बिहार पुलिस की यह पहल बच्चों से जुड़े मामलों में थाने के वातावरण को अधिक सुरक्षित और बाल-मित्र बनाने के उद्देश्य से आगे बढ़ाई जा रही है। 2 अक्टूबर तक व्यवस्था स्थापित करने और 5 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ अब जिलों में इसकी तैयारी की जानी है।

बच्चों की शिकायतों के लिए हर थाने में अलग केंद्र, अधिकारियों के नंबर भी होंगे प्रदर्शित

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