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Bihar News: मोतिहारी की मोतीझील नहर के अतिक्रमण पर हाईकोर्ट में सुनवाई, 30 अक्टूबर को अगली तारीख

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | मोतिहारी की मोतीझील को बूढ़ी गंडक से जोड़ने वाली करीब 11 किलोमीटर लंबी नहर के अतिक्रमण मामले में पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को होगी।

मोतिहारी, 18 सितंबर 2026। मोतिहारी शहर की मोतीझील को बूढ़ी गंडक नदी के रामरेखा घाट-सिमरा से जोड़ने वाली करीब 11 किलोमीटर लंबी नहर के अतिक्रमण का मामला पटना हाईकोर्ट पहुंचा हुआ है। इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान अदालत के सामने नहर की स्थिति, अतिक्रमण और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से जुड़े कई बिंदु रखे गए।

नहर को लेकर सामने आया अलग दावा

सुनवाई के दौरान मोतिहारी नगर निगम के वार्ड संख्या 18 के पार्षद संजय जायसवाल की ओर से हस्तक्षेप याचिका का मुद्दा सामने आया। इसमें संबंधित जलमार्ग को नहर के बजाय नाला बताया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से इस हस्तक्षेप का विरोध किया गया। अदालत ने इस विवाद से जुड़े अधिकार के सवाल पर याचिकाकर्ता को अगली सुनवाई में हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

अतिक्रमणकारियों को नोटिस देने की जानकारी

सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन की ओर से अदालत को बताया गया कि नहर के आसपास अतिक्रमण करने वाले लोगों को नोटिस दिया जा चुका है। प्रशासन ने नहर के आसपास बड़े पेड़ों के होने की जानकारी भी अदालत के सामने रखी।

इससे पहले भी अदालत ने पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी से 4 जून 2026 के पत्र के संदर्भ में की गई कार्रवाई की जानकारी हलफनामे के जरिए देने को कहा था।

मोतीझील के जल प्रबंधन से जुड़ी है नहर

जनहित याचिका में बताया गया है कि यह नहर मोतिहारी की मोतीझील को बूढ़ी गंडक नदी से जोड़ती है। इसकी लंबाई लगभग 11 किलोमीटर बताई गई है। अदालत के रिकॉर्ड में याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया है कि नहर मोतीझील में पानी पहुंचाने के वैकल्पिक माध्यम के रूप में काम कर सकती है और बाढ़ के प्रभाव को कम करने में उपयोगी हो सकती है।

2022 में प्रशासन को भेजा गया था पत्र

मामले की सुनवाई के दौरान 24 दिसंबर 2022 को तिरहुत कैनाल डिवीजन के कार्यपालक अभियंता की ओर से पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र का भी उल्लेख हुआ। याचिकाकर्ता के अनुसार इस पत्र में नहर की उपयोगिता और मोतीझील के जलस्तर को बनाए रखने के वैकल्पिक स्रोत के रूप में इसकी भूमिका की ओर ध्यान दिलाया गया था।

जांच कमेटी की रिपोर्ट का भी मुद्दा

याचिका में कहा गया कि जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। कमेटी को विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि कई बैठकों के बावजूद रिपोर्ट सामने नहीं आई, जिससे नहर और मोतीझील से जुड़े मामले का समाधान आगे नहीं बढ़ सका।

30 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को होगी। उस दिन वार्ड पार्षद की ओर से दायर हस्तक्षेप याचिका से जुड़े अधिकार के सवाल और प्रशासनिक कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज अदालत के सामने रखे जाने की उम्मीद है।

मोतीझील से जुड़ी इस नहर का मामला शहर के जल प्रबंधन और बाढ़ की स्थिति से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए अदालत की अगली सुनवाई पर स्थानीय लोगों और प्रशासन की नजर रहेगी।

मोतिहारी की मोतीझील से जुड़ी करीब 11 किलोमीटर लंबी नहर का अतिक्रमण मामला अब पटना हाईकोर्ट में अहम मोड़ पर है। सुनवाई के दौरान नहर की पहचान को लेकर अलग दावा सामने आया, जबकि प्रशासन ने अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दिए जाने की जानकारी अदालत को दी। मामले में अब अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

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