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Bihar Crime News: जमुई में एंबुलेंस के गुप्त बॉक्स से 230 लीटर बीयर बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | जमुई के गिद्धौर में उत्पाद विभाग ने निजी एंबुलेंस से करीब 230 लीटर बीयर बरामद की। स्ट्रेचर के नीचे बने गुप्त बॉक्स में बीयर छिपाई गई थी। दो अंतरजिला तस्कर गिरफ्तार किए गए।

जमुई, 20 सितंबर 2026 | Alam Ki Khabar — बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब की अवैध ढुलाई के लिए तस्करों द्वारा अलग-अलग तरीके अपनाए जाने का मामला लगातार सामने आता रहा है। जमुई जिले के गिद्धौर इलाके में उत्पाद विभाग की कार्रवाई के दौरान ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां निजी एंबुलेंस के भीतर बनाए गए विशेष गुप्त बॉक्स में बीयर की बड़ी खेप छिपाकर ले जाई जा रही थी।

उत्पाद विभाग की टीम ने बानाडीह इलाके में घेराबंदी कर एंबुलेंस को पकड़ा। तलाशी के दौरान स्ट्रेचर के नीचे बने गुप्त बॉक्स से 460 केन बीयर बरामद की गई। बरामद बीयर की मात्रा करीब 230 लीटर बताई गई है। कार्रवाई के दौरान एंबुलेंस में मौजूद दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

झारखंड से लखीसराय जा रही थी खेप

उत्पाद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, टीम को पहले से सूचना मिली थी कि झारखंड की ओर से शराब की एक बड़ी खेप जमुई के रास्ते लखीसराय की तरफ ले जाई जा सकती है। सूचना मिलने के बाद गिद्धौर क्षेत्र में वाहनों की निगरानी और जांच शुरू की गई।

उत्पाद थाना प्रभारी गौरी शंकर कुमार के नेतृत्व में एसआई अश्विनी कुमार और सशस्त्र बलों की टीम ने संदिग्ध वाहनों पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान एक निजी एंबुलेंस टीम की नजर में आई।

रोकने के बजाय तेज कर दी एंबुलेंस की रफ्तार

उत्पाद विभाग की टीम ने एंबुलेंस को जांच के लिए रुकने का संकेत दिया। अधिकारियों के मुताबिक, चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी गति बढ़ा दी। इसके बाद टीम को संदेह हुआ और एंबुलेंस का पीछा शुरू किया गया।

कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद बानाडीह के पास उत्पाद विभाग की टीम ने एंबुलेंस को घेरकर रोक लिया। इसके बाद वाहन की विस्तृत तलाशी ली गई।

पहली नजर में सामान्य दिख रही थी एंबुलेंस

अधिकारियों के मुताबिक, एंबुलेंस की शुरुआती जांच में कोई विशेष संदिग्ध वस्तु दिखाई नहीं दी। वाहन को सामान्य एंबुलेंस जैसा ही तैयार किया गया था। लेकिन उत्पाद विभाग की टीम ने जब वाहन के अंदर बने हिस्सों की बारीकी से जांच की तो स्ट्रेचर या मरीजों के लिए बने बेड के नीचे एक अलग बॉक्स दिखाई दिया।

बॉक्स को खोलने पर उसके अंदर बड़ी संख्या में बीयर के केन रखे मिले। गिनती करने पर कुल 460 केन बरामद हुए, जिनकी कुल मात्रा करीब 230 लीटर बताई गई।

दो अंतरजिला तस्कर गिरफ्तार

एंबुलेंस से बरामदगी के बाद वाहन में मौजूद दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। उत्पाद विभाग के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लखीसराय जिले के पीरी बाजार थाना क्षेत्र के चौरा राजपुर निवासी सौरभ कुमार, पिता पप्पू सिंह, और रामायणपुर निवासी सत्यम कुमार, पिता बलराम शर्मा, के रूप में हुई है।

दोनों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वे पहले भी इस तरह शराब की खेप पहुंचा चुके हैं या नहीं और उनके साथ इस काम में कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

जसीडीह से उठाई गई थी बीयर की खेप

उत्पाद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि बीयर की खेप झारखंड के देवघर जिले के जसीडीह स्थित सत्संग मोड़ से एंबुलेंस में लादी गई थी।

आरोपियों के कथित बयान के मुताबिक, खेप को जमुई के रास्ते लखीसराय जिले के पिपरिया पहुंचाया जाना था। अब जांच एजेंसी यह सत्यापित कर रही है कि बीयर वास्तव में कहां से खरीदी गई थी और इसे किस व्यक्ति या गिरोह तक पहुंचाया जाना था।

एंबुलेंस मालिक की भूमिका भी जांच के दायरे में

इस कार्रवाई के बाद उत्पाद विभाग का ध्यान एंबुलेंस के स्वामित्व और उसके इस्तेमाल की ओर भी गया है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि वाहन का निबंधन किस व्यक्ति के नाम पर है और क्या वाहन मालिक को कथित तस्करी की जानकारी थी।

साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि एंबुलेंस में गुप्त बॉक्स कब और किसने तैयार कराया था। वाहन को इस तरह तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति या समूह की भूमिका रही है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

झारखंड से लखीसराय तक नेटवर्क की तलाश

उत्पाद विभाग अब इस पूरे मामले को केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखना चाहता। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद बीयर की खेप के पीछे कौन लोग हैं और इसका संबंध झारखंड तथा लखीसराय में सक्रिय शराब तस्करों से है या नहीं।

अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, एंबुलेंस के दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

शराबबंदी के बीच तस्करी का बदला तरीका

इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि शराबबंदी वाले बिहार में तस्कर किस तरह वाहनों के इस्तेमाल के नए तरीके खोज रहे हैं। सामान्य तौर पर मरीजों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली एंबुलेंस में गुप्त बॉक्स बनाकर बीयर छिपाने का मामला जांच एजेंसियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उत्पाद विभाग अब यह भी देख रहा है कि क्या इसी एंबुलेंस का इस्तेमाल पहले किसी अन्य खेप की ढुलाई में किया गया था। यदि जांच में पुराने मामलों से कोई संबंध सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

गुप्त बॉक्स से बरामदगी ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

गिद्धौर में हुई इस कार्रवाई में 460 केन बीयर की बरामदगी के साथ-साथ एंबुलेंस के अंदर बनाए गए गुप्त बॉक्स ने जांच को एक नया कोण दिया है। अब अधिकारियों के सामने खेप के स्रोत, डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति, वाहन के मालिक और संभावित नेटवर्क की पहचान करना अहम है।

दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उत्पाद विभाग आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में कितने लोग शामिल थे और एंबुलेंस का इस्तेमाल कब से किया जा रहा था।

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