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Bihar Crime News: जमुई मड़वा पहाड़ मामले में पांच गिरफ्तार, मुख्य आरोपित नंदन यादव मुठभेड़ में घायल

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | जमुई के मड़वा पहाड़ मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपित नंदन यादव पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से घायल हुआ। वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी कार्रवाई जारी है।

जमुई, 22 सितंबर 2026 | डेस्क: जमुई सदर थाना क्षेत्र के मड़वा पहाड़ इलाके में नाबालिग छात्र-छात्रा से जुड़ी घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार मामले में अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दो मुख्य आरोपित नंदन यादव और हरेराम यादव भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।

मंगलवार को जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस की ओर से बताया गया कि सोमवार को तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। इसके बाद मंगलवार सुबह मुख्य आरोपितों के संभावित ठिकाने की जानकारी पुलिस टीम को मिली।

नदी किनारे झाड़ियों में छिपे होने की मिली सूचना

पुलिस के अनुसार, नंदन यादव और हरेराम यादव के प्रतापपुर गांव के बाहर नदी के पास झाड़ियों में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद विशेष जांच टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।

तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने दोनों आरोपितों को पकड़ने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक हरेराम यादव ने मौके से भागने का प्रयास किया। भागते समय वह गिर गया, जिससे उसके दाहिने पैर में चोट लगी और फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसकी पहचान हरेराम यादव के रूप में की। पुलिस का कहना है कि उससे मिली जानकारी के आधार पर दूसरे मुख्य आरोपित नंदन यादव की तलाश तेज की गई।

पुलिस के मुताबिक नंदन ने की फायरिंग

पुलिस के अनुसार, हरेराम से मिली जानकारी के बाद टीम ने इलाके में दोबारा घेराबंदी की। तलाशी के दौरान पुलिस को नंदन यादव के वहां मौजूद होने की जानकारी मिली।

एसपी के मुताबिक पुलिस को देखकर नंदन यादव ने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि इसके बाद जवानों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान नंदन यादव के दाहिने पैर में गोली लगी।

गोली लगने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल भेजा। पुलिस ने बताया कि नंदन की गिरफ्तारी के साथ ही मामले में मुख्य आरोपितों पर कार्रवाई आगे बढ़ी है।

अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक सोमवार को तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद मंगलवार को नंदन यादव और हरेराम यादव की गिरफ्तारी हुई। इस तरह मामले में अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस अभी अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

दोनों मुख्य आरोपित बालिग, आपराधिक रिकॉर्ड की जांच

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों मुख्य आरोपित बालिग हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों के बालू और शराब के अवैध कारोबार से जुड़े होने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।

पुलिस अब दोनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। इसके अलावा घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए पूछताछ और जांच जारी है।

वायरल वीडियो पर भी पुलिस की सख्ती

मड़वा पहाड़ की घटना से जुड़ा वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए जाने को लेकर भी पुलिस ने अलग कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने साफ किया है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान सामने लाने वाला कोई भी वीडियो या अन्य सामग्री प्रसारित करना गंभीर कानूनी मामला हो सकता है।

इसी आधार पर साइबर थाने में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट और प्रोफाइल की पहचान कर रही है, जिनसे वीडियो को प्रसारित किए जाने का आरोप है।

120 साइट और सोशल मीडिया प्रोफाइल जांच के दायरे में

पुलिस के अनुसार, करीब 120 वेबसाइट, साइट और सोशल मीडिया प्रोफाइल को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। वीडियो के प्रसार से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

जमुई के रामाशीष चौधरी समेत तीन लोगों को वीडियो प्रसारित करने के आरोप में हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।

पुलिस का कहना है कि वीडियो को शेयर करने वाले अकाउंट की तकनीकी जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीड़िता की पहचान उजागर न करने की अपील

मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। एसपी ने कहा है कि पीड़िता से संबंधित वीडियो को डाउनलोड, शेयर या किसी अन्य व्यक्ति को भेजने से बचें।

किसी नाबालिग पीड़ित की पहचान उजागर होने से उसकी निजता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर ऐसी किसी भी सामग्री को आगे प्रसारित न करें।

पुलिस जांच में अब आगे क्या?

मामले में पांच गिरफ्तारियों के बाद पुलिस के सामने अब घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है। इसके लिए गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ, डिजिटल सामग्री की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों को आपस में मिलाने का काम किया जा रहा है।

साथ ही वायरल वीडियो के प्रसार से जुड़े अलग मामले की जांच भी साइबर पुलिस कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो सबसे पहले किस माध्यम से प्रसारित हुआ और किन-किन सोशल मीडिया प्रोफाइल से इसे आगे फैलाया गया।

दो अलग स्तर पर चल रही कार्रवाई

इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई दो स्तरों पर आगे बढ़ रही है। पहला स्तर मूल घटना में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी और उनकी भूमिका की जांच से जुड़ा है। दूसरा स्तर नाबालिग की पहचान उजागर करने वाली सामग्री के प्रसार पर कार्रवाई का है।

मूल मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। वहीं वीडियो प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया प्रोफाइल की पहचान के लिए तकनीकी जांच की जा रही है।

पुलिस की अपील को गंभीरता से लेना जरूरी

नाबालिग से जुड़े किसी भी मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो या तस्वीर साझा करना केवल सामान्य पोस्ट नहीं माना जा सकता। किसी पीड़ित की पहचान सामने आने का खतरा होने पर ऐसी सामग्री को आगे बढ़ाने से उसकी निजता प्रभावित हो सकती है।

इसी वजह से पुलिस ने लोगों से अपील की है कि उनके पास यदि ऐसा कोई वीडियो पहुंचता है तो उसे आगे साझा न करें। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

जांच के साथ बढ़ेगी कार्रवाई

जमुई पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच में भूमिका सामने आने पर अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

फिलहाल पांच गिरफ्तारियां, मुख्य आरोपित नंदन यादव का घायल होना और वीडियो प्रसार के मामले में अलग प्राथमिकी—ये इस जांच की प्रमुख प्रगति हैं। आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।

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नाबालिग से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया की जिम्मेदारी

ऐसे मामलों में किसी घटना की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में स्वाभाविक रूप से प्रतिक्रिया होती है, लेकिन नाबालिग पीड़ित की पहचान से जुड़ी सामग्री को साझा करना स्थिति को और गंभीर बना सकता है। इसलिए खबर और संवेदनशील सामग्री के बीच अंतर समझना जरूरी है।

मड़वा पहाड़ मामले में पुलिस ने मूल घटना के आरोपितों के साथ-साथ वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी कार्रवाई शुरू की है। इससे यह स्पष्ट है कि जांच अब केवल घटना में शामिल लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल माध्यम से सामग्री फैलाने की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

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