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Jamui Crime News: नंदन यादव समेत सभी आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे वकील, बार एसोसिएशन ने लिया फैसला

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | जमुई कांड में जिला बार एसोसिएशन ने नंदन यादव समेत आरोपियों की ओर से पैरवी नहीं करने का फैसला लिया है। एसोसिएशन ने स्पीडी ट्रायल की मांग की है।

जमुई, 23 सितंबर 2026। Alam Ki Khabar: जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी, मारपीट और वीडियो वायरल किए जाने के मामले में जिला बार एसोसिएशन ने आरोपियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। एसोसिएशन ने बैठक के बाद कहा है कि उसके अधिवक्ता नंदन यादव समेत मामले में गिरफ्तार आरोपियों की ओर से अदालत में पैरवी नहीं करेंगे। साथ ही पुलिस और प्रशासन से मामले की त्वरित सुनवाई कर दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दिलाने की मांग की गई है।

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीताराम सिंह और महासचिव अमित कुमार की ओर से बैठक के बाद इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसमें जिले के अधिवक्ताओं से मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने में सहयोग करने की अपील की गई है।

अधिवक्ताओं ने जताई घटना पर नाराजगी

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि घटना से जमुई की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। एसोसिएशन ने घटना की निंदा करते हुए अधिवक्ताओं से आरोपियों की ओर से पैरवी नहीं करने की अपील की है।

एसोसिएशन का कहना है कि इस मामले में पीड़िता को जल्द न्याय मिलना चाहिए। इसके लिए पुलिस और प्रशासन से जांच को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने और अदालत में मामले की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

स्पीडी ट्रायल की मांग

बार एसोसिएशन ने मामले को स्पीडी ट्रायल के जरिए आगे बढ़ाने की मांग की है। पदाधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान किसी तरह की ऐसी कमी नहीं रहनी चाहिए जिसका लाभ आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया में मिल सके।

एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि यदि पुलिस प्रशासन को मामले की जांच या अभियोजन से जुड़े किसी कानूनी पहलू में अधिवक्ताओं के अनुभव की आवश्यकता होगी, तो वे निशुल्क कानूनी सहयोग देने के लिए तैयार हैं।

महासचिव बोले- पीड़िता को न्याय दिलाना प्राथमिकता

बार एसोसिएशन के महासचिव अमित कुमार ने कहा कि घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद समाज में गंभीर चिंता पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन इस मामले में कड़ा सामाजिक संदेश देना चाहता है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सहयोग करेगा।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से जांच में पूरी सावधानी बरतने की अपील की, ताकि मामले से जुड़े सभी साक्ष्य सुरक्षित रहें और जांच में किसी तरह की कमी न रह जाए।

मामले में कई आरोपियों पर कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, जमुई टाउन थाना क्षेत्र में 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटना हुई थी। आरोप है कि घटना का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे प्रतापपुर निवासी नंदन यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी। उसके साथी हरेराम यादव को भी गिरफ्तार किया गया है।

इससे पहले पुलिस ने मामले में तीन अन्य किशोरों को भी हिरासत में लिया था। घायल आरोपियों का इलाज जमुई सदर अस्पताल में चलने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस जांच में जुटा रही साक्ष्य

मामले में पुलिस घटना से जुड़े वीडियो, आरोपियों की भूमिका और घटनास्थल से संबंधित साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों की कोशिश है कि घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट की जा सके।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना का वीडियो किसने बनाया, उसे किस-किस माध्यम से प्रसारित किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक न हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।

कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा मामला

बार एसोसिएशन के फैसले के बाद अब मामले की कानूनी प्रक्रिया पर भी नजर रहेगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र और अदालत में आगे की कार्यवाही संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार होगी।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। मामले में आरोप साबित होना अदालत की न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

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Editorial: त्वरित जांच के साथ निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया जरूरी

जमुई मामले में बार एसोसिएशन की प्रतिक्रिया के बाद अब जांच की गुणवत्ता और न्यायिक प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित होना महत्वपूर्ण है। गंभीर आपराधिक मामलों में पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के साथ-साथ सभी साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया का पालन भी जरूरी होता है। घटना से जुड़े वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अंतिम दोष और सजा का निर्णय अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

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