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Bihar News: भाजपा सांसद शंभू शरण पटेल ने पुलिसिंग पर उठाए सवाल, बोले- अपराधियों में पुलिस का डर खत्म

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | भाजपा सांसद शंभू शरण पटेल ने बिहार की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग पर सवाल उठाते हुए अच्छे अधिकारियों की तैनाती और व्यापक फेरबदल की मांग की।

पटना, 26 सितंबर आलम की खबर: बिहार में महिलाओं और बेटियों से जुड़ी घटनाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद शंभू शरण पटेल ने राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर अपनी ही सरकार के सामने गंभीर सवाल रखे हैं। पटेल ने दावा किया कि कई मामलों में पुलिस अधिकारियों तक जनप्रतिनिधियों की पहुंच मुश्किल हो रही है और अधिकारियों द्वारा फोन नहीं उठाए जाने की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने पुलिस विभाग में अच्छे अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने और व्यापक स्तर पर बदलाव की जरूरत बताई। �

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सांसद शंभू शरण पटेल ने एक व्यक्तिगत घटना का जिक्र करते हुए कहा कि करीब तीन महीने पहले उनकी दूर की रिश्तेदार एक लड़की को एक युवक परेशान कर रहा था। इस मामले में कार्रवाई के लिए उन्होंने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की। पटेल के मुताबिक, उन्होंने एसएसपी को कई बार फोन किया और संदेश भी भेजे, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला।

पटेल ने कहा कि स्थिति को देखते हुए उन्हें बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार को भी संदेश भेजना पड़ा। उनके अनुसार, जब उन्होंने संबंधित युवक से स्वयं फोन पर बात करने की कोशिश की तो कथित तौर पर उसे गाली-गलौज का सामना करना पड़ा। सांसद ने यह भी दावा किया कि इसके बाद बेगूसराय और औरंगाबाद से मामले को आगे नहीं बढ़ाने के लिए दबाव बनाए जाने की कोशिश हुई।

सांसद के मुताबिक, बाद में डीजीपी ने रात करीब 12 बजे उनसे फोन पर बात की और पूरे मामले की जानकारी ली। हालांकि, उनका कहना था कि पटना एसएसपी की ओर से उन्हें कोई कॉल बैक नहीं मिला। पटेल ने इसी अनुभव को आधार बनाकर पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद का मुद्दा उठाया। 

‘जनप्रतिनिधि जनता की समस्या लेकर अधिकारियों तक पहुंचते हैं’

शंभू शरण पटेल ने कहा कि सांसद और विधायक राजनीति में जनता की समस्याओं को उठाने के लिए आते हैं। जब किसी क्षेत्र की जनता किसी समस्या को लेकर जनप्रतिनिधि से संपर्क करती है, तो उसके समाधान के लिए प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से बात करना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का हिस्सा होता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार डीएम और एसपी स्तर के अधिकारी भी जनप्रतिनिधियों के फोन का जवाब नहीं देते। पटेल ने कहा कि इससे जनता की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में परेशानी होती है।

उन्होंने पुलिस विभाग में ऐसे अधिकारियों को जिम्मेदारी देने की मांग की, जो जनता की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें। सांसद ने कहा कि डीजीपी और एसएसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अच्छे अधिकारियों की तैनाती होनी चाहिए।

‘अपराधियों में पुलिस का डर होना जरूरी’

बिहार में अपराध की स्थिति पर बोलते हुए पटेल ने कहा कि उनके अनुसार अपराधियों के बीच पुलिस का डर पहले की तुलना में कम हुआ है। उन्होंने 2005 से 2010 के बीच की पुलिसिंग का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अपराधियों में कानून का भय महसूस किया जाता था।

पटेल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुराने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर की पुलिस व्यवस्था में अपराधियों के बीच कानून का डर अधिक दिखाई देता था। उनका कहना था कि मौजूदा समय में पुलिसिंग को लेकर जिस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं, उनमें सुधार की आवश्यकता है।

सांसद ने यह भी कहा कि अपराधी की पहचान उसकी जाति या धर्म से नहीं होनी चाहिए। कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और अपराध करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई उसकी पहचान के बजाय उसके कृत्य के आधार पर होनी चाहिए।

बेटियों से जुड़ी घटनाओं को लेकर जताई चिंता

बिहार में हाल के दिनों में लड़कियों और महिलाओं से जुड़ी छेड़खानी की घटनाओं के संदर्भ में पटेल ने कहा कि सत्ता में रहने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार की बेटी के साथ होने वाली बदसलूकी को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा प्रमुख रूप से शामिल होनी चाहिए। पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई से आम लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत होता है।

‘व्यापक फेरबदल की जरूरत’

भाजपा सांसद ने पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर फेरबदल की जरूरत की बात कही। उनका कहना था कि केवल कुछ अधिकारियों को बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पुलिसिंग की कार्यशैली और जवाबदेही में भी सुधार जरूरी है।

पटेल ने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग में तबादले और पोस्टिंग की व्यवस्था के कारण कुछ अधिकारी प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह स्थिति है तो इसमें सुधार किया जाना चाहिए और अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से काम करने का वातावरण मिलना चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार के प्रशासनिक तंत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्हें त्वरित प्रतिक्रिया मिलने की बात उन्होंने अपने अनुभव में देखी है। पटेल का कहना था कि बिहार में भी ऐसी ही जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है।

‘जनता ने सुशासन के नाम पर बहुमत दिया’

शंभू शरण पटेल ने कहा कि बिहार की जनता ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को लंबे समय से समर्थन दिया है और सुशासन की अपेक्षा रखी है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

उन्होंने पुलिसिंग में सुधार को सरकार के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच नियमित संवाद की व्यवस्था भी प्रभावी होनी चाहिए।

पटेल ने दोहराया कि पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार, अच्छे अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और कानून का निष्पक्ष पालन—इन सभी पहलुओं पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के बीच कानून का भय और आम लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना पुलिस व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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