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Bihar Weather News: बिहार में बारिश से राहत, 30 सितंबर तक नहीं कोई बड़ा अलर्ट; धूप के साथ बढ़ेगी गर्मी और उमस

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में बारिश का दौर कमजोर, 30 सितंबर तक बड़े अलर्ट से राहत, तापमान बढ़ने और उमस लौटने के आसार।

पटना, 27 सितंबर, आलम की खबर: बिहार में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय खराब मौसम का दौर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश, तेज हवा और गरज-चमक के बाद रविवार से राज्य के लोगों को मौसम में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के बिहार केंद्र ने 27 सितंबर से आगे के दिनों के लिए राज्य में किसी बड़े मौसम अलर्ट की स्थिति नहीं बताई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर जिले में पूरी तरह बारिश खत्म हो जाएगी। कुछ स्थानों पर बादल छाने और हल्की बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने की संभावना बनी रह सकती है। 

पिछले कुछ दिनों में बिहार के मौसम पर बंगाल की खाड़ी से विकसित मौसम प्रणाली का असर देखने को मिला था। इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई और तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अब मौसम प्रणाली का प्रभाव कमजोर होने के साथ बारिश की गतिविधियां कम होने लगी हैं। आने वाले दिनों में धूप निकलने की अवधि बढ़ सकती है, जिससे दिन के तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होने की संभावना है।

27 सितंबर से मौसम में बदलाव

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 27 सितंबर को बिहार के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 28, 29 और 30 सितंबर को भी राज्य के लिए कोई बड़ा मौसम अलर्ट नहीं है। यह स्थिति अगले कुछ दिनों में लगातार बारिश से मिल रही राहत का संकेत देती है। 

हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम पूरी तरह एक जैसा नहीं रहेगा। पटना के लिए जारी पूर्वानुमान में 27 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछार की संभावना बताई गई है। इसके बाद 28 सितंबर को भी बादल और स्थानीय स्तर पर बारिश या गरज-चमक की संभावना रखी गई है, जबकि 29 और 30 सितंबर को आसमान मुख्य रूप से आंशिक रूप से बादल रहने का अनुमान है। 

पटना में 35 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान

बारिश कम होने के साथ बिहार में गर्मी और उमस फिर से परेशान कर सकती है। पटना के पूर्वानुमान के अनुसार 27 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 28 सितंबर को यह 34 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। 29 सितंबर को भी करीब 34 डिग्री और 30 सितंबर को 35 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच सकता है। 

यानी बीते दिनों बारिश के कारण जिस तरह दिन के तापमान में गिरावट आई थी, अब उसका असर धीरे-धीरे खत्म होगा। धूप निकलने के साथ वातावरण में नमी बनी रहने पर लोगों को गर्मी के साथ उमस भी महसूस हो सकती है।

तेज बारिश से कई जिलों में बढ़ा था असर

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधि रही। कई स्थानों पर तेज बारिश और दिनभर बादल छाए रहने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। पटना सहित कई शहरी इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश का पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

पिछले दिनों की बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर भी पड़ा है। कोसी और बागमती समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बनी हुई है। गंडक नदी के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। ऐसे में बारिश कम होने के बावजूद बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए तत्काल पूरी राहत की स्थिति नहीं मानी जा सकती।

सुपौल सहित उत्तर बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का पानी अब भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। नदी के दियारा क्षेत्रों में कटाव भी चिंता का कारण बना हुआ है। बारिश थमने के बाद भी नदी का बहाव और जलस्तर सामान्य होने में समय लग सकता है।

पटना में जलजमाव से लोगों की परेशानी

राजधानी पटना में हाल की बारिश ने शहरी जलनिकासी व्यवस्था की चुनौती को फिर सामने ला दिया। कंकड़बाग, डाकबंगला चौराहा, पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर, राजीव नगर और इंद्रपुरी जैसे इलाकों में बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति देखने को मिली। कई सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई और लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई।

अब बारिश की गतिविधियां कम होने पर जलजमाव वाले इलाकों में स्थिति धीरे-धीरे सुधरने की उम्मीद है। हालांकि, अगर स्थानीय स्तर पर दोबारा तेज बारिश होती है तो निचले इलाकों में परेशानी फिर बढ़ सकती है।

बारिश का आंकड़ा बढ़ा, फिर भी मानसून में कमी

लगातार तीन दिनों की बारिश ने बिहार के मानसूनी बारिश के आंकड़े में सुधार जरूर किया है, लेकिन पूरे सीजन की तस्वीर अभी भी सामान्य से नीचे है। राज्य में मानसून के दौरान अब तक जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उसके मुकाबले वास्तविक बारिश कम दर्ज हुई है।

बारिश के इस अंतर का असर खेती और ग्रामीण इलाकों पर भी पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में पहले बारिश की कमी रही, वहां हाल की बारिश से कुछ राहत मिली है। लेकिन जहां लगातार बारिश के कारण जलभराव या बाढ़ की स्थिति बनी है, वहां यही बारिश परेशानी का कारण भी बनी है।

बंगाल की खाड़ी की मौसम प्रणाली का रहा असर

बिहार में पिछले दिनों हुई बारिश के पीछे बंगाल की खाड़ी से विकसित मौसम प्रणाली की भूमिका रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सितंबर के तीसरे सप्ताह में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने डिप्रेशन के गहरे डिप्रेशन में बदलने और उसके तटीय इलाकों की ओर बढ़ने की जानकारी दी थी। इसके बाद पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ीं। 

इस मौसम प्रणाली को लेकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में ‘अर्णब’ नाम का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन में इसे चक्रवात ‘अर्णब’ के बजाय डिप्रेशन/डीप डिप्रेशन के रूप में दर्ज किया गया है। इसलिए बिहार के मौसम की स्थिति को समझते समय आधिकारिक मौसम वर्गीकरण को ही आधार मानना उचित है। 

अभी राहत, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी जरूरी

बिहार में अगले कुछ दिनों तक बड़े मौसम अलर्ट से राहत जरूर है, लेकिन नदियों के जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। बारिश रुकने के बाद भी पहाड़ी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाला पानी नदियों का जलस्तर प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 30 सितंबर तक बिहार के लिए कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। इसके साथ ही पटना सहित कई इलाकों में तापमान बढ़ने के संकेत हैं। यानी आने वाले दिनों में बिहार में मौसम का मिजाज बारिश से निकलकर फिर गर्मी और उमस की ओर जाता दिखाई दे रहा है। 

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बारिश के बाद बाढ़ और जलजमाव से निपटने की तैयारी पर अब फोकस जरूरी

लगातार बारिश के बाद मौसम में राहत मिलना लोगों के लिए अच्छी खबर है, लेकिन बाढ़, नदी कटाव और शहरी जलजमाव जैसी समस्याओं का असर बारिश रुकने के बाद भी बना रहता है। ऐसे समय में प्रशासन के सामने जलनिकासी, प्रभावित परिवारों तक सहायता और नदी किनारे बसे इलाकों की निगरानी जैसी चुनौतियां महत्वपूर्ण हो जाती हैं। मौसम सामान्य होने के साथ इन व्यवस्थाओं को मजबूत करना जरूरी है, ताकि अगली बारिश की स्थिति में लोगों को कम परेशानी हो।

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