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Saharsa Education News: आय से 72.35 प्रतिशत अधिक संपत्ति के मामले में DPO अजीत अमर निलंबित

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अजीत अमर को आय से 72.35 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में शिक्षा विभाग ने निलंबित किया है।

सहरसा, 29 सितंबर आलम की खबर: सहरसा में पदस्थापित शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अजीत अमर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिक्षा विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की है। आर्थिक अपराध इकाई की जांच और उनके कई ठिकानों पर हुई तलाशी के बाद विभाग ने यह कदम उठाया है। आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार अधिकारी पर ज्ञात आय के मुकाबले 72.35 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन की ओर से 29 सितंबर को जारी आदेश में निलंबन की कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। आदेश के मुताबिक आर्थिक अपराध इकाई के डीआईजी की ओर से 7 अगस्त को विभाग को मामले की जानकारी दी गई थी। इसके बाद अजीत अमर के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई।

5 अगस्त को दर्ज हुआ था आय से अधिक संपत्ति का मामला

आर्थिक अपराध इकाई ने 5 अगस्त 2026 को अजीत अमर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति यानी Disproportionate Assets से संबंधित मामला दर्ज किया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने बिहार में उनके अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान सहरसा, सीवान और सारण से जुड़े ठिकानों पर संपत्ति, आभूषण, वाहन और निर्माण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। जांच एजेंसी के अनुसार तलाशी में कई ऐसे दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड मिले, जिनके आधार पर आय और संपत्ति के बीच अंतर की जांच की जा रही है।

चार ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

जांच एजेंसी के अनुसार अजीत अमर से जुड़े चार ठिकानों पर तलाशी ली गई थी। इनमें सीवान जिले के दारौंदा थाना क्षेत्र के रैनी स्थित पैतृक मकान, सहरसा के नया बाजार स्थित किराये का आवास, सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय कक्ष और छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास शामिल थे।

तलाशी के दौरान जांच टीम ने जमीन, मकान, आभूषण और वाहनों से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला। जांच का मुख्य केंद्र अधिकारी की घोषित आय और उसके मुकाबले अर्जित संपत्तियों के बीच का अंतर रहा।

पत्नी के नाम जमीन खरीदने का भी दावा

आर्थिक अपराध इकाई की ओर से सामने आए विवरण के अनुसार अजीत अमर की पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर सारण जिले के एकमा में जमीन खरीदे जाने की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी के अनुसार जमीन का कुल रकबा करीब छह बीघा नौ कट्ठा आठ धूर यानी 481.36 डिसमिल बताया गया है।

इस जमीन की खरीद से जुड़े दस्तावेजों में 41.50 लाख रुपये के भुगतान का उल्लेख मिला है। जांच के दौरान इससे अधिक राशि के भुगतान से संबंधित कागजात भी मिलने की बात कही गई है। अब इन दस्तावेजों और संपत्ति के स्रोत की जांच की जा रही है।

घर और आभूषण को लेकर भी जांच

जांच एजेंसी के अनुसार अजीत अमर के निजी आवास से करीब 40.05 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए गए। इसके अलावा वर्ष 2023 से 2025 के बीच करीब 27 लाख रुपये के आभूषण खरीदे जाने से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात भी कही गई है।

सीवान जिले में पैतृक जमीन पर बनाए गए मकान को लेकर भी जांच एजेंसी ने जानकारी जुटाई है। एजेंसी के अनुसार इस मकान के निर्माण पर 50 लाख रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।

वाहनों की खरीद भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान अजीत अमर से जुड़ी वाहन संपत्तियों का भी विवरण सामने आया। जांच एजेंसी के अनुसार उनके पास महिंद्रा स्कॉर्पियो और यामाहा एफएच बाइक होने की जानकारी मिली है। इन संपत्तियों की खरीद और उनके लिए किए गए भुगतान का स्रोत भी जांच का हिस्सा है।

करीब साढ़े चार साल की सेवा और संपत्ति का अंतर

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार अजीत अमर फरवरी 2022 में सरकारी सेवा में आए थे। करीब साढ़े चार साल के सेवाकाल के दौरान वे शिक्षा विभाग में अलग-अलग जिम्मेदारियों पर रहे। जांच एजेंसी के आकलन के अनुसार इस अवधि में उन्हें वेतन के रूप में करीब 38 लाख रुपये प्राप्त हुए।

जांच में सामने आई संपत्तियों और आय के आंकड़ों के बीच अंतर को आधार बनाकर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। एजेंसी के अनुसार ज्ञात आय की तुलना में कथित रूप से 72.35 प्रतिशत अधिक संपत्ति का मामला सामने आया।

सारण में प्रतिनियुक्ति के दौरान भी उठे थे सवाल

सरकारी सेवा में आने के बाद अजीत अमर ने सहरसा में योगदान दिया था। बाद में उनकी सारण में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी योजना एवं लेखा के पद पर प्रतिनियुक्ति हुई। इसी दौरान उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के माध्यम से अवैध धन अर्जित करने से संबंधित आरोप सामने आने की बात जांच एजेंसी के विवरण में कही गई है।

स्थानीय प्रशासन स्तर पर हुई जांच के बाद उन्हें मूल पदस्थापन स्थल सहरसा वापस भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई की जांच में उनकी संपत्तियों और आय के स्रोत को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ी।

निलंबन के बाद विभागीय कार्रवाई भी संभव

शिक्षा विभाग के निलंबन आदेश के बाद अब इस मामले में विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया भी चलेगी। दूसरी ओर आर्थिक अपराध इकाई की जांच में सामने आए दस्तावेजों और संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है।

आय से अधिक संपत्ति के मामले में अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से अजीत अमर को निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई है और आर्थिक अपराध इकाई का मामला जांच के अधीन है।

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