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Patna News: पुलिस मुख्यालय की समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण से लेकर साइबर क्राइम तक पर सख्ती, अधिकारियों को दिए कई अहम निर्देश

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना पुलिस मुख्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान अपराध नियंत्रण, साइबर क्राइम, नारकोटिक्स, गश्ती और जनसंवाद को लेकर अधिकारियों को अहम निर्देश दिए गए।

पटना, 1 अक्टूबर, आलम की खबर: सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय में गृह विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था, साइबर अपराध, नारकोटिक्स, संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।

बैठक की संयुक्त अध्यक्षता गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार तथा पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रीता वर्मा ने की। इसमें सभी जिला नोडल एडीजी, आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। राज्य के 40 पुलिस जिलों में क्षेत्र भ्रमण के लिए भेजे गए 36 वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने अपने-अपने भ्रमण के दौरान सामने आई स्थितियों और अनुभवों का प्रस्तुतीकरण भी किया।

क्राइम स्पॉट की पहचान कर पुलिसिंग को बनाया जाएगा प्रभावी

समीक्षा के दौरान प्रत्येक पुलिस जिले में अपराध की दृष्टि से संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों की पहचान पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को ऐसे स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी, निगरानी और गश्ती व्यवस्था को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी देखा गया कि फील्ड स्तर पर पुलिसिंग के दौरान किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। अपराध नियंत्रण के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

एसडीपीओ, इंस्पेक्टर और थानाध्यक्षों को लापरवाही से बचने की हिदायत

गृह विभाग के प्रधान सचिव ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, अंचल पुलिस निरीक्षकों और थानाध्यक्षों को अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी। बैठक में स्पष्ट किया गया कि कार्यों में लापरवाही मिलने पर संबंधित पदाधिकारी या कर्मी के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिन जिलों में वरीय पुलिस अधिकारियों को टैग किया गया है, वहां उन्हें रात्रि प्रवास करने और कानून-व्यवस्था तथा पुलिसिंग की स्थिति की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य फील्ड स्तर पर पुलिस व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना है।

साइबर अपराध और नारकोटिक्स पर विशेष फोकस

समीक्षा बैठक में साइबर क्राइम और नारकोटिक्स से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। खासकर भारत-नेपाल सीमा से जुड़े जिलों में नारकोटिक्स के संगठित कार्टेल से संबंधित गतिविधियों की जानकारी जुटाने और संबंधित जिलों एवं इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया।

पुलिस की तकनीकी और निगरानी व्यवस्था को भी सक्रिय बनाए रखने को कहा गया। सीसीटीएनएस, सीसीटीवी, पुलिस कंट्रोल रूम, जिला नियंत्रण कक्ष और वायरलेस सिस्टम को प्रभावी तरीके से संचालित रखने के निर्देश दिए गए।

गश्ती व्यवस्था और पुलिस वाहनों को डायल-112 से जोड़ने पर जोर

अपराध नियंत्रण के लिए नियमित गश्ती को और मजबूत करने तथा गश्ती से संबंधित अभिलेखों को अद्यतन रखने का निर्देश दिया गया। पुलिस वाहनों की उपलब्धता और उनकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को भी समीक्षा का हिस्सा बनाया गया।

सभी दोपहिया और चारपहिया पुलिस वाहनों को डायल-112 से जोड़ने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि किसी आपात स्थिति में पुलिस की प्रतिक्रिया व्यवस्था को और तेज किया जा सके।

न्यायालय के कुर्की आदेश लंबित नहीं रखने का निर्देश

बैठक में न्यायालय से जारी कुर्की संबंधी आदेशों के अनुपालन की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि न्यायालय से प्राप्त कुर्की आदेशों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आदेशों के अनुपालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

‘गुड मॉर्निंग वॉक’ से जनसंवाद को बढ़ावा

समीक्षा के दौरान किशनगंज पुलिस की ओर से संचालित ‘गुड मॉर्निंग वॉक’ पहल का भी उल्लेख किया गया। इस पहल के तहत वरीय पुलिस अधिकारी सुबह आम लोगों के साथ भ्रमण करते हैं और उनसे सीधे बातचीत कर स्थानीय समस्याओं और पुलिस से जुड़ी अपेक्षाओं को समझने का प्रयास करते हैं।

बैठक में इसे पुलिस और आम लोगों के बीच संवाद मजबूत करने वाली पहल के रूप में रखा गया। अन्य जिलों को भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इस तरह की सकारात्मक गतिविधियां शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

पर्यटन और सेल्फी प्वाइंट पर ‘सुपर पेट्रोलिंग’ पर जोर

पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रीता वर्मा ने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की बात कही। पर्यटन स्थलों और सेल्फी प्वाइंट जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती और नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

इन स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी और गश्ती की निगरानी के लिए ‘सुपर पेट्रोलिंग’ व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था लगातार बनी रहे।

थानों में जनसंवाद बैठक आयोजित करने का निर्देश

बैठक के दौरान पुलिस और आम लोगों के बीच संवाद को और मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस महानिदेशक के स्तर से सभी नोडल पदाधिकारियों को थानों में जनसंवाद के लिए बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

कुल मिलाकर समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, तकनीकी निगरानी, गश्ती, साइबर अपराध, नारकोटिक्स और पुलिस-जन संवाद को पुलिसिंग की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा गया। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जवाबदेही के साथ काम करते हुए पुलिसिंग की गुणवत्ता में लगातार सुधार करने के निर्देश दिए गए।

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