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Bihar News: आधार में जन्मतिथि बदलने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए तो होगा बड़ा नुकसान, 1.66 लाख आधार रद्द

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | आधार में जन्मतिथि बदलने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाने वालों पर UIDAI की कार्रवाई, बिहार में 1.66 लाख आधार नंबर रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई।

पटना, 5 अक्टूबर आलम की खबर: आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलवाने के लिए गलत या फर्जी दस्तावेज का सहारा लेना अब भारी पड़ सकता है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI ने दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। बिहार में पिछले तीन महीनों के दौरान करीब 1.66 लाख आधार नंबर रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद आधार से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए पटना स्थित आधार सेवा केंद्रों पर लोगों की भीड़ बढ़ने की बात कही जा रही है।

जन्मतिथि में बदलाव के लिए जमा किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच अब पहले से अधिक गंभीरता से की जा रही है। यदि आवेदन के साथ लगाया गया प्रमाण पत्र सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता या उसके फर्जी होने की पुष्टि होती है, तो केवल जन्मतिथि सुधार का आवेदन अस्वीकार होने तक मामला सीमित नहीं रह सकता। संबंधित आधार नंबर पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

पटना में आधार केंद्रों पर बढ़ी भीड़

आधार नंबर रद्द होने के बाद कई लोग इसकी वजह जानने और रिकॉर्ड को दोबारा सक्रिय कराने की प्रक्रिया समझने के लिए पटना पहुंच रहे हैं। शक्ति टावर स्थित आधार सेवा केंद्र और जीपीओ परिसर के आधार सेवा केंद्र में ऐसे मामलों से जुड़े लोगों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

आधार नंबर निष्क्रिय या रद्द होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को वैध दस्तावेज उपलब्ध कराने और निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। दस्तावेज सही पाए जाने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से बदलाव कराने की कोशिश पर नजर

आधार में जन्मतिथि सुधार के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में जन्म प्रमाण पत्र शामिल है। कुछ मामलों में जन्मतिथि बदलने के उद्देश्य से नए या कथित रूप से संशोधित जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर आवेदन किए जाने की शिकायत सामने आती रही है।

सत्यापन के दौरान जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज जानकारी को संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से मिलाया जा सकता है। यदि आवेदन में लगाए गए प्रमाण पत्र और सरकारी रिकॉर्ड में अंतर मिलता है, तो दस्तावेज की प्रामाणिकता पर सवाल खड़ा हो जाता है। ऐसी स्थिति में आधार अपडेट का आवेदन प्रभावित होने के साथ संबंधित आधार नंबर पर भी कार्रवाई हो सकती है।

सिर्फ नया कागज बनवा लेना पर्याप्त नहीं

जन्मतिथि सुधार कराने वाले लोगों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि उनके पास ऐसा दस्तावेज होना चाहिए जो वैध हो और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में भी दर्ज जानकारी से मेल खाता हो। केवल नया प्रमाण पत्र बनवाकर आधार में जन्मतिथि बदलवाने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है।

मान्य दस्तावेजों में सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी जन्म प्रमाण पत्र, मान्यता प्राप्त बोर्ड का मैट्रिक प्रमाण पत्र और कुछ परिस्थितियों में विश्वविद्यालय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। पेंशनर फोटो पहचान पत्र या सर्विस फोटो पहचान पत्र भी लागू नियमों के तहत उपयोगी हो सकते हैं।

जन्मतिथि सुधार पर भी सख्त नियम

आधार में जन्मतिथि अपडेट कराने के नियम सामान्य विवरणों की तुलना में अधिक सख्त हैं। जन्मतिथि में सुधार की सीमा को लेकर UIDAI के नियम लागू होते हैं और दोबारा बदलाव की स्थिति में अतिरिक्त सत्यापन या अनुमति की जरूरत पड़ सकती है।

जन्म प्रमाण पत्र के डिजिटल सत्यापन पर भी जोर बढ़ा है। QR कोड सहित प्रमाण पत्र और सरकारी डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से दस्तावेज की वास्तविकता जांचने की व्यवस्था फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद कर सकती है।

सरकारी लाभ के लिए गलत जन्मतिथि बताई तो बढ़ सकती है परेशानी

अगर कोई व्यक्ति नौकरी, परीक्षा, पेंशन या किसी सरकारी योजना का लाभ लेने के उद्देश्य से जानबूझकर जन्मतिथि में गलत बदलाव कराने की कोशिश करता है, तो मामला केवल आधार अपडेट रुकने या आधार पर कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकता। परिस्थितियों के अनुसार कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

ऐसे में आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधार कराने वाले लोगों के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि वे आवेदन के साथ वास्तविक और वैध दस्तावेज ही जमा करें। दस्तावेज में दर्ज जन्मतिथि और सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद जानकारी के बीच अंतर होने पर पहले संबंधित रिकॉर्ड को सही कराने की जरूरत पड़ सकती है।

आधार रद्द होने के बाद क्या करें?

यदि किसी व्यक्ति का आधार फर्जी या गलत दस्तावेज के आधार पर की गई प्रक्रिया के कारण रद्द हुआ है, तो उसे घबराने के बजाय संबंधित आधार सेवा केंद्र या UIDAI की निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपर्क करना चाहिए। वैध दस्तावेज उपलब्ध कराने और आवश्यक सत्यापन पूरा कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आधार में जन्मतिथि सुधार के लिए किसी एजेंट या बिचौलिए के भरोसे गलत दस्तावेज तैयार न कराएं। दस्तावेज जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी उसका सरकारी रिकॉर्ड से सही होना भी है।

UIDAI की सख्ती का मकसद आधार रिकॉर्ड में गलत जानकारी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को रोकना है। इसलिए जन्मतिथि में वास्तविक सुधार की जरूरत रखने वाले लोगों को अपने मूल दस्तावेजों के साथ ही आवेदन करना चाहिए। गलत जानकारी देकर रिकॉर्ड बदलवाने की कोशिश आगे चलकर आधार सेवाओं के साथ कानूनी परेशानी भी खड़ी कर सकती है।

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संपादकीय विचार:

आधार देश में पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसमें दर्ज जन्मतिथि या अन्य जानकारी को सही रखना जरूरी है, लेकिन सुधार के नाम पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल व्यवस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए दस्तावेजों का सत्यापन सख्त होना जरूरी है।

वहीं, वास्तविक दस्तावेज रखने वाले लोगों को भी स्पष्ट और आसान प्रक्रिया मिलनी चाहिए। किसी व्यक्ति का आधार गलत दस्तावेज के कारण कार्रवाई में आता है तो उसे यह जानकारी मिलनी चाहिए कि समस्या क्या है, कौन-सा वैध दस्तावेज स्वीकार होगा और सत्यापन के बाद रिकॉर्ड कैसे बहाल किया जा सकता है। पारदर्शी व्यवस्था से फर्जीवाड़े पर रोक के साथ आम लोगों की परेशानी भी कम होगी।

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