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Motihari News: रक्सौल में STF की बड़ी कार्रवाई, 5 किलो चरस के साथ महिला समेत 3 गिरफ्तार

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | मोतिहारी के रक्सौल में STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच किलो चरस के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार। चार मोबाइल बरामद, तस्करी नेटवर्क की जांच जारी।

मोतिहारी, 10 अक्टूबर: बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल में पुलिस को बड़ी सफलता मिलने की जानकारी सामने आई है। STF की नारकोटिक्स सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच किलोग्राम चरस और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित सरकारी कीमत करीब 12 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।

संयुक्त टीम ने की छापेमारी

मिली जानकारी के अनुसार, कार्रवाई में STF की नारकोटिक्स सेल के साथ पटना, मुजफ्फरपुर और रक्सौल पुलिस की टीम शामिल थी। संयुक्त टीम ने रक्सौल थाना क्षेत्र में छापेमारी कर तीन संदिग्धों को पकड़ा।

जांच एजेंसियों को संदेह है कि गिरफ्तार लोगों का संबंध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह से हो सकता है। हालांकि, नेटवर्क में उनकी भूमिका और अन्य लोगों की संलिप्तता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान

इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मीरा देवी, निवासी लक्ष्मीपुर, थाना रामगढ़वा; लक्ष्मण साह, निवासी वार्ड नंबर 25, कोरियाटोला; और पीताम्बर यादव, निवासी लक्ष्मीपुर लालबगिया, थाना मुफस्सिल के रूप में बताई गई है।

पुलिस ने तलाशी के दौरान पांच किलोग्राम चरस के अलावा चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जांच में मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी तस्करी के संपर्कों और कथित लेन-देन की पड़ताल में महत्वपूर्ण हो सकती है।

नेपाल से दूसरे राज्यों तक सप्लाई का आरोप

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों पर नेपाल से मादक पदार्थ लाकर भारत के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई करने का आरोप है। पुलिस को संदेह है कि इस कथित नेटवर्क के जरिए पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक नशीले पदार्थ पहुंचाए जाते थे।

हालांकि, इन राज्यों में सप्लाई और गिरोह के व्यापक संपर्कों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका क्या थी और कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

चार मोबाइल फोन की भी जांच

छापेमारी में मिले चार मोबाइल फोन को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनके संपर्क विवरण और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे।

जांच टीम कथित तस्करी के स्रोत, माल की आवाजाही और संभावित खरीदारों के बारे में जानकारी जुटा सकती है। यदि दूसरे राज्यों से जुड़े संपर्कों के प्रमाण मिलते हैं, तो जांच का दायरा बिहार से बाहर भी बढ़ सकता है।

भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी रोकना बड़ी चुनौती

पूर्वी चंपारण का रक्सौल भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित महत्वपूर्ण क्षेत्र है। सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर अभियान चलाती हैं।

मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में केवल खेप बरामद करना ही पर्याप्त नहीं होता। जांच एजेंसियों के सामने सप्लाई के स्रोत, परिवहन के तरीकों और कथित खरीदारों तक पहुंचने की चुनौती भी रहती है। ऐसे मामलों में नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान होने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

पूछताछ के बाद सामने आ सकती हैं नई जानकारियां

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का मुख्य उद्देश्य कथित तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाना है। पुलिस बरामद चरस और मोबाइल फोन से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर सकती है।

फिलहाल मामले में आरोपों और जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर करना जरूरी है। गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

निष्कर्ष: मोतिहारी के रक्सौल में पांच किलोग्राम चरस की बरामदगी और तीन लोगों की गिरफ्तारी को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। अब जांच एजेंसियों की नजर कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों और नशीले पदार्थों की सप्लाई के स्रोत पर है।

यह भी पढ़ें: बिहार की अन्य प्रमुख खबरों और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए Alam Ki Khabar पढ़ें।

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