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Samastipur News: महिला महाविद्यालय में जन्म-मृत्यु पंजीकरण पर क्विज, छात्राओं को किया जागरूक

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | समस्तीपुर महिला महाविद्यालय में जन्म-मृत्यु पंजीकरण पर जागरूकता कार्यक्रम और क्विज प्रतियोगिता हुई। पुष्पम कुमारी ने प्रथम स्थान हासिल किया।

समस्तीपुर, 13 अक्टूबर 2026: सरकारी प्रक्रियाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुँचाने और छात्राओं को नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से समस्तीपुर महिला महाविद्यालय में जन्म-मृत्यु पंजीकरण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला सांख्यिकी कार्यालय और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को पंजीकरण की प्रक्रिया, प्रमाण-पत्र की उपयोगिता और सही आँकड़ों के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत क्विज प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।


कार्यक्रम की शुरुआत जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अशोक कुमार, महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. राजेश कुमार रंजन, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गुप्ता, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी पवन कुमार सिंह, सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रवीण झा और डीपीओ, नमामि गंगे नीरजेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की।


जन्म-मृत्यु का पंजीकरण क्यों है जरूरी?


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि जन्म और मृत्यु का समय पर पंजीकरण कराना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी है। इससे आधिकारिक अभिलेख व्यवस्थित रहते हैं और जनसंख्या से जुड़े विश्वसनीय आँकड़े तैयार करने में मदद मिलती है। यही आँकड़े विभिन्न सरकारी योजनाओं की तैयारी और उनके क्रियान्वयन में उपयोगी साबित होते हैं।


उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकारी प्रक्रियाओं की सही जानकारी लोगों तक पहुँचाना जरूरी है। छात्राएँ अपने परिवार और आसपास के समुदाय में जागरूकता फैलाने में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए उन्हें इस विषय की जानकारी स्वयं हासिल करने के साथ दूसरे लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए।


शिक्षा के साथ नागरिक जागरूकता पर जोर


महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. राजेश कुमार रंजन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की भूमिका विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान देने तक सीमित नहीं है। उन्हें सामाजिक रूप से जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी शिक्षा का अहम हिस्सा है।


उन्होंने जन्म-मृत्यु पंजीकरण पर आयोजित कार्यक्रम को छात्राओं के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि सही पंजीकरण से महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख तैयार होते हैं। इसके साथ ही प्रशासन को विकास योजनाओं के लिए जरूरी जानकारी मिलती है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे कार्यक्रम में मिली जानकारी को अपने दैनिक जीवन में अपनाएँ और दूसरों तक भी पहुँचाएँ। उन्होंने इस पहल के लिए जिला प्रशासन और जिला सांख्यिकी कार्यालय की सराहना की।


विकास योजनाओं के लिए विश्वसनीय आँकड़े अहम


अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की विकास योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए सही और विश्वसनीय आँकड़ों की आवश्यकता होती है। जन्म-मृत्यु पंजीकरण से मिलने वाली जानकारी जनसंख्या वृद्धि, जन्म-दर, मृत्यु-दर और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का आकलन करने में सहायक होती है।


उन्होंने बताया कि इन आँकड़ों के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़ी सेवाओं की जरूरतों को समझने में मदद मिलती है। इस कारण जन्म-मृत्यु पंजीकरण को केवल औपचारिक प्रक्रिया समझने के बजाय बेहतर प्रशासन और विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में देखना चाहिए।


छात्राओं को समझाई गई पंजीकरण प्रक्रिया


सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी पवन कुमार सिंह ने छात्राओं को जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया, जरूरी जानकारियों और संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में बताया। उन्होंने सही विवरण दर्ज कराने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की आवश्यकता समझाई।


सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रवीण झा ने जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र की उपयोगिता तथा पंजीकरण से संबंधित सामान्य प्रक्रियाओं पर जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को इस विषय को समझने और इसकी जानकारी समाज के अन्य लोगों तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया।


डीपीओ, नमामि गंगे नीरजेश कुमार ने भी जागरूकता कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी समाज के सभी वर्गों तक पहुँचनी चाहिए। ऐसे आयोजन नागरिकों की समझ बढ़ाने के साथ जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित करते हैं।


क्विज प्रतियोगिता में पुष्पम कुमारी प्रथम


जागरूकता सत्र के बाद जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़े विषयों पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें छात्राओं से पंजीकरण की प्रक्रिया, प्रमाण-पत्र की उपयोगिता और संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर प्रश्न पूछे गए। छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।


प्रतियोगिता में पुष्पम कुमारी ने प्रथम स्थान हासिल किया। बुशरा प्रवीण दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि श्रेया अमबस्टा और दिव्या भारती ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। पूजा कुमारी चौथे स्थान पर रहीं। सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि की सराहना की गई।


आयोजन में कई लोगों की रही सहभागिता


कार्यक्रम के संचालन और आयोजन में सुमन सौरव, किशन कुमार तथा संजीत कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. सुरेश साह, डॉ. संगीता, डॉ. पर्णम शर्मा और डॉ. पिंकी कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया और इसके महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही यह संदेश दिया गया कि समय पर पंजीकरण, सही अभिलेख और नागरिक जागरूकता बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए आवश्यक हैं।

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