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Samastipur News: बरौनी में ‘कवच’ का सफल परीक्षण, आमने-सामने आए दो लोको फिर भी टक्कर नहीं हुई

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पूर्व मध्य रेल ने बरौनी में स्वदेशी ‘कवच’ ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का सफल परीक्षण किया। दो लोको को आमने-सामने लाकर प्रणाली की क्षमता जांची गई और टक्कर नहीं हुई।

समस्तीपुर, 14 अक्टूबर: रेल दुर्घटनाओं की आशंका कम करने और ट्रेनों के परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में पूर्व मध्य रेल ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की जानकारी दी है। बरौनी में स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ का परीक्षण किया गया, जिसमें दो इंजनों (लोको) को आमने-सामने लाकर प्रणाली की कार्यक्षमता परखी गई। रेलवे की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस परीक्षण के दौरान दोनों लोको के सामने आने के बावजूद टक्कर नहीं हुई।


यह परीक्षण बरौनी से समस्तीपुर और बरौनी से बेगूसराय की ओर जाने वाले रेलखंडों पर किया गया। इसमें ‘कवच’ प्रणाली की सुरक्षा क्षमताओं को जांचने के लिए तकनीकी उपकरणों से लैस दो लोको का इस्तेमाल किया गया।


दो लोको को आमने-सामने लाकर जांची गई सुरक्षा क्षमता


परीक्षण के दौरान Kernex DMI प्रणाली से सुसज्जित दोनों लोको को निर्धारित परिस्थितियों में आमने-सामने लाया गया। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि संभावित टक्कर जैसी स्थिति बनने पर कवच प्रणाली किस तरह प्रतिक्रिया करती है।


रेलवे के अनुसार, परीक्षण में प्रणाली ने संभावित टक्कर रोकने की क्षमता प्रदर्शित की। दोनों लोको के आमने-सामने आने के बावजूद टक्कर नहीं हुई। इस परीक्षण को रेल परिचालन में आधुनिक सुरक्षा तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


क्या है ‘कवच’ प्रणाली?


‘कवच’ भारतीय रेलवे की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसका उद्देश्य निर्धारित परिचालन परिस्थितियों में मानवीय भूल या अन्य कारणों से उत्पन्न संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में सहायता करना है।


यदि ट्रेन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप आगे नहीं बढ़ रही हो या ऐसी स्थिति बन जाए जिसमें हस्तक्षेप आवश्यक हो, तो प्रणाली परिस्थितियों के अनुसार चेतावनी देने और स्वचालित ब्रेक लगाने में मदद कर सकती है। इससे ट्रेन परिचालन की सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है।


हालांकि, किसी एक परीक्षण की सफलता का अर्थ यह नहीं है कि हर प्रकार की दुर्घटना की संभावना समाप्त हो गई है। प्रणाली की प्रभावशीलता उसके उचित इंस्टॉलेशन, तकनीकी स्थिति, परिचालन परिस्थितियों और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन पर भी निर्भर करती है।


रेलवे अधिकारियों और तकनीकी टीम का रहा योगदान


पूर्व मध्य रेल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह परीक्षण महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग, प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर तथा सोनपुर मंडल रेल प्रबंधक के निर्देशन में संपन्न हुआ।


परीक्षण को सफल बनाने में पूर्व मध्य रेल मुख्यालय के अधिकारियों के साथ रेलटेल (RailTel) और क्वाड्रेंट (Quadrant) की तकनीकी टीमों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न टीमों के समन्वय से प्रणाली की कार्यक्षमता और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को परखा गया।


रेल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम


रेलवे नेटवर्क पर यात्रियों और मालगाड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना रेलवे की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। स्वचालित ट्रेन सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल इसी दिशा में किया जा रहा है। ऐसे परीक्षणों से प्रणाली की कार्यक्षमता को निर्धारित परिस्थितियों में परखने और तकनीकी सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।


पूर्व मध्य रेल ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से आधुनिक सिग्नलिंग और ट्रेन सुरक्षा तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।


बरौनी में किया गया यह परीक्षण रेल परिचालन में स्वदेशी तकनीक की भूमिका को रेखांकित करता है। इससे ट्रेन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


Alam Ki Khabar

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