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Bihar News: पूर्णिया में 20 हजार रुपये रिश्वत लेते अंचल अमीन गिरफ्तार, निगरानी टीम ने बिछाया जाल

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पूर्णिया के भवानीपुर अंचल कार्यालय में तैनात अमीन प्रमोद उरांव को 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में निगरानी टीम ने गिरफ्तार किया। मामला जमीन की सरकारी मापी से जुड़ा है।

पूर्णिया, 15 अक्टूबर: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई के दौरान पूर्णिया जिले के भवानीपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में तैनात अमीन प्रमोद उरांव को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्होंने जमीन की सरकारी मापी कराने के बदले एक व्यक्ति से 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए उन्हें पकड़ लिया।

इस कार्रवाई के बाद भवानीपुर प्रखंड कार्यालय से जुड़े सरकारी महकमे में हलचल मच गई। मामला निजी जमीन की सरकारी मापी कराने के लिए कथित रूप से रिश्वत मांगे जाने से जुड़ा है।

जमीन की मापी के लिए मांगी गई थी रकम

मिली जानकारी के अनुसार, भवानीपुर थाना क्षेत्र के माधवनगर गांव निवासी विलास साह अपनी निजी जमीन की सरकारी मापी कराना चाहते थे। इसके लिए वह अंचल कार्यालय से संपर्क कर रहे थे।

आरोप है कि इसी काम को पूरा करने के बदले अमीन प्रमोद उरांव ने उनसे 20 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने कथित रूप से रिश्वत देने के बजाय निगरानी विभाग से संपर्क करने का फैसला किया और मामले की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के सत्यापन के बाद बनाई गई योजना

शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले की जांच और गोपनीय सत्यापन कराया। विभाग की कार्रवाई से संबंधित जानकारी के मुताबिक, सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि होने के बाद आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई गई।

इसके लिए निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम गठित की गई। टीम ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर निर्धारित रणनीति के तहत कार्रवाई की तैयारी की।

20 हजार रुपये लेते ही निगरानी टीम ने पकड़ा

योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट दिए गए। इसके बाद उन्हें आरोपी के पास भेजा गया। आरोप है कि प्रमोद उरांव ने रकम लेने के लिए शिकायतकर्ता को प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने स्थित एक दुकान पर बुलाया।

जैसे ही कथित रूप से 20 हजार रुपये का लेनदेन हुआ, पहले से तैनात निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए अमीन को पकड़ लिया। इस तरह शिकायत के आधार पर रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी की गई।

हाथ धुलवाने पर रंग बदलने की प्रक्रिया

ट्रैप कार्रवाई के बाद निगरानी टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत आरोपी के हाथ धुलवाए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, केमिकल लगे नोटों के संपर्क में आने के कारण पानी का रंग बदल गया। ऐसी प्रक्रिया का इस्तेमाल रिश्वत के मामलों में रासायनिक निशान की जांच के लिए किया जाता है।

इसके बाद टीम ने जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की और आरोपी को अपने साथ पटना ले गई। आगे उन्हें विशेष निगरानी अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जानी थी।

सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर फिर सवाल

जमीन की मापी, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व संबंधी कामों के लिए लोगों को अंचल कार्यालयों से संपर्क करना पड़ता है। ऐसे में सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगे जाने की शिकायतें आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती हैं।

इस मामले में निगरानी विभाग की कार्रवाई शिकायत के आधार पर की गई है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया में आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मामले में अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय और जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगा। फिलहाल इस कार्रवाई ने पूर्णिया के भवानीपुर क्षेत्र में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की भूमिका को फिर चर्चा में ला दिया है।

यह मामला उन लोगों के लिए भी अहम है, जो सरकारी काम कराने के बदले रिश्वत की मांग का सामना करते हैं। ऐसी स्थिति में संबंधित निगरानी एजेंसी या सक्षम सरकारी प्राधिकरण से शिकायत की जा सकती है।

यह भी पढ़ें: बिहार में निगरानी विभाग की अन्य कार्रवाइयों और सरकारी विभागों से जुड़ी खबरों के लिए Alam Ki Khabar पढ़ें।

Alam Ki Khabar

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