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Patna News: पटना स्नातक MLC चुनाव में नीरज कुमार का अनंत सिंह पर पलटवार, ‘पुदीना सिंह’ बयान से बढ़ा सियासी विवाद

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना स्नातक MLC चुनाव में नीरज कुमार ने अनंत सिंह के बयानों पर पलटवार किया। निशांत कुमार के प्रचार, चुनावी समर्थन और हत्या के आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद तेज।

पटना, 16 अक्टूबर: बिहार में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता नीरज कुमार और मोकामा के विधायक अनंत सिंह के बीच बयानबाजी अब कई मुद्दों तक पहुंच गई है। जदयू के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में निशांत कुमार के प्रचार, चुनाव में पार्टी की भूमिका और पुराने हत्या के मामलों को लेकर दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


इस विवाद ने पटना स्नातक सीट के चुनाव को केवल उम्मीदवारों की प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रहने दिया है। पार्टी के भीतर मतभेद और नेताओं के एक-दूसरे पर किए जा रहे कटाक्ष भी चर्चा का विषय बन गए हैं।


बैलेट पेपर और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी पर नीरज का जोर


अनंत सिंह की ओर से निशांत कुमार के चुनाव प्रचार और नीरज कुमार की उम्मीदवारी को लेकर उठाए गए सवालों पर नीरज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मतपत्र पर उनका नाम, जदयू का नाम और तस्वीर होगी। उनके मुताबिक, पार्टी ने उन्हें अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारा है और इसकी जानकारी संबंधित निर्वाचन कार्यालय को दी गई है।


नीरज ने यह भी सवाल उठाया कि किसी दूसरे राजनीतिक दल या उम्मीदवार के समर्थन में बयान देने से चुनावी स्थिति अपने आप नहीं बदल जाती। उनके बयान का मुख्य संदेश यही था कि चुनाव में आधिकारिक प्रत्याशी और चुनावी प्रक्रिया की अहमियत बनी रहती है।


निशांत कुमार के प्रचार को लेकर भी तकरार


पटना स्नातक सीट के चुनाव प्रचार में निशांत कुमार की सक्रियता को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच मतभेद सामने आए हैं। नीरज कुमार ने कहा कि निशांत कुमार ने लोगों से उनके समर्थन में अपील की है और पार्टी के शुरुआती दौर से उनके जुड़े रहने तथा समाजवादी विचारधारा पर चलने की बात कही है।


नीरज ने निशांत कुमार की लोकप्रियता और राजनीतिक स्वीकार्यता का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें किसी की अनुमति लेकर प्रचार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने इसे पार्टी और बिहार के राजनीतिक नेतृत्व से जुड़ा विषय बताया। नीरज के मुताबिक, पार्टी का अपना संगठन और मुख्यालय है, जहां से कार्यक्रमों और प्रचार की रणनीति तय की जाती है।


दूसरी ओर, अनंत सिंह की ओर से चुनाव प्रचार और पार्टी प्रत्याशी के समर्थन को लेकर की गई टिप्पणियों ने इस विवाद को और हवा दी है। इस पूरे घटनाक्रम में निशांत कुमार की भूमिका भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है।


‘18 साल से जमा गैस निकालने’ वाले बयान पर कटाक्ष


विवाद के दौरान अनंत सिंह की ओर से कथित तौर पर 18 साल से जमा ‘गैस’ निकालने संबंधी टिप्पणी का भी जिक्र हुआ। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने पहले बयान देने वाले व्यक्ति के नाम को लेकर सवाल किया। पत्रकारों की ओर से अनंत सिंह का नाम बताए जाने के बाद नीरज ने व्यंग्यात्मक अंदाज में ‘पुदीना सिंह’ कहकर कटाक्ष किया।


नीरज के इस बयान ने राजनीतिक बहस को व्यक्तिगत तंज की दिशा में और आगे बढ़ा दिया। चुनावी मुद्दों और समर्थन की चर्चा के बीच नेताओं के इस तरह के संबोधन अब विवाद का अलग पहलू बन गए हैं।


हत्या के आरोपों पर भी आमने-सामने


इस राजनीतिक खींचतान में हत्या के पुराने मामलों को लेकर लगाए गए आरोप भी सामने आए हैं। नीरज कुमार ने बाढ़ क्षेत्र के कार्यक्रम के दौरान कुछ हत्याओं का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए थे। इसके जवाब में अनंत सिंह की ओर से नीरज पर ही जिम्मेदारी डालने वाला बयान दिए जाने की बात सामने आई।


इन आरोपों पर नीरज ने सवाल किया कि क्या उनके खिलाफ इस सिलसिले में कोई मुकदमा दर्ज है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का नाम उन्होंने उठाया, उनके परिजन न्याय और जवाब मांग रहे हैं। नीरज ने संबंधित मामलों में पीड़ित परिवारों की पीड़ा का हवाला देते हुए कहा कि सवाल यह है कि उन घटनाओं के लिए जिम्मेदार कौन था।


यह मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा है। ऐसे आरोपों की सच्चाई का निर्धारण संबंधित दस्तावेजों, पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है। राजनीतिक मंचों से लगाए गए आरोप अपने आप में किसी व्यक्ति का दोष साबित नहीं करते।


नीतीश कुमार के प्रचार में शामिल नहीं होने का भी जिक्र


नीरज कुमार ने अनंत सिंह की ओर से जदयू के प्रचार अभियान को लेकर उठाए गए सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले कुछ चुनावों में उनके प्रचार के लिए नहीं आए थे। उन्होंने संकेत दिया कि इस बात को लेकर अनंत सिंह के मन में नाराजगी हो सकती है।


नीरज ने निशांत कुमार के प्रचार को लेकर भी कहा कि पार्टी के भीतर किसी नेता की भूमिका या कार्यक्रम पर बाहर से निर्देश देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बिहार को विकसित बनाने और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की बात दोहराई। साथ ही, उन्होंने सम्राट चौधरी और निशांत कुमार की राजनीतिक जोड़ी को लेकर भी टिप्पणी की।


चुनाव से पहले पार्टी के भीतर मतभेद चर्चा में


पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से पहले नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच जारी बयानबाजी जदयू के लिए राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। एक ओर नीरज कुमार पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के रूप में समर्थन जुटाने में लगे हैं, वहीं अनंत सिंह की टिप्पणियों ने चुनावी मुकाबले में अतिरिक्त तनाव पैदा किया है।


इस विवाद का असर कितना पड़ेगा, यह मतदाताओं के रुख और चुनावी नतीजों से ही स्पष्ट होगा। फिलहाल निशांत कुमार के प्रचार, पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार की स्थिति और नेताओं के व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप ने पटना स्नातक MLC चुनाव को बिहार की राजनीति में चर्चा का बड़ा मुद्दा बना दिया है।


Alam Ki Khabar चुनाव से जुड़े घटनाक्रम और संबंधित नेताओं के बयानों पर नजर बनाए रखेगा।

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