:
Breaking News

Bihar News: IGIMS पटना में रैगिंग के आरोप में MBBS के तीन छात्र तीन महीने के लिए निलंबित

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | IGIMS पटना में रैगिंग के आरोप में 2024 बैच के तीन MBBS छात्र निलंबित। तीन महीने तक कक्षाओं, शैक्षणिक सुविधाओं और कैंपस में प्रवेश पर रोक।

पटना, 16 अक्टूबर: राजधानी पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में रैगिंग के आरोपों को लेकर तीन एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। संस्थान के 2024 बैच के तीन छात्रों को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस अवधि में उन्हें न केवल पढ़ाई से दूर रहना होगा, बल्कि हॉस्टल खाली करने और संस्थान परिसर में प्रवेश नहीं करने का भी निर्देश दिया गया है।


निलंबित छात्रों की पहचान आदित्य राज, अभिनव राज और राज चौरसिया के रूप में हुई है। प्राचार्य कार्यालय की ओर से 8 अक्टूबर को जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई तीन महीने की अवधि पूरी होने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी की समीक्षा के आधार पर तय होगी।


कक्षाओं से लेकर कैंपस में प्रवेश तक पर रोक


जारी आदेश के मुताबिक, निलंबन के दौरान तीनों छात्र नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे। उन्हें संस्थान की शैक्षणिक सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति भी नहीं होगी। इसके साथ ही अपने आवंटित हॉस्टल कमरे खाली कर संबंधित वार्डन को उसका कब्जा सौंपना होगा।


आदेश में संस्थान परिसर में उनके प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है। इस तरह निलंबन की अवधि में छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों और परिसर से संबंधित सुविधाओं से अलग रहना पड़ेगा।


तीन महीने बाद एंटी रैगिंग कमेटी करेगी समीक्षा


इस मामले में अभी आगे की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। आदेश के अनुसार, तीन महीने का निलंबन पूरा होने के बाद तीनों छात्रों का मामला एंटी रैगिंग कमेटी (ARC) के सामने रखा जाएगा। कमेटी उपलब्ध तथ्यों और संबंधित रिकॉर्ड की समीक्षा करेगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।


कमेटी की समीक्षा इसलिए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि आगे का फैसला मामले से जुड़े तथ्यों और लागू नियमों के आधार पर किया जाना है। फिलहाल जारी आदेश में निलंबन की अवधि और छात्रों पर लागू प्रतिबंधों का उल्लेख किया गया है।


कथित घटना का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं


प्राचार्य कार्यालय के आदेश में कथित रैगिंग की घटना की तारीख, उसकी प्रकृति और आरोपों से जुड़े विस्तृत तथ्यों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसलिए फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना के पूरे घटनाक्रम के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।


तीनों छात्रों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है, लेकिन मामले की आगे की समीक्षा अभी बाकी है। एंटी रैगिंग कमेटी की जांच और निर्णय से ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।


सुप्रीम कोर्ट, UGC और NMC के नियमों के अनुरूप होगी प्रक्रिया


IGIMS प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) और संस्थान में लागू नियमों के अनुरूप पूरी की जाएगी।


आदेश की प्रतियां संस्थान के निदेशक, डीन, संबंधित विभागाध्यक्षों, हॉस्टल वार्डन और सुरक्षा प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं। इससे संबंधित विभागों को आदेश के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना होगा।


चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में रैगिंग रोकना बड़ी जिम्मेदारी


मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग रोकना विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे संस्थानों में अनुशासन बनाए रखने के साथ शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा और निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई भी जरूरी होती है।


IGIMS पटना के इस मामले में तीन छात्रों को तत्काल प्रभाव से तीन महीने के लिए निलंबित किया गया है। अब अवधि पूरी होने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी की समीक्षा के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।


फिलहाल छात्रों पर निलंबन के आदेश लागू हैं। मामले में आगे की स्थिति कमेटी की समीक्षा और संस्थान के नियमानुसार लिए जाने वाले निर्णय पर निर्भर करेगी।


यह भी पढ़ें: बिहार की शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी संस्थानों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Alam Ki Khabar पढ़ते रहें।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *