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Bihar News: अनंत सिंह ने विजय सिन्हा पर साधा निशाना, पढ़े-लिखे वोटरों वाले बयान पर भड़के

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार MLC चुनाव में अनंत सिंह ने विजय कुमार सिन्हा के कथित बयान पर नाराजगी जताई। नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार और अनुज सिंह के समर्थन से जदयू की राजनीति में हलचल तेज।

पटना, 16 अक्टूबर: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इसी बीच मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह और बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा के बीच बयानबाजी ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। पढ़े-लिखे मतदाताओं को लेकर विजय सिन्हा की कथित टिप्पणी पर अनंत सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि उनकी सभाओं और यात्राओं में शामिल होने वाले लोगों को अनपढ़ कैसे कहा जा सकता है।


एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में अनंत सिंह ने विजय सिन्हा पर निशाना साधते हुए पूछा, “मेरी यात्रा में जुटने वाली भीड़ क्या अनपढ़ है? क्या सिर्फ विजय सिन्हा ही पढ़े-लिखे हैं?” बातचीत के दौरान उन्होंने मंत्री पर गंभीर आरोप भी लगाए और उन्हें ‘चोर’ तक कह दिया। ये आरोप अनंत सिंह की ओर से लगाए गए हैं। इस मामले में विजय सिन्हा का पक्ष सामने आना बाकी है।


पढ़े-लिखे वोटरों की टिप्पणी पर क्यों भड़के अनंत सिंह?


विवाद की पृष्ठभूमि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव से जुड़ी है। जदयू ने इस सीट से नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज की ओर से डॉ. अनुज सिंह चुनाव मैदान में हैं।


अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर विजय कुमार सिन्हा से सवाल पूछा गया था। खबर में सामने आए विवरण के अनुसार, विजय सिन्हा ने इसे पढ़े-लिखे मतदाताओं का चुनाव बताते हुए प्रतिक्रिया दी थी।


इसी टिप्पणी को लेकर अनंत सिंह ने आपत्ति जताई। उनका सवाल था कि चुनावी सभाओं में आने वाले लोगों की शैक्षणिक योग्यता को लेकर इस तरह की टिप्पणी क्यों की जा रही है। इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव चर्चा का विषय बन गया है।


अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार


अनंत सिंह का रुख जदयू के लिए भी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। वह पटना स्नातक सीट पर पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में प्रचार करने के बजाय जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में सक्रिय हैं।


इस घटनाक्रम से चुनावी मुकाबला केवल उम्मीदवारों के बीच की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि जदयू के भीतर मतभेद भी खुलकर सामने आ रहे हैं। अनंत सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह अनुज सिंह का समर्थन करेंगे। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने अपने उम्मीदवार के पक्ष में एकजुटता बनाए रखने की चुनौती है।


अनंत सिंह का यह रुख राजनीतिक रूप से इसलिए भी अहम है, क्योंकि वह जदयू के विधायक हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने संबंधों को लेकर भी लगातार बयान देते रहे हैं।


निशांत कुमार के प्रचार पर भी रखी अपनी राय


पटना से निकलने के दौरान अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के चुनाव प्रचार में उतरने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार को प्रचार के लिए नहीं जाना चाहिए था, क्योंकि यह छोटा चुनाव है।


इसके साथ ही अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए कहा, “मैं नीतीश के साथ था और रहूंगा।”


उनके इस बयान में दो अलग-अलग राजनीतिक संदेश दिखाई देते हैं। एक ओर उन्होंने निशांत कुमार के प्रचार को लेकर अपनी असहमति जताई, वहीं दूसरी ओर नीतीश कुमार के साथ बने रहने की बात कही। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि नीरज कुमार के विरोध को अनंत सिंह व्यक्तिगत राजनीतिक मतभेद के रूप में देखते हैं या इसका असर पार्टी के व्यापक समीकरणों पर भी पड़ेगा।


कार्रवाई की चिंता नहीं होने का दावा


अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करने को लेकर जब अनंत सिंह से संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बेबाक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी परवाह नहीं है।


अनंत सिंह ने अपने पुराने अंदाज में कहा, “न मरने का गम है, न जीने की खुशी है। अनंत सिंह आज तक किसी धमकी से न डरा है, न डरने वाला है।”


उनके इस बयान ने विवाद को और तीखा बना दिया है। हालांकि, जदयू नेतृत्व की ओर से इस विशेष बयानबाजी और संभावित कार्रवाई पर क्या रुख अपनाया जाएगा, यह आगे स्पष्ट होगा।


जदयू के लिए बढ़ सकती है चुनावी चुनौती


पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जदयू के लिए महत्वपूर्ण है। पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार को अपने ही दल के विधायक अनंत सिंह की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन चुनावी मुकाबले को नया आयाम दे रहा है।


अनंत सिंह और विजय कुमार सिन्हा के बीच ताजा बयानबाजी ने इस राजनीतिक खींचतान में एक और मुद्दा जोड़ दिया है। अब चर्चा केवल इस बात की नहीं है कि नीरज कुमार और अनुज सिंह के बीच मुकाबला कैसा रहेगा, बल्कि यह भी है कि नेताओं के आपसी मतभेद मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं पर कितना असर डालेंगे।


फिलहाल, अनंत सिंह अपने रुख पर कायम नजर आ रहे हैं। उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई है, लेकिन जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थन में प्रचार करने से इनकार करने का उनका रुख पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है।


आने वाले दिनों में जदयू नेतृत्व की प्रतिक्रिया और चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं के बयानों पर सबकी नजर रहेगी। साथ ही, विजय कुमार सिन्हा का पक्ष सामने आने के बाद इस विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।


यह भी पढ़ें: बिहार की राजनीति, विधान परिषद चुनाव और प्रमुख नेताओं के बयानों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Alam Ki Khabar पढ़ते रहें।

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