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Bihar News: बिहार MLC चुनाव में NDA की अग्निपरीक्षा, 8 सीटों पर 150 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान। 150 प्रत्याशी, 5.32 लाख से अधिक मतदाता और NDA, महागठबंधन व जन सुराज के बीच मुकाबले की पूरी जानकारी।

पटना, 22 अक्टूबर 2026। बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान होगा। इस चुनाव में 150 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान से पहले सियासी दलों की प्रतिष्ठा दांव पर है। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सामने अपनी मौजूदा सीटों पर पकड़ बनाए रखने की चुनौती है, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी अपनी ताकत दिखाने की कोशिश में हैं।


इस चुनाव की खास बात यह है कि मुकाबला केवल सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सीमित नहीं है। कई निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्षी दलों के अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने भी चुनावी समीकरण को बहुकोणीय बना दिया है।


पटना स्नातक सीट पर सबसे ज्यादा चर्चा


पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के निवर्तमान विधान पार्षद नीरज कुमार चौथी बार जीत हासिल करने के इरादे से मैदान में हैं। जन सुराज ने अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर मोकामा विधायक अनंत सिंह की ओर से अनुज सिंह को समर्थन दिए जाने के बाद मुकाबला और चर्चित हो गया है।


राजद के दिलीप कुमार और कांग्रेस के डॉ. असदुल्लाह खान भी चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में यहां मुकाबला कई उम्मीदवारों के बीच है। जदयू के लिए अपनी सीट बचाना महत्वपूर्ण है, जबकि जन सुराज इस चुनाव के जरिए अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।


दरभंगा स्नातक सीट पर 40 उम्मीदवार


दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सर्वेश कुमार अपनी सीट बचाने के लिए मैदान में हैं। राजद ने अनिल कुमार झा, कांग्रेस ने रजनीकांत पाठक और जन सुराज ने डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी को उम्मीदवार बनाया है।


इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 40 प्रत्याशी मैदान में हैं, जो आठों सीटों में सबसे अधिक संख्या है। बड़ी संख्या में उम्मीदवार होने से यहां मुकाबले पर खास नजर रहेगी।


तिरहुत स्नातक में निर्दलीय उम्मीदवार की चुनौती


तिरहुत स्नातक सीट के निवर्तमान निर्दलीय विधान पार्षद बंशीधर बृजवासी फिर चुनाव लड़ रहे हैं। जदयू ने अभिषेक झा, राजद ने डॉ. रश्मि विनायक गौतम और जन सुराज ने डॉ. विमोहन कुमार को उम्मीदवार बनाया है।


यहां कुल 17 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के सामने बंशीधर बृजवासी अपनी व्यक्तिगत पकड़ और पिछले कार्यकाल के आधार पर समर्थन बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रहे हैं।


कोसी स्नातक सीट पर भाजपा की नजर


कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के निवर्तमान विधान पार्षद डॉ. एनके यादव फिर चुनाव मैदान में हैं। राजद ने नितेश कुमार, कांग्रेस ने मनोज कुमार जायसवाल और जन सुराज ने रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर कुल 15 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।


भाजपा के लिए सीट बरकरार रखना अहम है, जबकि विपक्षी दल इस निर्वाचन क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में हैं।


पटना शिक्षक सीट पर कई दल आमने-सामने


पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के निवर्तमान विधान पार्षद नवल किशोर यादव फिर चुनाव लड़ रहे हैं। राजद ने डॉ. संजीव कुमार सिंह, कांग्रेस ने डॉ. संजय यादव और जन सुराज ने दिव्या ज्योति को उम्मीदवार बनाया है।


शिक्षक मतदाताओं के बीच इस मुकाबले में उम्मीदवारों की व्यक्तिगत छवि, शिक्षकों से जुड़े मुद्दे और संगठनों का समर्थन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


दरभंगा शिक्षक सीट पर मदन मोहन झा की चुनौती


दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के निवर्तमान विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा फिर मैदान में हैं। जदयू ने घनश्याम राय, राजद ने डॉ. कुंवर राय और जन सुराज ने एसपी राय को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर कुल 13 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।


यहां कांग्रेस के सामने अपनी मौजूदा सीट बचाने की चुनौती है, जबकि अन्य दल शिक्षक मतदाताओं के बीच समर्थन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।


तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा और वाम दलों की टक्कर


तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाकपा (CPI) के निवर्तमान विधान पार्षद संजय कुमार सिंह फिर चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने नरेंद्र प्रसाद सिंह और जन सुराज ने भूषण झा को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर कुल 11 प्रत्याशी मैदान में हैं।


मौजूदा प्रतिनिधि को अपनी स्थिति बरकरार रखने के लिए चुनौतीपूर्ण मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा और जन सुराज भी शिक्षक मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं।


सारण शिक्षक सीट पर जदयू, राजद और जन सुराज के बीच मुकाबला


सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू ने आनंद पुष्कर, राजद ने प्रो. जयराम यादव और जन सुराज ने आफाक अहमद को उम्मीदवार बनाया है। आफाक अहमद निवर्तमान निर्दलीय विधान पार्षद हैं। इस सीट पर कुल 18 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।


यहां जदयू और राजद के उम्मीदवारों के साथ मौजूदा निर्दलीय प्रतिनिधि की मौजूदगी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।


5.32 लाख से अधिक मतदाता करेंगे फैसला


बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के चुनाव के लिए कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।


इस चुनाव में आम विधानसभा चुनाव की तरह सभी मतदाता वोट नहीं डालते। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले और मतदाता सूची में पंजीकृत स्नातक मतदान करते हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पात्रता पूरी करने वाले और मतदाता सूची में शामिल शिक्षक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं। मतदान मतपत्र के माध्यम से होगा।


किसके लिए क्या है चुनौती?


NDA के लिए अपनी मौजूदा राजनीतिक पकड़ कायम रखना महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, राजद और कांग्रेस के अलग-अलग उम्मीदवारों के कारण कुछ सीटों पर विपक्षी मतों के बंटवारे की संभावना चर्चा में है। जन सुराज सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारकर स्थापित राजनीतिक दलों के सामने अपनी चुनावी क्षमता साबित करना चाहती है।


निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका भी कई सीटों पर अहम हो सकती है। अब निगाहें मतदान पर टिकी हैं। 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना से पता चलेगा कि स्नातक और शिक्षक मतदाताओं ने किस दल, उम्मीदवार और राजनीतिक रणनीति पर भरोसा जताया है।


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