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Samastipur News: दाखिल-खारिज के नाम पर ₹3500 मांगने का आरोप, विभूतिपुर अंचल कर्मचारी का कथित वीडियो वायरल

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | समस्तीपुर के विभूतिपुर अंचल कर्मचारी सुधीर कुमार महतो से जुड़ा कथित वीडियो वायरल। दाखिल-खारिज के नाम पर ₹3500 मांगने का आरोप, वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि बाकी।

28 अक्टूबर 2026 | Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर जिले से दाखिल-खारिज के नाम पर कथित रूप से पैसे मांगने का मामला सामने आया है। विभूतिपुर अंचल कर्मचारी सुधीर कुमार महतो से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें दाखिल-खारिज के काम के बदले ₹3500 की मांग की जा रही है। वीडियो में पैसों को लेकर बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद मामले को लेकर सवाल उठने लगे हैं।


वायरल वीडियो में ₹3500 की मांग का दावा


सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित वीडियो में एक व्यक्ति को ₹3500 की राशि से एक रुपया भी कम नहीं लेने की बात कहते हुए सुना जा रहा है। बातचीत के दौरान कथित तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि यदि ₹3500 नहीं दिए जाएंगे तो काम नहीं किया जाएगा और जहां काम कराना हो, वहां करा लेने की बात कही जा रही है।


वहीं, वीडियो में दूसरे व्यक्ति को ₹2000 देने की बात कहते हुए सुना जा रहा है। इसी बातचीत को लेकर दावा किया जा रहा है कि दाखिल-खारिज के काम के बदले ₹3500 की मांग की जा रही थी।


हालांकि, वीडियो की पूरी पृष्ठभूमि, बातचीत का संदर्भ और उसमें लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।


दाखिल-खारिज के मामले में क्यों उठ रहे सवाल?


दाखिल-खारिज जमीन से संबंधित महत्वपूर्ण राजस्व प्रक्रिया है। जमीन की खरीद-बिक्री और उत्तराधिकार जैसे मामलों में लोगों को इसकी जरूरत पड़ती है। ऐसे में यदि किसी सरकारी कर्मचारी पर निर्धारित प्रक्रिया से अलग पैसे मांगने का आरोप सामने आता है, तो मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है।


विभूतिपुर अंचल कर्मचारी से जुड़े इस कथित वीडियो के सामने आने के बाद वीडियो की सत्यता, बातचीत की परिस्थितियों और संबंधित राजस्व मामले की जांच महत्वपूर्ण है। प्रशासनिक जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में सुनाई देने वाली बातचीत का वास्तविक संदर्भ क्या है।


प्रशासनिक जांच और संबंधित कर्मचारी का पक्ष महत्वपूर्ण


मामले में संबंधित कर्मचारी का आधिकारिक पक्ष सामने आना भी जरूरी है। यदि जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपों को सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।


महत्वपूर्ण सूचना: इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि Alam Ki Khabar नहीं करता है। वीडियो में दिखाई और सुनाई देने वाली सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के आधार पर प्रस्तुत की गई है। इसकी वास्तविकता, बातचीत के संदर्भ और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।


Alam Ki Khabar की नजर इस मामले पर बनी हुई है।


यह भी पढ़ें: समस्तीपुर की अन्य खबरें पढ़ने के लिए Alam Ki Khabar की वेबसाइट विजिट करें।

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