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Bihar News: पुराने सरकारी शिक्षकों को देना होगा स्पेशल TET? बिहार बोर्ड के जिम्मे आ सकती है परीक्षा

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में पुराने सरकारी शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी कराने की तैयारी तेज हो गई है। शिक्षा विभाग की बैठक में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के माध्यम से परीक्षा कराने पर सहमति की खबर है। जानिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश, शिक्षकों की नौकरी और 31 अगस्त 2028 की समय-सीमा से जुड़ी पूरी जानकारी।

30 अक्टूबर 2026 | Alam Ki Khabar: बिहार के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से पढ़ा रहे पुराने शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी अब अहम चुनौती बनती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य का शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) कराने की तैयारी में जुटा है। इस परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) को दिए जाने की संभावना है।


29 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षा विभाग की बैठक में स्पेशल टीईटी आयोजित कराने पर सहमति बनी है और बिहार बोर्ड के माध्यम से परीक्षा कराने की दिशा में पहल की जा रही है। हालांकि, परीक्षा का आधिकारिक नोटिफिकेशन, तारीख, आवेदन प्रक्रिया और पात्रता संबंधी विस्तृत नियम अभी सामने नहीं आए हैं। इसलिए फिलहाल शिक्षकों को अंतिम दिशा-निर्देश का इंतजार करना होगा।


सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्यों बढ़ी चिंता?


दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को ‘अंजुमन इशाअत-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र सरकार’ मामले में फैसला सुनाते हुए आरटीई कानून के दायरे में आने वाले स्कूलों के सेवारत शिक्षकों के लिए भी टीईटी की अनिवार्यता स्पष्ट की थी। इस फैसले का असर उन शिक्षकों पर भी पड़ सकता है, जिनकी नियुक्ति शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने से पहले हुई थी।


कोर्ट के निर्देश के अनुसार, 1 सितंबर 2025 को जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से अधिक समय बचा था, उन्हें निर्धारित अवधि में टीईटी उत्तीर्ण करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनकी सेवा जारी रखने पर असर पड़ सकता है। वहीं, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से कम समय बचा था, उन्हें सेवानिवृत्ति तक सेवा में बने रहने की छूट दी गई है, लेकिन टीईटी पास किए बिना उन्हें प्रमोशन नहीं मिलेगा।


अब 31 अगस्त 2028 तक मिला समय


शिक्षकों के लिए राहत की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2026 के फैसले में टीईटी उत्तीर्ण करने की समय-सीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी। अदालत ने राज्यों और संबंधित प्राधिकरणों से नियमित अंतराल पर टीईटी आयोजित करने का प्रयास करने को भी कहा है, ताकि शिक्षकों को परीक्षा पास करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें।


बिहार के शिक्षकों को किस फैसले का इंतजार?


बिहार में स्पेशल टीईटी कराने की तैयारी से उन पुराने शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें टीईटी की अनिवार्यता को लेकर चिंता है। लेकिन परीक्षा में किन शिक्षकों को शामिल किया जाएगा, पहले से टीईटी या सीटीईटी पास शिक्षकों को छूट मिलेगी या नहीं और परीक्षा का पाठ्यक्रम क्या होगा—इन सवालों पर आधिकारिक स्पष्टता जरूरी है।


शिक्षा विभाग और बिहार बोर्ड की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद ही परीक्षा की वास्तविक तस्वीर साफ होगी। फिलहाल पुराने शिक्षकों की नजर सरकार के अगले आदेश पर टिकी है।


पूरी खबर पढ़ने के लिए Alam Ki Khabar पढ़ें।

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