:
Breaking News

Bihar Salary Scam: मोतिहारी में 60.57 लाख के वेतन घोटाले पर पुलिस का शिकंजा, दो आरोपियों पर इनाम घोषित

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | मोतिहारी शिक्षा विभाग में 60.57 लाख रुपये के कथित वेतन घोटाले में दो आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम घोषित। HRMS भुगतान प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में।

30 अक्टूबर 2026 | Alam Ki Khabar: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में शिक्षा विभाग की वेतन भुगतान व्यवस्था में कथित सेंधमारी का मामला अब पुलिस कार्रवाई से आगे बढ़कर प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा सवाल बन गया है। करीब 60 लाख 57 हजार रुपये की कथित अनियमितता के मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। उनकी गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने 10-10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।


विभागीय जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, जून 2024 से सितंबर 2026 के बीच HRMS यानी मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से वेतन भुगतान में कथित छेड़छाड़ की गई। शुरुआती जांच में 60,57,158 रुपये के संदिग्ध भुगतान का हिसाब सामने आया है। इस मामले में डीपीओ स्थापना कार्यालय के HRMS ऑपरेटर अमन कुमार और मदरसा शिक्षक मोहम्मद इमादुद्दीन शाबिर की भूमिका संदिग्ध बताई गई है।


दो साल से अधिक समय तक कैसे चलता रहा कथित खेल?


जांच में आरोप लगाया गया है कि मृत, सेवानिवृत्त या दूसरे जिले में स्थानांतरित हो चुके शिक्षकों के नाम पर वेतन भुगतान की प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई। सरकारी राशि को कथित तौर पर आरोपियों और उनके परिवार से जुड़े बैंक खातों में भेजा गया। विभागीय स्तर पर जांच के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से मोतिहारी नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।


मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कथित भुगतान पांच बैंक खातों में किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन लेनदेन का पूरा विवरण और रकम के अंतिम हिसाब की पुष्टि पुलिस की जांच तथा बैंक रिकॉर्ड से ही होगी। <FileCite ref="turn941754search3" />


दोनों आरोपियों की तलाश में छापेमारी, 10-10 हजार का इनाम


प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान शुरू किया है। देर रात संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने HRMS ऑपरेटर अमन कुमार और शिक्षक मोहम्मद इमादुद्दीन शाबिर की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। फिलहाल दोनों की तलाश जारी है। <FileCite ref="turn941754search6" />


जांच का दायरा सिर्फ दो कर्मचारियों तक सीमित नहीं


इस पूरे मामले में अब सबसे अहम सवाल वेतन भुगतान की मंजूरी और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर है। सरकारी भुगतान व्यवस्था में बिल तैयार करने वाले मेकर, उसकी जांच करने वाले चेकर और अंतिम मंजूरी देने वाले अधिकारियों की अलग-अलग जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाना जरूरी है कि संदिग्ध भुगतान किस स्तर पर तैयार हुए, किसने उनका सत्यापन किया और किसकी मंजूरी के बाद राशि जारी हुई।


पुलिस अब HRMS के डिजिटल रिकॉर्ड, लॉगिन गतिविधियों, वेतन बिलों, बैंक खातों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। जांच में यह भी स्पष्ट करना होगा कि संबंधित कर्मचारियों को पोर्टल पर किस स्तर तक काम करने का अधिकार था और कथित बदलावों को समय रहते क्यों नहीं पकड़ा जा सका।


डीएम ने भी दिए जवाबदेही तय करने के निर्देश


मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कथित फर्जी भुगतान में भूमिका सामने आने पर मेकर, चेकर और अप्रूवल अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, दोनों नामजद कर्मचारियों के निलंबन की जानकारी भी सामने आई है। अब विभागीय और पुलिस जांच में यह तय होना बाकी है कि इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की जिम्मेदारी बनती है।


दोहरा वेतन भुगतान के दावों की भी उठी जांच की मांग


मोतिहारी में कथित वेतन घोटाले का मामला सामने आने के बाद कुछ शिक्षकों द्वारा अलग-अलग श्रेणियों में दोहरा वेतन लेने के दावे भी चर्चा में हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में नियुक्ति रिकॉर्ड, सेवा पुस्तिका, पदस्थापन और बैंक भुगतान का मिलान किए बिना किसी शिक्षक को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।


अब निगाहें जांच की दिशा पर


60.57 लाख रुपये के कथित वेतन घोटाले ने शिक्षा विभाग की डिजिटल भुगतान व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह मामला केवल दो कर्मचारियों तक सीमित है या भुगतान प्रक्रिया में अन्य स्तरों पर भी गड़बड़ी हुई? इसका जवाब HRMS रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और अधिकारियों की भूमिका की जांच से ही सामने आएगा।


फिलहाल पुलिस दो आरोपियों की तलाश में जुटी है। अब देखना होगा कि जांच में सरकारी राशि के कथित हस्तांतरण का पूरा नेटवर्क सामने आता है या नहीं और जिन स्तरों पर भुगतान की जांच एवं मंजूरी होनी थी, वहां की जवाबदेही भी तय होती है।


यह भी पढ़ें: बिहार की अन्य बड़ी खबरों के लिए Alam Ki Khabar पढ़ें।


पूरी खबर पढ़ने के लिए Alam Ki Khabar पढ़ें।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *