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Bihar Museum News:दुनिया के टॉप-10 म्यूजियम में शामिल हुआ बिहार म्यूजियम, मंत्री निशांत ने बताया ऐतिहासिक गौरव

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना के बिहार म्यूजियम को Worth a Journey की 2026 की विश्व के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों की सूची में नौवां स्थान मिला है। एशिया में पहला स्थान मिलने पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने खुशी जताई और लोगों से बिहार आने की अपील की।

3 नवंबर 2026, Alam Ki Khabar: बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। पटना स्थित बिहार म्यूजियम को जर्मनी की यात्रा पत्रिका 'वर्थ अ जर्नी' (Worth a Journey) की वर्ष 2026 की 'वर्ल्ड्स 100 बेस्ट म्यूजियम' सूची में दुनिया भर में नौवां स्थान दिया गया है। इस रैंकिंग में बिहार म्यूजियम एशिया का सर्वोच्च स्थान पाने वाला संग्रहालय बना है। इस उपलब्धि पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने खुशी जाहिर करते हुए इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया है।


मंगलवार को जारी वीडियो संदेश में मंत्री निशांत ने बिहारवासियों के साथ देश के लोगों को भी बधाई दी। उन्होंने अपील की कि लोग बिहार आएं और यहां के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति तथा ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से देखें। उनके मुताबिक, बिहार म्यूजियम को मिली यह पहचान राज्य की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने रखने का अवसर है।


नीतीश कुमार के विजन को दिया श्रेय


निशांत ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी विजन और दृढ़ संकल्प को दिया। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई 2013 को बिहार म्यूजियम की आधारशिला रखे जाने के साथ ही राज्य के इतिहास और सभ्यता को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करने की परिकल्पना की गई थी। आज संग्रहालय को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान उस सोच का परिणाम है। मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए बिहार के लोगों को शुभकामनाएं दीं।


लूव्र और न्यूयॉर्क के मेट म्यूजियम से आगे निकला


'वर्थ अ जर्नी' की 2026 की सूची में बिहार म्यूजियम ने कई प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय संग्रहालयों को पीछे छोड़ दिया है। न्यूयॉर्क का मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट इस सूची में दसवें स्थान पर है, जबकि पेरिस का प्रसिद्ध लूव्र म्यूजियम 31वें स्थान पर रखा गया है। सूची में पहला स्थान मेक्सिको सिटी के Museo Nacional de Antropología को मिला है। स्पेन का Museo del Prado दूसरे और डेनमार्क का Louisiana Museum of Modern Art तीसरे स्थान पर है।


इस सूची में बिहार म्यूजियम भारत का एकमात्र संग्रहालय बताया गया है। रैंकिंग में पर्यटकों की प्रतिक्रियाओं, आंकड़ों के विश्लेषण और स्थल पर किए गए मूल्यांकन जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है।


आधुनिक परिसर में सिमटी बिहार की हजारों साल की कहानी


पटना के बेली रोड पर स्थित बिहार म्यूजियम का परिसर 13 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है। इसकी आधारशिला 9 जुलाई 2013 को रखी गई थी। अगस्त 2015 में संग्रहालय के कुछ हिस्से आम लोगों के लिए खोले गए, जबकि अक्टूबर 2017 में शेष दीर्घाओं का उद्घाटन किया गया।


इस संग्रहालय की खासियत इसकी आधुनिक वास्तुकला के साथ बिहार के प्राचीन इतिहास को प्रस्तुत करने का तरीका है। यहां पाषाण काल से लेकर आधुनिक दौर तक की सभ्यता, कला और संस्कृति से जुड़ी धरोहरों को प्रदर्शित किया गया है। इसकी वास्तुकला में भारतीय और जापानी डिजाइन का मेल देखने को मिलता है।


दीदारगंज यक्षी से लेकर दुर्लभ कलाकृतियां हैं खास आकर्षण


बिहार म्यूजियम की प्रमुख धरोहरों में प्रसिद्ध दीदारगंज यक्षी की प्रतिमा, प्राचीन मूर्तियां, दुर्लभ सिक्के, पांडुलिपियां, कांस्य प्रतिमाएं और लोककलाएं शामिल हैं। बच्चों के लिए विशेष चिल्ड्रेन गैलरी भी बनाई गई है, जहां इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए अलग व्यवस्था है।


बिहार म्यूजियम के निर्माण की एक अहम वजह पुराने पटना म्यूजियम में मौजूद संग्रह को बेहतर तरीके से प्रदर्शित करने की जरूरत भी रही। वर्ष 1917 में स्थापित पटना म्यूजियम में बड़ी संख्या में पुरातात्विक और ऐतिहासिक वस्तुएं मौजूद थीं, लेकिन सीमित जगह के कारण सभी धरोहरों को प्रदर्शित करना संभव नहीं हो पा रहा था। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और बड़े संग्रहालय की परिकल्पना आगे बढ़ी।


बिहार म्यूजियम की वैश्विक रैंकिंग ने अब पटना को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दी है। यह उपलब्धि बिहार की ऐतिहासिक विरासत को देखने और समझने के लिए देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने का अवसर भी बन सकती है।

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